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कस्तूरबा विद्यालय की आठवीं की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

Eighth student of Kasturba school gives birth to a child, stir in education department

19 December 2019

/ by Uday Bharat

गढ़वा: पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिला अंतर्गत मझिआंव प्रखंड में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली 14 वर्षीय आठवीं क्लास की छात्रा के मां बनने का खुलासा होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. खबर के मुताबिक छात्रा ने इसी वर्ष 28 जून को मझिआंव रेफरल अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है. बच्चा एक एएनएम के पास है. इधर, छात्रा की मां बनने की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं.


मामला संज्ञान में आने पर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी सीडब्ल्यूसी ने इसकी बारीकी से जांच की है. इस मामले को सेक्स रैकेट से भी जोड़कर देखा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के जैविक पिता की पहचान कर ली गयी है. इसकी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट की अनुशंसा करने की तैयारी की जा रही है.

जांच रिपोर्ट में विद्यालय की वार्डन के अलावे डीएसई समेत 19 लोगों को दोषी करार दिया गया है. इसके अलावा जिस घर में छात्रा और बच्चे के जैविक पिता मिलते थे, उस घर की मालकिन और उसके पिता को भी आरोपी बनाया गया है. सीडब्ल्यूसी ने अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सौंप दी है. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए सीआईडी के एडीजी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग नई दिल्ली आईसीपीएस के निदेशक सह सचिव विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सहित डीसी व एसपी को पत्र लिखा है. 
सीडब्ल्यूसी चेयरमैन को बताया कि तत्कालीन वार्डन, शिक्षिका, गार्ड और आवासीय विद्यालय की एएनएम ने उसे 27 जून की रात 12.30 बजे मझिआंव रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, उसी दिन दोपहर 2.10 बजे उसने सामान्य प्रसव से एक बच्चे को जन्म दिया. प्रसव के बाद जब उसे होश आया तो उससे कहा गया कि वह कुंवारी है, इसलिए यह बच्चा एएनएम को सौंप दें नहीं तो बदनामी झेलनी पड़ेगी.
मामला संज्ञान में आने पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उपेंद्र नाथ दुबे में 5 सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई. टीम में सुशील कुमार द्विवेदी, विनयपाल, चाइल्ड लाइन की कंचन अमूल्य तिग्गा, पीएलबी उमाशंकर द्विवेदी और जितेंद्र कुमार शामिल थे. टीम की रिपोर्ट आने के बाद छात्रा व उसकी मां के साथ विद्यालय की चार शिक्षिकाओं, दो सुरक्षा प्रहरी, एक होमगार्ड जवान, दो रसोइया और एक महिला ने सरकारी गवाह के रूप में बयान दर्ज कराया है.
                                             उपेंद्र दुबे,अध्यक्ष,सीडब्ल्यूसी
उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी व सहयोग से प्रसव कराया गया है. बरडीहा थाना के एएसआई ने सीडब्ल्यूसी में लाकर सभी का बयान दर्ज कराया गया है. सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उपेन्द्र नाथ दुबे ने बताया कि पॉक्सो एक्ट का मामला होने के कारण इसे जेजे बोर्ड को भेजा गया है. जो जांच की है, उसकी रिपोर्ट भी बोर्ड को भेज दी गयी है.
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