कोलकाता: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ तरह-तरह से विरोध जारी है. अब जादवपुर विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने दीक्षांत समारोह में अपनी डिग्री ग्रहण करने के दौरान सीएए की कॉपी फाड़कर विरोध जताया. छात्रा ने कहा कि इस विवादास्पद कानून का विरोध करने का उसका यह तरीका है.
खुद को कला विभाग की छात्रा बताने वाली देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि उसने सीएए के दस्तावेज को कूड़े में डालने का इसलिए चुनाव किया क्योंकि यह सच्चे नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए बाध्य करता है. इस दौरान मंच पर कुलपति, उपकुलपति और रजिस्ट्रार मौजूद थे.ये भी पढ़े: मंत्री की धमकी, एयरपोर्ट से नहीं निकल पाएंगे अमित शाह
विश्वविद्यालय का अपमान नहीं, डिग्री मिलने पर है गर्व
छात्रा ने कहा, 'कोई संशय नहीं रहना चाहिए। मैं जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रति कोई असम्मान नहीं दिखा रही हूं. इस पसंदीदा संस्थान से यह डिग्री मिलने पर मैं गर्व महसूस कर रही हूं लेकिन मैंने सीएए के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए इस मंच का चुनाव किया. मेरे साथी दीक्षांत समारोह स्थल के द्वार पर धरने पर बैठे हैं.’
देबोस्मिता चौधरी ने कहा कि उसके कुछ दोस्तों ने सीएए के विरोध में कुलपति से डिग्री लेने से मना कर दिया. एक अन्य विद्यार्थी अर्कोप्रोभो दास ने कहा कि उसके 25 सहपाठी अपनी डिग्रियां लेने मंच पर नहीं पहुंचे. दिन में प्रदर्शनकारियों ने दीक्षांत समारोह में शिरकत के लिए पहुंचे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से रोका था.

