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पलामू में मिड डे मील के हॉट टब में गिरने से दो बहनों की मौत, प्रिंसिपल पर कार्रवाई

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07 December 2022


पलामू : झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत तरहसी प्रखंड के एक सरकारी मिडिल स्कूल में मिड डे मील पकाए जाने के दौरान चावल के गर्म पानी (माड़) से भरे टब में गिरने से झुलसी दो बच्चियों ने दम तोड़ दिया. दोनों बच्चियां आपस में बहन थीं. इन दोनों को इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स में दाखिल कराया गया था. मंगलवार की देर शाम छोटी बहन ब्यूटी कुमारी और बुधवार सुबह बड़ी बहन शिबू की मौत हो गई. ये दोनों स्थानीय ग्रामीण परमेश्वर साहू की बेटियां थीं. कुछ घंटे के अंतराल में दोनों बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है.

बताया गया कि बीते 24 नवंबर को तरहसी प्रखंड की सेलारी पंचायत के छेचानी मध्य विद्यालय में मिड डे मील बनाए जाने के बाद चावल का गर्म पानी (माड़) खुले टब में रख दिया गया था. इस स्कूल के पास एक आंगनबाड़ी केंद्र भी चलता है. यहां पढ़ने आई दोनों बच्चियां खेलते हुए स्कूल के मैदान के पास पहुंचीं और गर्म माड़ के टब में गिर पड़ीं. दोनों को इलाज के लिए पहले मेदिनीनगर के एमआरएमसीएच में भर्ती कराया गया था. यहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची रिम्स लाया गया था. जिला प्रशासन ने इनके इलाज के लिए 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की थी.

बीईओ ने कि कार्रवाई और प्रिंसिपल को हटाया

इधर, इस घटना के बाद प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी परमेश्वर साव ने स्कूल की सचिव सह प्रधानाध्यापिका उमा देवी को शो कॉज करते हुए उनके पद से हटा दिया है. मिड डे मील की संयोजिका शोभा देवी और रसोईया कालो देवी एवं सविता देवी को कार्य मुक्त कर दिया गया है. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ.

नेतरहाट आवासीय विद्यालय में दाखिले के लिए आज से भरे जाएंगे आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया

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15 October 2022


रांची : नेतरहाट आवासीय विद्यालय में छठी क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आज यानी शनिवार से एडमिशन के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से फार्म भरे जाएंगे. वहीं, फार्म भरने की आखिरी तारीख 30 नवंबर होगी. बता दें कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय में एडमिशन लेने के लिए बच्चों को एक परीक्षा देना होता है जो ढ़ाई घंटे की होती है. वो परीक्षा सभी प्रमंडल मुख्यालयों में 29 जनवरी को होगी.  


परीक्षा के बारे में जानिए
नेतरहाट आवासीय विद्यालय के छठी क्लास में एडमिशन के लिए जो एग्जाम होता है उसमें कुल 100 अंको के प्रश्न पूछे जाते हैं. जिसमें मानसिक योग्यता, हिंदी, गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान विषय से प्रश्न शामिल होते हैं. बता दें कि सभी विषय में पांच अंकों के ऑब्जेक्टिव ओर सब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रवेश परीक्षा में पांचवी क्लास तक के प्रश्न पूछे जाएंगे. वहीं, लिखित परीक्षा में पास होने के बाद छात्रों का मेडिकल जांच और सभी पेपर को चेक करने के बाद 100 छात्रों का नामांकन होता है.

छात्रों के पास ये होना अनिवार्य
दरअसल, प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी को झारखंड का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है. अभ्यर्थियों को इस संबंध में सक्षम प्राधिकार अंचलाधिकारी (CO) या अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) द्वारा निर्गत निवास प्रमाण पत्र देना होता है. वहीं, छात्र की उम्र एक अगस्त 2022 को 10 वर्ष से कम और 12 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. छात्रों को झारखंड के किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से पांचवी की परीक्षा पास होना अनिवार्य है.

स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध छात्राओं ने खोला मोर्चा, रैली निकाल प्रखंड कार्यालय का किया घेराव

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19 September 2022


अभाविप का भी मिला समर्थन, व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप

गंभीर सवाल...क्या मौत का इंतजार कर रही सरकार, क्यूं नहीं वादों को पहना रही अमलीजामा ?

चतरा : चतरा में विद्यालय प्रबंधन व व्यवस्था के मनमाने और नकारात्मक रवैये के विरुद्ध स्कूली छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है. स्कूल के जर्जर भवन और विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के घोर अभाव से नाराज छात्राओं ने व्यवस्था के विरुद्ध हल्ला बोलते हुए रैली निकालकर जमकर हंगामा किया. इस दौरान छात्राओं ने इटखोरी प्रखंड कार्यालय का भी घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की. मामला जिले के इटखोरी प्रखंड मुख्यालय में संचालित सबसे पुराने परियोजना बालिका उच्च विद्यालय से जुड़ा है.

प्रखंड कार्यालय का घेराव व हंगामे के बाद मौके पर धरने पर बैठी छात्राओं ने प्रखंड प्रशासन के साथ-साथ जिला प्रशासन और सरकार पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्राओं के इस आंदोलन को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दे दिया है. अभाविप कार्यकर्ता भी झंडा और बैनर लेकर छात्राओं के साथ प्रखंड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि लगभग 49 वर्ष पूर्व 1974 में प्रखंड क्षेत्र में निवास करने वाली बच्चियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के नियत से विद्यालय भवन का निर्माण हुआ था. लेकिन उसके बाद से अब तक ना तो विद्यालय भवन की मरम्मत ई हुई है और ना ही किसी प्रकार का जीर्णोद्धार। जिसके कारण विद्यालय की छत टूट-टूट कर गिरने लगी है. इतना ही नहीं विद्यालय में छात्राओं के लिए शौचालय तक की भी व्यवस्था नहीं है. एक पुराना जर्जर शौचालय है भी तो उसमें दरवाजा तक नहीं है. 

छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में चारदीवारी नहीं रहने के कारण वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. यदा-कदा छोटे-मोटे भवन रिपेयरिंग का काम भी होता है तो उसे असामाजिक तत्व के लड़कों के द्वारा तोड़ दिया जाता है. जिससे आज विद्यालय में पढ़ने वाली करीब 400 छात्राओं का ना सिर्फ भविष्य अंधकार में है बल्कि जान भी खतरे में है. कई बार विद्यालय भवन का छत टूट कर गिरने से कई छात्राएं भी घायल हो चुकी है. बावजूद ना तो आज तक स्कूल प्रबंधन के कान पर जु रेंगा है और ना ही प्रखंड प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ही छात्राओं की सुध ली है. 

दसवीं कक्षा की छात्रा अराधना कुमारी ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि सरकार और उसके नुमाइंदों के साथ-साथ नेता एक और महिला सशक्तिकरण की बात करते है. वहीं दूसरी ओर महिलाओं के उत्थान की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की जाती. चुनाव के दौरान नेता और सरकार बिजली मुफ्त देंगे व अन्य घोषणाएं करती है. लेकिन किसी के द्वारा शिक्षा सुदृढ़ीकरण और स्कूलों को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. छात्राओं के अनुसार विद्यालय का भवन तो जर्जर है ही यहां शिक्षकों का भी घोर अभाव है. विद्यालय के बगल में जर्जर गंदी नालिया है. जिससे मच्छर का प्रकोप बना रहता है. छात्राओं के गंभीर बीमारियों के चपेट में आने का भय बना रहता है. स्कूल कैंपस से जर्जर बिजली का तार गुजरता है. जिसके कारण बच्चों का मानसिक विकास तो दूर शारीरिक विकास भी बाधित है. जिसकी शिकायत दर्जनों बार शिक्षा विभाग के अलावा प्रखंड प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से की गई है. इतना ही नहीं जनप्रतिनिधियों से भी छात्राओं ने जर्जर भवन के जीर्णोद्धार की गुहार लगाई थी. लेकिन किसी ने इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

ऐसे में बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या सरकार और जनप्रतिनिधि विद्यालय में किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं. छात्राओं ने कहा कि समाज से लड़कर किसी तरह विद्यालय तो पहुंचती हैं, लेकिन यहां उन्हें शिक्षा मिलने के बजाय भ्रष्ट व्यवस्था से उत्पन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर यही स्थिति रही तो यहां पढ़ने वाली एक भी छात्रा भविष्य में कुछ बेहतर नहीं कर पाएगी. वही छात्राओं के आंदोलन को समर्थन देने वाले अभाविप के छात्र नेताओं ने कहा है कि जब तक जर्जर भवन के जीर्णोद्धार व छात्राओं के समक्ष उत्पन्न समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं निकल जाता तबतक आंदोलन और धरना जारी रहेगा. अभाविप ने मौके पर उपायुक्त को बुला कर छात्राओं की समस्या का समाधान कराने की मांग की है. हालांकि छात्राओं के आंदोलन और धरने के सूचना के बावजूद अबतक मौके पर कोई भी अधिकारी उनका सुध लेने नहीं पहुंचा है. जिससे छात्राओं और छात्र संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. 

शिक्षा मंत्री ने प्राइवेट स्कूलों को तीन माह तक फीस नहीं लेने का दिया आदेश, कहा अभिभावक फीस देने में सक्षम नहीं

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29 April 2020


DESK : कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर सरकार लगातार ऐहतियात बरत रही है. लॉकडाउन के  बीच बंद स्कूलों के लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है.

झारखंड में कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत दी है. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने इस संबंध में विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव को मंगलवार को स्वीकृति दे दी है. 
शिक्षा मंत्री ने फिलहाल राज्य के निजी विद्यालयों में तीन माह तक किसी प्रकार के शुल्क लेने पर रोक लगा दी है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने निर्देश दिया है कि कोरोना संकट के दौरान अभिभावकों पर शुल्क के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाये. स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को किसी प्रकार की सुविधा से वंचित नहीं किया जाये. इस मामले को लेकर शिक्षा मंत्री ने कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है. कमेटी इस मामले में पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी. कमेटी को एक माह के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है. इसी के आधार पर सरकार अंतिम निर्णय लेगी.

कोरोना वायरस: सरकार के आदेश के बाद CBSE की परीक्षा स्थगित

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19 March 2020


नई दिल्ली : देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सीबीएसई सभी शैक्षणिक संस्थानों को चल रही परीक्षाओं को 31 मार्च तक स्थगित करने के आदेश दिये हैं. एचआरडी मंत्रालय की राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने आईआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा 'जेईई' को स्थगित कर दिया है.

केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं कक्षा की जारी परीक्षाएं बुधवार को 31 मार्च तक स्थगित कर दीं. सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा, ‘‘भारत और विदेश में सीबीएसई की जारी परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित की जाती हैं और इसे स्थिति के आकलन के बाद पुन: निर्धारित किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘जारी मूल्यांकन कार्य भी इस अवधि के दौरान निलंबित रहेगा.’’

