पटना: बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा सोमवार से शुरू हो रही है. इंटर की परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड ने सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली हैं. इंटर की ये परीक्षा राज्य के 1283 केंद्रों पर 3 फरवरी से 13 फरवरी तक दो पालियों में चलेगी. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा में कुल 12,5,390 परीक्षार्थियों ने फॉर्म भरा है. इसमें 5,48,736 छात्राएं हैं, जबकि 6,56,654 छात्र सम्मिलित होंगे.
जूता-मोजा पहन कर आना वर्जित होगा
इंटर की परीक्षा में इस बार कोई परीक्षार्थी परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहन कर नहींं आएंगे अन्यथा उन्हें प्रवेश की अनुमति नहींं मिलेगी. प्रथम पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ 9:30 बजे होने से 10 मिनट पहले और द्वितीय पाली में परीक्षाा प्रारंभ होने के समय 1:45 बजे से 10 मिनट पूर्व परीक्षा भवन में प्रवेेश की अनुमति दी जाएगी. देर से आने वाले छात्रों को परीक्षा भवन में प्रवेश नहीं मिलेगा. साथ ही परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा के अंदर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी.
वीक्षक भी नहीं रखेंगे मोबाइल फोन
परीक्षा कक्ष में कोई भी परीक्षार्थी एवं वीक्षक मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे. यदि किसी भी छात्र का प्रवेश पत्र गुम हो गया हो या भूल से घर पर छूट गया हो तो ऐसी स्थिति में उपस्थित पत्रक में सेकंड फोटो से उसकी पहचान कर और रोल सीट से सत्यापन कर परीक्षा में बैठने की फौरी अनुमति दी जाएगी.
पटना में बनाए गए हैं 82 केंद्र
परीक्षा के लिए पटना में 82 परीक्षाा केंद्र बनाए गए हैं जहां 71283 विद्यार्थी परीक्षाा देंगे इसमें 33486 छात्राएं और 37797 छात्र हैं. सभी जिलों में पर त्रिस्तरीय मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है. जोनल, सब जोनल और सुपर जोनल स्तर पर मॉनिटरिंग होगी. बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि कदाचारमुक्त परीक्षा के आयोजन कराने को लेकर सभी जिलों के डीएम और एसपी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं. सभी जिलों में अलग से जोनल सुपर जोनल दंडाधिकारी और पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की भी प्रतिनियुक्ति की गई है. सभी परीक्षा केंद्रों पर जहां धारा 144 लागू रहेगी. वहीं सीसीटीवी और वीडियो कैमरे से भी परीक्षा केंद्रों की निगरानी होगी.
10 मिनट पहले पहुंचना होगा सेंटर
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक प्रतिनियुक्त रहेंगे और परीक्षा में भाग लेनेवाले परीक्षार्थियों का बारीकी से दो बार जांच की जाएगी. किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर केंद्र पर पहुंचनेवाले परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया जाएगा. परीक्षार्थियों को हर हाल में परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले तक केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा और समय सीमा पर नहीं उपस्थित होनेवालों को अनुमति नहीं मिलेगी.
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हर जिले में मॉडल सेंटर
परीक्षा को लेकर हर जिले में 4-4 आदर्श केंद्र स्थापित होंगे जहां परीक्षार्थियों से लेकर वीक्षक और अधिकारी भी महिलाएं ही होंगी, किसी भी तरह से कदाचार और फर्जीवाड़ा नहीं हो सके इसको लेकर इस बार पहली बार बोर्ड ने नया प्रयोग किया है और सभी उत्तरपुस्तिका और ओएमआर शीट पर परीक्षार्थियों की तस्वीर लगी रहेगी. जाहिर है बिहार बोर्ड हर साल कदाचार पर रोक लगाने के लिए कुछ नया प्रयोग कर रहा है, ताकि इतिहास की बदनामी मिट सके और वर्तमान और भविष्य सुनहरा हो सके.