निशंक ने किया था ये ट्वीट 
मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर कहा कि- छात्रों की सेहत का ध्यान रखते हुए मैंने सीबीएसई और एआईओएस को सभी परीक्षाएं 31 मार्च 2020 तक स्थगित करने के निर्देश दिए हैं. मैं सभी छात्रों से अनुरोध करता हूं कि वे स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी की गई हेल्थ एडवायज़री का जरूर पालन करें.

 मंत्रालय की ओर से दिए गए ये निर्देश
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बुधवार को सीबीएसई और देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया कि कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर सभी परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित कर दी जाएं.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने एक आधिकारिक संदेश में कहा, ‘‘शैक्षिक सत्र और परीक्षा कार्यक्रम बनाये रखना जरूरी है, लेकिन साथ ही विभिन्न परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के साथ ही शिक्षकों एवं अभिभावकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.’’

उन्होंने कहा, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा सहित चल रही सभी परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित की जाएं और उसके बाद पुन:र्निर्धारित की जाएं.

coronavirus : हेमंत सोरेन ने लिया बड़ा फैसला, 14 अप्रैल तक बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज और सिनेमाहॉल

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16 March 2020


रांची : कोरोना वायरस अब तक दुनिया के 172 देशों में पांव पसार चुका है. चीन के बाद इसका सबसे ज्यादा असर इटली में देखा जा रहा है. यहाँ केवल एक दिन में इस वायरस की वजह से 300 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. 

वहीँ भारत में इससे बचाव के लिए कई एहतियाती कदम उठाये गए है. कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. वहीँ आज झारखण्ड में सीएम हेमंत सोरेन ने बड़ा एलान किया है. 

वहाँ सभी शिक्षण संस्थानों, सिनेमाहॉल और मॉल को 17 मार्च से 14 अप्रैल तक बंद रखने का आदेश दिया है. उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला किया गया है. 

बताते चले की इसके पहले विपक्षी पार्टियों की ओर से सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था की सरकार को आम लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल नहीं है. 

बड़ी खबर : झारखंड में लागू होगी नई स्थानांतरण नीति, शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से जमे शिक्षक-शिक्षिकाओं का ग्रामीणों क्षेत्रों में किया जायेगा तबादला

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08 February 2020


UB DESK : प्रदेश की शिक्षा-व्यवस्था में सुधार लाने के लिए झारखंड की न ई हेमंत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाय़ा है. सरकार ने शिक्षा विभाग में नई स्थानांतरण नीति को अपनाने का फैसला किया है.

नई स्थानांतरण नीति में सभी महिला-पुरुष शिक्षकों को शहरी, ग्रामीण से लेकर नक्सली क्षेत्रों तक में अपनी सेवा देनी है. इसमें हर शिक्षक को अपनी सेवा का पांच साल इन क्षेत्रों में काम करना है. इसकी शुरुआत भी इस साल से होगी. अगर कोई शिक्षक-शिक्षिका लंबे समय से शहरों में कार्यरत हैं तो उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित किया जाएगा.


सोशल ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग इसकी तैयारी शुरु कर दी है.
बताया जा रहा है कि सूबे के सरकारी स्कूलों में कराए गए सोशल ऑडिट में पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षिकाएं शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम हैं. बड़े स्कूलों में भी महिला शिक्षिकाओं का अभाव दिखा जबकि स्कूलों में आधे पुरुष और आधी महिला शिक्षिकाएं होनी चाहिए.
वहीं, बड़े स्कूल जहां छात्र के अनुपात में छात्राएं ज्यादा हैं, वहां पुरुष से ज्यादा महिला शिक्षिकाएं होनी चाहिए. सोशल ऑडिट की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग इसे शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के समक्ष रखेगा. इसके बाद स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

पारा शिक्षक : बड़ी खुशखबरी, बजट से पहले नया मानदेय, हटाए गए शिक्षकों के सेवा पर भी विचार

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06 February 2020



UB DESK : झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. एक ओर जहां सरकार बजट सत्र से पहले राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों के नए मानदेय को मंजूरी देने का फैसला किया है. इतना ही नहीं हटाए गए पारा शिक्षकों की सेवा पर भी विचार किया जायेगा.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ अधिकारियों की उच्चस्तरीय़ कमेटी और पारा शिक्षकों के शिष्टमंडल के साथ हुई वार्ता में यह सहमति बनी है.

बैठक में 5200-20200 रुपये के बीच मानदेय पर सहमति बनी है. वहीं इसके लाभ के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में फंसे पेंच को 15 दिनों के अंदर दूर कर लिए जाने की बात की गई है. इतना ही नहीं शिक्षा मंत्री ने  पारा शिक्षकों पर  दर्ज मुकदमे को भी वापस लिये जाने का निर्देश दिया है.
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वहीं शिक्षा मंत्री ने कहा है कि पिछली सरकार ने करीब 3500 अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को हटा दिया था. सरकार उन शिक्षकों के सेवा पर  फिर से विचार कर रही है. उनके फाइलों को निकाल कर देखा जा रहा है. जल्द ही इस मामले का भी समाधान कर दिया जायेगा.

Bihar Intermediate Exam 2020: बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा आज से, जूता-मोजा पहनने पर रोक

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03 February 2020


पटना: बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा सोमवार से शुरू हो रही है. इंटर की परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड ने सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली हैं. इंटर की ये परीक्षा राज्य के 1283 केंद्रों पर 3 फरवरी से 13 फरवरी तक दो पालियों में चलेगी. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा में कुल 12,5,390 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरा है. इसमें 5,48,736 छात्राएं हैं, जबकि 6,56,654 छात्र सम्मिलित होंगे.


जूता-मोजा पहन कर आना वर्जित होगा 

इंटर की परीक्षा में इस बार कोई परीक्षार्थी परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहन कर नहींं आएंगे अन्यथा उन्हें प्रवेश की अनुमति नहींं मिलेगी. प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ 9:30 बजे होने से 10 मिनट पहले और द्वितीय पाली में परीक्षाा प्रारंभ होने के समय 1:45 बजे से 10 मिनट पूर्व परीक्षा भवन में प्रवेेश की अनुमति दी जाएगी. देर से आने वाले छात्रों को परीक्षा भवन में प्रवेश नहीं मिलेगा. साथ ही परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा के अंदर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी.

वीक्षक भी नहीं रखेंगे मोबाइल फोन 

परीक्षा कक्ष में कोई भी परीक्षार्थी एवं वीक्षक मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे. यदि किसी भी छात्र का प्रवेश पत्र गुम हो गया हो या भूल से घर पर छूट गया हो तो ऐसी स्थिति में उपस्थित पत्रक में सेकंड फोटो से उसकी पहचान कर और रोल सीट से सत्यापन कर परीक्षा में बैठने की फौरी अनुमति दी जाएगी. 

पटना में बनाए गए हैं 82 केंद्र 

परीक्षा के लिए पटना में 82 परीक्षाा केंद्र बनाए गए हैं जहां 71283 विद्यार्थी परीक्षाा देंगे इसमें 33486 छात्राएं और 37797 छात्र हैं. सभी जिलों में पर त्रिस्तरीय मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है. जोनल, सब जोनल और सुपर जोनल स्तर पर मॉनिटरिंग होगी. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि कदाचारमुक्त परीक्षा के आयोजन कराने को लेकर सभी जिलों के डीएम और एसपी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं. सभी जिलों में अलग से जोनल सुपर जोनल दंडाधिकारी और पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की भी प्रतिनियुक्ति की गई है. सभी परीक्षा केंद्रों पर जहां धारा 144 लागू रहेगी. वहीं सीसीटीवी और वीडियो कैमरे से भी परीक्षा केंद्रों की निगरानी होगी.

10 मिनट पहले पहुंचना होगा सेंटर
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक प्रतिनियुक्त रहेंगे और परीक्षा में भाग लेनेवाले परीक्षार्थियों का बारीकी से दो बार जांच की जाएगी. किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर केंद्र पर पहुंचनेवाले परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया जाएगा. परीक्षार्थियों को हर हाल में परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले तक केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा और समय सीमा पर नहीं उपस्थित होनेवालों को अनुमति नहीं मिलेगी.
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हर जिले में मॉडल सेंटर
परीक्षा को लेकर हर जिले में 4-4 आदर्श केंद्र स्थापित होंगे जहां परीक्षार्थियों से लेकर वीक्षक और अधिकारी भी महिलाएं ही होंगी, किसी भी तरह से कदाचार और फर्जीवाड़ा नहीं हो सके इसको लेकर इस बार पहली बार बोर्ड ने नया प्रयोग किया है और सभी उत्तरपुस्तिका और ओएमआर शीट पर परीक्षार्थियों की तस्वीर लगी रहेगी. जाहिर है बिहार बोर्ड हर साल कदाचार पर रोक लगाने के लिए कुछ नया प्रयोग कर रहा है, ताकि इतिहास की बदनामी मिट सके और वर्तमान और भविष्य सुनहरा हो सके.

बड़ी खबर: कस्तूरबा की नौवीं की छात्रा हुई गर्भवती, शिक्षा विभाग में हड़कप

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28 January 2020


गढ़वा: जिला में इन दिनों विद्या का मंदिर लगातार कलंकित होते जा रहा है. अभी कुछ माह पहले ही मझिआंव कस्तूरबा ग़ांधी आवासीय विद्यालय में छात्रा का गर्भवती होने का मामला दबा भी नही था कि नया मामला कांडी प्रखंड में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वी की छात्रा का गर्भवती होने का आया है.

दरसअल, मझिआंव से तीस किलोमीटर दूर स्थित कांडी कस्तूरबा स्कूल की एक छात्रा के गर्भवती होने का मामला सामने आ गया, पहले वाले मामले में जांच और स्कूल में सारी एहतियात बरतने की बात करने वाले विभागीय अधिकारी यानी जिला शिक्षा पदाधिकारी राम प्रसाद मंडल एक बार फ़िर जांच वाला जुमला दुहरा रहे हैं.

नोट: उक्त मामले की उदय भारत अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं करता और सारी सूचनाएं सूत्रों के आधार पर है.

DM का अनोखा आदेश: कड़ाके की ठंड में जारी कर दिया गर्मी की छुट्टी का फरमान

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12 January 2020


पटना: सरकारी विभागों और अधिकारियों के काम-काज का नमूना देखना हो, तो आप बिहार के गोपालगंज  में आएं. जहां जिलाधिकारी ने कड़ाके की ठंड (Cold wave) के बीच स्कूलों में गर्मी की छुट्टी (Heat Wave) का आदेश जारी कर दिया है. डीएम के के इस अजीबो-गरीब आदेश से शिक्षा विभाग में जहां खलबली मच गई है, वहीं इसकी चर्चा चहुंओर पसर गई है. जिले के डीएम अरशद अजीज के अनोखे आदेश और पत्र को लेकर सवाल उठने लगे हैं. अभी जबकि गोपालगंज में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, ऐसे में जिलाधिकारी ने हीट वेव यानी लू की वजह से स्कूल बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है.

14 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश
गोपालगंज के डीएम ने जो आदेश जारी किया है, उसमें पहली से लेकर 8वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 14 जनवरी तक स्कूल बंद रखने को कहा गया है. News 18 के पास मौजूद जिलाधिकारी के इस पत्र में साफ लिखा गया है कि डीएम ने गर्मी की छुट्टी का आदेश जारी कर दिया है. पत्र प्राप्त होते ही जहां जिले के स्कूल प्रबंधन असमंजस में पड़ गए हैं, वहीं नियोजित शिक्षक संघ ने डीएम के रवैये पर सवाल खड़ा कर दिया है. शिक्षक नेता आनंद मिश्रा ने कहा कि डीएम के कारनामे के खिलाफ शिक्षक संघ जांच की मांग करता है. ऐसे अधिकारी के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इससे न सिर्फ स्कूल प्रबंधन असमंजस में है, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के बीच भी गफलत फैल रही है.
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पहले भी दे चुके हैं ऐसे आदेश
गोपालगंज के डीएम अरशद अजीज ने पहली बार यह 'कारनामा' नहीं किया है. आरोप है कि इससे पहले भी उन्होंने एक बार वर्ष 2029 तक की छुट्टी का निर्देश जारी कर दिया था. वहीं, शनिवार को जारी किए गए पत्र में डीएम का हस्ताक्षर भी है और यह जिले के एसपी, सभी एसडीएम, डीईओ, डीपीओ और बीईओ को भेजा गया है. गौर करने वाली बात यह है कि पत्र पाने वाले अधिकारियों ने भी डीएम को इसकी गलती के बारे में नहीं बताया. 5 घंटे बाद भी पत्र में सुधार नहीं किया गया है. हालांकि जिले के एसपी मनोज तिवारी ने कहा कि डीएम को इस गलती के बारे में सूचना दे दी गई है.

CAA: विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रा ने फाड़ी नागरिकता कानून की कॉपी

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25 December 2019


कोलकाता: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ तरह-तरह से विरोध जारी है. अब जादवपुर विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने दीक्षांत समारोह में अपनी डिग्री ग्रहण करने के दौरान सीएए की कॉपी फाड़कर विरोध जताया. छात्रा ने कहा कि इस विवादास्पद कानून का विरोध करने का उसका यह तरीका है.



खुद को कला विभाग की छात्रा बताने वाली देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि उसने सीएए के दस्तावेज को कूड़े में डालने का इसलिए चुनाव किया क्योंकि यह सच्चे नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए बाध्य करता है. इस दौरान मंच पर कुलपति, उपकुलपति और रजिस्ट्रार मौजूद थे.ये भी पढ़े: मंत्री की धमकी, एयरपोर्ट से नहीं निकल पाएंगे अमित शाह

विश्वविद्यालय का अपमान नहीं, डिग्री मिलने पर है गर्व
छात्रा ने कहा, 'कोई संशय नहीं रहना चाहिए। मैं जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रति कोई असम्मान नहीं दिखा रही हूं. इस पसंदीदा संस्थान से यह डिग्री मिलने पर मैं गर्व महसूस कर रही हूं लेकिन मैंने सीएए के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए इस मंच का चुनाव किया. मेरे साथी दीक्षांत समारोह स्थल के द्वार पर धरने पर बैठे हैं.’

देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि उसके कुछ दोस्तों ने सीएए के विरोध में कुलपति से डिग्री लेने से मना कर दिया. एक अन्य विद्यार्थी अर्कोप्रोभो दास ने कहा कि उसके 25 सहपाठी अपनी डिग्रियां लेने मंच पर नहीं पहुंचे. दिन में प्रदर्शनकारियों ने दीक्षांत समारोह में शिरकत के लिए पहुंचे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोका था.

कस्तूरबा विद्यालय की आठवीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

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19 December 2019


गढ़वा: पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिला अंतर्गत मझिआंव प्रखंड में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 14 वर्षीय आठवीं क्लास की छात्रा के मां बनने का खुलासा होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. खबर के मुताबिक छात्रा ने इसी वर्ष 28 जून को मझिआंव रेफरल अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है. बच्चा एक एएनएम के पास है. इधर, छात्रा की मां बनने की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं.


मामला संज्ञान में आने पर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी सीडब्ल्यूसी ने इसकी बारीकी से जांच की है. इस मामले को सेक्स रैकेट से भी जोड़कर देखा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के जैविक पिता की पहचान कर ली गयी है. इसकी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट की अनुशंसा करने की तैयारी की जा रही है.

जांच रिपोर्ट में विद्यालय की वार्डन के अलावे डीएसई समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया गया है. इसके अलावा जिस घर में छात्रा और बच्चे के जैविक पिता मिलते थे, उस घर की मालकिन और उसके पिता को भी आरोपी बनाया गया है. सीडब्ल्यूसी ने अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंप दी है. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए सीआईडी के एडीजी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली आईसीपीएस के निदेशक सह सचिव विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सहित डीसी व एसपी को पत्र लिखा है. 
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन को बताया कि तत्कालीन वार्डन, शिक्षिका, गार्ड और आवासीय विद्यालय की एएनएम ने उसे 27 जून की रात 12.30 बजे मझिआंव रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, उसी दिन दोपहर 2.10 बजे उसने सामान्य प्रसव से एक बच्चे को जन्म दिया. प्रसव के बाद जब उसे होश आया तो उससे कहा गया कि वह कुंवारी है, इसलिए यह बच्चा एएनएम को सौंप दें नहीं तो बदनामी झेलनी पड़ेगी.
मामला संज्ञान में आने पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उपेंद्र नाथ दुबे में 5 सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई. टीम में सुशील कुमार द्विवेदी, विनयपाल, चाइल्ड लाइन की कंचन अमूल्य तिग्गा, पीएलबी उमाशंकर द्विवेदी और जितेंद्र कुमार शामिल थे. टीम की रिपोर्ट आने के बाद छात्रा व उसकी मां के साथ विद्यालय की चार शिक्षिकाओं, दो सुरक्षा प्रहरी, एक होमगार्ड जवान, दो रसोइया और एक महिला ने सरकारी गवाह के रूप में बयान दर्ज कराया है.
                                             उपेंद्र दुबे,अध्यक्ष,सीडब्ल्यूसी
उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी व सहयोग से प्रसव कराया गया है. बरडीहा थाना के एएसआई ने सीडब्ल्यूसी में लाकर सभी का बयान दर्ज कराया गया है. सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उपेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि पॉक्सो एक्ट का मामला होने के कारण इसे जेजे बोर्ड को भेजा गया है. जो जांच की है, उसकी रिपोर्ट भी बोर्ड को भेज दी गयी है.

प्रखंड के स्कूलों में धूम धाम से मनाई गई महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती, बच्चो ने प्लास्टिक मुक्त भारत का लिया संकल्प

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02 October 2019

पलामू : उंटारी रोड प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में बुधवार को गांधी जयंती मनाई गई. छात्रों ने स्वच्छता अभियान, गीत-गायन, नृत्य, नाटक, पेंटिंग, निबंध आदि गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का अपना परिचय दिया. साथ ही छात्रों ने गांधी जी के जीवन के बारे में भी जाना.


राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेचरिया में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत छात्रों को स्वच्छता के बारे में बताया. प्रधानाध्यापक विजय यादव ने छात्रों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया. और बच्चो ने संकल्प लिया की प्लास्टिक मुक्त भारत बनाएंगे.


राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय भदुमा में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई. प्रधानाध्यपक जोगिंद्र चौधरी ने गांधी और शास्त्री के जीवन पर प्रकाश डाला. एवं सह शिक्षक अजीत कुमार ने बताया की प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने से सभी नागरिक सवस्थ रहेंगे.
राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवगढ़ में गांधी जयंती पर विशेष प्रार्थना सभा कर रैली निकाली गई. सह शिक्षक राजेश मिश्रा ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी. प्रधानाचार्या कृष्णा राम ने सभी छात्रों को गांधी जी के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया. एवं बच्चो ने आस पास के सभी प्लास्टिक व कचड़ा को चुनकर डस्टबिन में जमा किया.


गांधी+2 विद्यालय में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत सभी शिक्षकों और छात्रों ने साफ-सफाई की. मौके पर प्रधानाध्यापक बृहस्पत कुमार चौबे ने सभी शिक्षक व छात्रों के साथ संकल्प लिया की प्लास्टिक का उपयोग कभी नहीं करेंगे प्लास्टिक मुक्त भारत बनाएंगे.
प्रखंड के सतबहिनी छतरपुर लहर बनजारी जोगा बिरजा कुल्ही जमडीहा देवडर मुर्मा कला पांडेपूरा में गांधी जी के 150वां जयंती मनाया गया. इस मौके पर प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक शामिल रहे.


विद्यालय में सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर चला जागरूकता, बहिष्कार का लिया शपथ

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28 September 2019


पलामू : उंटारी रोड प्रखंड अन्तर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवगढ के प्रांगण में प्लास्टिक पॉलोथिन के नुकसान को लेकर शिक्षकों ने बच्चों व ग्रामीणों के बीच जागरूक किया.


सम्बोधित करते हुए विद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि प्लास्टिकों में ऐसे रसायनिक तत्व मिले होते है की वर्षो - वर्ष जमीन में दबे होने के वावजूद उसे सड़ने या गलने नहीं देती साथ ही जमीन की उर्वरा शक्ति छीन लेती हैं, हम बाजार से सिंगल यूज़ प्लास्टिकों में सब्जियाँ तथा खाद्य पदार्थ लाते है बाद में उन्हीं प्लास्टिकों में सब्जियों के छिलके तथा खाद्य पदार्थ हमारे द्वारा यत्र तत्र फेक दिया जाता है. खाद्य सामग्रियों  के साथ दुधारु पशुएं इसे भी खा जाती हैं जिससे उनका दुध जहरीला हो रहा है. ऐसे पशुओं से प्राप्त दुध मानव  शरीर से रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक कश क्षमता छीन लेतीं हैं यह मैं नहीं कह रहा बल्कि विज्ञान कहता हैं.

यही कारण है कि पुरे देश में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विरोध में मुहीम चल रही है. इस मुहीम को सफल बनाने में समाज के हर वर्ग और हर उम्र के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
विद्यालय के बच्चों ने भी प्रधानाध्यापक कृष्णा राम तथा सहयोगी शिक्षिका ममता पांडेय के नेतृत्व में इस मुहीम में भाग लेते हुए जिला जल एवं स्वच्छता विभाग के आदेश के आलोक में आज विद्यालय के आस पास के प्लास्टिकों को इकठ्ठा कर एक निश्चित स्थान पर इकठ्ठा किया साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार की भी शपथ ली. बच्चों ने बालसंसद के नेतृत्व में दो अक्टुबर तक नित्यप्रति सुबह के समय में अपने घर के आस पास से प्लास्टिक इकठ्ठा कर विद्यालय लाने का भी निर्णंय लिया.

स्कूल की अनोखी पहल, बच्चों ने प्लास्टिक छोड़ने के लिये दुकानदार को ठोंगा भेंट

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24 September 2019

पलामू : सदर मेदिनीनगर अंतर्गत रजवाडीह मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 'एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक' के इस्तेमाल को रोकने के लिये जागरूकता का नायाब तरीका अपनाया. छात्र-छात्राओं ने इसके लिये पहले विद्यालय में कागज का ठोंगा बनाया और फिर उसे एक दुकानदार श्यामदेव राम उर्फ भगत जी को भेंट कर दिया.

इस दौरान दुकानदार भगत काफी खुश दिखे और उन्होंने इस पहल की सराहना की. साथ ही पोलीथीन के थैले में सामग्री नहीं बेचने के लिये बच्चों को आश्वस्त भी किया.
जागरूकता व हुनरमंदी को लेकर शिक्षिका प्रियंका कुमारी एवं पूनम रानी ने बच्चों को पहले ठोंगा बनाने सिखाया और फिर उनसे बनवाकर देखा. बच्चों ने इस गतिविधि में खूब आनंद लिया, इस क्रम में उन्हें प्लास्टिक से होनेवाले नुकसान के प्रति सचेत किया गया.


प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी ने बताया 

प्लास्टिक के बेतहाशा उपयोग से मिट्टी, जल व वायु प्रदूषित हो रहे हैं. यत्र तत्र बिखरे प्लास्टिक जानवरों के लिये जानलेवा साबित रहे हैं. बरसात में प्लास्टिक से नाला जाम हो जाना आम बात है. संकट क्रमशः विकराल हो रहा है. प्लास्टिक के अतिशय प्रयोग को पहले कम करना और फिर खत्म करना हमारे हाथ में है. इसलिए बिना वक्त गंवाये इस दिशा में हरेक का पहल आवश्यक है.

पर्यावरणविद कौशल ने कस्तूरबा में छात्रों को पढ़ाई पर्यावरण धर्म की पाठ, 8 राज्यों में पौधरोपण कर वृक्षों पर किया रक्षाबंधन

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23 September 2019



पलामू : हजारीबाग के बरसोत बरही कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में बतौर मुख्य अतिथि विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्म व वनराखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण कर किया. पौधरोपण राष्ट्रीय गान एवं पर्यावरण धर्म की प्रार्थना के साथ किया गया. कार्यक्रम में शामिल लोगों को पौधरोपण के बाद पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की शपथ दिलाई गई.

श्री कौशल ने कार्यक्रम में शामिल लोगों को बताया कि वे इस अभियान को पिछले 52 वर्षों से अपनी निजी खर्चों पर न केवल झारखंड में चला रखा है बल्कि नेपाल भूटान समेत देश के 20 राज्यों के 77 जिलों के अलग- अलग हिस्सों में अबतक 37 लाख निःशुल्क पौधे वितरण शह रोपण कर चुके हैं . उनके द्वारा लगाए गए पौधे 10 वर्षों के बाद वृक्ष होने पर जब कटने लगे तभी वे वृक्षों को काटने से बचाने के लिए पर्यावरण धर्म चलाया. उसके आठ मूल मंत्रों के साथ वृक्षों पर रक्षाबंधन कर इस अभियान को आगे बढ़ाया. इससे उनके द्वारा लगाए गए पौधे के साथ साथ सरकार द्वारा कटाई किए जाने वाले वनों की नीलामी भी बंद कराने में सफलता मिली. यह मुहिम आज से 42 वर्ष पहले चलाई गयी थी. वनराखी मूवमेंट के तहत अब तक करीब पांच लाख वन वृक्षों पर राखियां बांध कर पेड़ों की रक्षा की जा चुकी हैं. वनराखी मूवमेंट में शामिल होकर जिन महिला- पुरुषों ने पेड़ों की सुरक्षा प्रदान करने में अपनी अहम भागीदारी निभा रहे हैं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए अंगवस्त्र देकर समय- समय पर सम्मानित भी किया जाता रहा है. वर्ष 2019 में दस राज्यों के स्थान पर अब देश के 20 राज्यों में विभिन्न स्थानों पर रक्षाबंधन और पर्यावरण धर्म पर गोष्ठी के आयोजन कर दो लाख निःशुल्क पौधा वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित कर कार्यक्रम की शुरुआत पलामू जिले के ग्राम पंचायत डाली बाजार के कौशल नगर से की गई थी. उसी कड़ी में हजारीबाग के बरही कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में पौधरोपण कर लोगों के बीच निःशुल्क पौधे भी वितरित किये गए.


पर्यावरणविद कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे विश्व में प्रदूषण की आग लगी है जिसे पानी से नहीं शुद्ध हवा से ही बुझाया जा सकता है. शुद्ध हवा बनाने का कोई उद्योग नहीं है. इसे केवल पेड़ पौधे से ही प्राप्त किया जा सकता है. इसलिए सभी लोगों को पर्यावरण धर्म को आत्मसात कर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उसे बचाने की जरूरत है. तभी धरती के 84 लाख योनि जीवो के बचाया जा सकेगा.

 उन्होंने कहा कि आजादी की दूसरी लड़ाई प्रदूषण के खिलाफ लड़ना होगा. पूरे विश्व के लोगों को एकजुट होकर पौधा रूपी मिसाइल से प्रदूषण नामक शत्रु को समाप्त करना होगा. नहीं तो धरती के तापमान जिस कदर बढ़ रही है वैसी हालात में 84 लाख योनि जीवों पर जल संकट के साथ-साथ ऑक्सीजन संकट भी होना तय है. इस भयावह स्थिति से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्र अपनाते हुए पौधा लगाना और बचाना होगा.


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वार्डेन श्रीमती सिंपल समेत कई वक्ताओं ने अपने संबोधन में पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल की ओर काफी लंबे अरसे से निःस्वार्थ और निःशुल्क किये जा रहे समाज सेवा को सराहनीय कदम बताया. संचालन श्रीमती ज्योति वर्मा ने की. जबकि धन्यवाद ज्ञापन नेहा कुमारी ने किया. कार्यक्रम में पुष्पा टोप्पो, आर्गन टोप्पो, दीपक कुमार, पिंटू, विनोद, सबवा देवी, रीना, अशोक, यीशु सिंह, अविनाश, गौतम, अनिल समेत स्कूल के सैकड़ो -छात्राएं और अभिभावक लोग शामिल थे.

मतदान केंद्रों पर चल रहा था मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम, उपायुक्त ने मतदान केंद्रों का किया औचक निरीक्षण

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15 September 2019



पलामू : उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि ने  15 सितंबर 2019 को पलामू जिले के नावाबाजार और हुसैनाबाद प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान वे नावा बाजार प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय पहुंचे और  वहां स्थित मतदान केंद्र संख्या 339, 340 और 341 का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झारखंड राज्य में विधानसभा आम चुनाव-2019 के मद्देनजर मतदाता सूची का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य विशेष कैंप लगाकर चल रहा है.  मतदान केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत बीएलओ क्रमशः बिंदु बाला, अनारकली और गायत्री देवी से पूछताछ की। साथ ही मतदाता पुनरीक्षण से संबंधित कागजातों का अवलोकन किया. बीएलओ से उन्होंने मतदाता पुनरीक्षण की अद्यतन जानकारी ली। साथ ही मतदान केंद्र पर पहुंचे स्थानीय लोगों से भी बातचीत की. स्थानीय ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर स्थिति होने से उपायुक्त को अवगत कराया. इस पर उन्होंने वीडियो से जानकारी ली तो पता चला कि इसे  विद्यालय भवन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है. 

 उपायुक्त ने स्तरोन्नत प्लस टू विद्यालय नावा बाजार में स्थित 2 मतदान केंद्र का भी निरीक्षण किया.  निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदान केंद्र संख्या 337 पर कार्यरत सहाना परवीन और मतदान केंद्र संख्या 338 पर कार्यरत बीएलओ आशा देवी से बातचीत की.  इसके अलावा उन्होंने बीएलओ कार्य सीखने से संबंधित जानकारी भी बीएलओ से ली। उपायुक्त ने पर्यवेक्षक के रूप में वहां मौजूद विनोद कुमार से भी मतदाता पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की. निरीक्षण के दौरान नावा बाजार  प्रखंड विकास पदाधिकारी भी थे.

उपायुक्त ने हुसैनाबाद के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय नाहर टोली स्थित तीन मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने मतदान केंद्र संख्या 114, 115 और 117 के निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत बीएलओ क्रमशः जयंती देवी, सुनीता कुमारी और सुमन देवी से मतदाता पुनरीक्षण से संबंधित जानकारी ली. साथ ही  प्रपत्र 6, 7, 8 एवं 8 (क) किन-किन कार्यों से संबंधित है.  उसके बारे में पूछा.


 निरीक्षण के दौरान उपायुक्त डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि राजकीयकृत मध्य विद्यालय दंगवार, हुसैनाबाद पहुंचे और दो  मतदान केंद्र- 156 और 157 का निरीक्षण किया। उन्होंने बीएलओ रजिस्टर को अपडेट करा कर देने का निर्देश एसडीओ और बीडीओ को दिया. साथ ही बीएलओ का फोन नंबर अपडेट करने का निर्देश दिया.

उपायुक्त दंगवार के राजकीयकृत उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय  स्थित मतदान केंद्र संख्या 158 और 159 के निरीक्षण के दौरान बीएलओ मीना देवी और पूनम कुमारी से पूछताछ की. साथ ही मतदान केंद्र पर प्रपत्र 8 (क) की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इस मतदान केंद्र पर कुछ ग्रामीणों ने अपना मतदान केंद्र बदलने का अनुरोध किया. इस पर उपायुक्त ने प्रपत्र भरकर जमा करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान हुसैनाबाद  अनुमंडल पदाधिकारी कुंदन कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी लक्ष्मी नारायण किशोर भी थे.

बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों में  द्वितीय विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इस आलोक में पलामू जिले के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता पुनरीक्षण का कार्य किया गया. सभी बीएलओ अपने मतदान केंद्रों में उपस्थित होकर दावा/आपति संबंधी प्रपत्र प्राप्त किया. सभी मतदान केंद्रों में प्रपत्र-6,7,8 एवं 8 (क) उपलब्ध कराया गया था.
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