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मेदिनीनगर में ट्रैफिक थाना और ट्रैफिक डीएसपी की मांग तेज, अमित जायसवाल ने DIG को सौंपा मांग पत्र

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मेदिनीनगर। पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में बढ़ती यातायात अव्यवस्था और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब अलग ट्रैफिक थाना और ट्रैफिक डीएसपी की पदस्थापना की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर छतरपुर-पूर्वी के जिला पार्षद सह फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के पलामू प्रमंडलीय क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल ने पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) को मांग पत्र सौंपा है।

मांग पत्र में उन्होंने कहा है कि मेदिनीनगर शहर का लगातार विस्तार हो रहा है। आबादी और वाहनों की संख्या में वृद्धि, बेतरतीब पार्किंग, अतिक्रमण तथा यातायात प्रबंधन की कमी के कारण आम लोगों को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, व्यवसायियों और अन्य नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मुख्य चौक-चौराहों पर जाम से लोग परेशान

अमित जायसवाल ने अपने पत्र में मुख्य बाजार, छह मुहान चौक, बैरिया चौक, बस स्टैंड, अस्पताल चौक, कचहरी और स्कूल-कॉलेज के आसपास लगने वाले जाम का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम के समय जाम की समस्या आम हो गई है। त्योहारों और बाजार के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अलग थाना जरूरी

मांग पत्र के अनुसार, यातायात से जुड़ी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अलग ट्रैफिक थाना स्थापित करना आवश्यक है। इसके साथ ही ट्रैफिक डीएसपी की पदस्थापना होने से यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने, नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने, चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

अमित जायसवाल ने DIG से जनहित को ध्यान में रखते हुए पलामू जिले में जल्द ट्रैफिक थाना स्थापित करने और ट्रैफिक डीएसपी की पदस्थापना की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है।

व्यवसायियों ने भी किया मांग का समर्थन

मांग पत्र सौंपने के दौरान पलामू चेंबर के उपाध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल, पंकज जायसवाल, अंशुल उदयपुरिया समेत कई व्यवसायी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मेदिनीनगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग ट्रैफिक थाना और ट्रैफिक डीएसपी की नियुक्ति की मांग का समर्थन किया।

अमित जायसवाल ने उम्मीद जताई कि इस पहल से शहर में यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित होगी, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि DIG जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सकारात्मक पहल करेंगे। हालांकि, ट्रैफिक थाना की स्थापना और ट्रैफिक डीएसपी की पदस्थापना को लेकर अभी संबंधित विभाग की आधिकारिक कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

फेयरमाइन कार्बन्स की पहल, आरोग्यम शिविर में सैकड़ों मरीजों की जांच

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पलामू । फेयरमाइन कार्बन्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत रविवार को पंडवा प्रखंड के राजहरा कोलियरी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में निशुल्क आरोग्यम स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों ने स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर उपचार का लाभ उठाया।

शिविर का उद्घाटन कंपनी के महाप्रबंधक सुभाष कुमार सिन्हा ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसून कुमार, सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक प्रसाद और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति सिंह तोमर ने मरीजों की जांच की। इस दौरान आंखों की जांच, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण और विभिन्न बीमारियों का उपचार किया गया। साथ ही जरूरतमंद मरीजों के बीच निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी सह सीएसआर प्रबंधक अशोक मिश्रा ने बताया कि 'आपका स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता' के संकल्प के साथ इस शिविर का आयोजन पूरी तरह निशुल्क किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंपनी के निदेशक राजीव कुमार सिंह, राजीव शेखर और सीनियर डीजीएम यशवंत कुमार के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में खान प्रबंधक प्रवीण कुमार झा, मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध विभाग के प्रमुख अरविंद कुमार दीक्षित, कंपनी सचिव मेघा विश्वकर्मा, सहायक प्रबंधक विजयकांत झा, प्रशासन प्रमुख अंशु वर्मा, सुरक्षा प्रबंधक रजत ऋषु समेत कंपनी के कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता रही।

Arogyam Health Check-Up: फेयरमाइन कार्बन्स का निःशुल्क आरोग्यम स्वास्थ्य जांच, 1 नवंबर को लगेगा शिविर

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पलामू। फेयरमाइन कार्बन्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत आगामी 1 नवंबर, रविवार को निःशुल्क आरोग्यम स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का आयोजन पंडवा प्रखंड के राजहरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में होगा। शिविर की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी।

कंपनी के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) अशोक मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों और राजहरा कोलियरी क्षेत्र के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।

'आपका स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता’ के वाक्य के साथ आयोजित इस शिविर में लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

शिविर में पलामू प्रमंडल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. प्रसून कुमार और सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक प्रसाद अपनी सेवाएं देंगे। यहां मरीजों की आंखों की जांच, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की जाएंगी। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच कराने और उचित चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

अशोक मिश्रा ने स्थानीय ग्रामीणों से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से बीमारियों की पहचान और उचित उपचार में मदद मिल सकती है।

शिविर से संबंधित विस्तृत जानकारी और पंजीकरण संबंधी पूछताछ के लिए कंपनी प्रबंधन की ओर से विजय कांत झा को अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इच्छुक व्यक्ति मोबाइल नंबर 8602483042 पर संपर्क कर सकते हैं।

पलामू जिला व्यावसायिक संघ की हीरक जयंती धूमधाम से मनी, पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल हुए सम्मानित

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पलामू :
 मेदिनीनगर शहर के होटल रमाडा में पलामू जिला व्यावसायिक संघ की हीरक जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में व्यवसाय, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विभूतियों को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान प्रभात अग्रवाल, अविनाश देव, गणेश गिरी, मेदिनीनगर के उप महापौर मंगल सिंह, कृष्ण मुरारी पांडे, रामदास साहू, श्वेता मेहता और प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया।

वित्त मंत्री को भेंट किया बारहमासी आम का पौधा

समारोह में पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्य अतिथि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को थाईलैंड प्रजाति का बारहमासी आम का पौधा भेंट किया। इस दौरान उन्होंने अपने पर्यावरण संरक्षण अभियान की यात्रा और उपलब्धियों को साझा किया।

डॉ. जायसवाल ने बताया कि वर्ष 1966 में भोजन और पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए उन्होंने अपनी जन्मभूमि ग्राम डाली में 7.72 एकड़ जमीन पर 'जंगल लगाओ, जंगल बचाओ' अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद चराई, केरकी और कुटिया में 27 एकड़ जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को देश-विदेश तक पहुंचाया गया है। उनके अनुसार, नेपाल, भूटान, म्यांमार, सिंगापुर, मलेशिया, अजरबैजान, थाईलैंड, इंडोनेशिया, जापान और वियतनाम सहित कई देशों तथा भारत के 26 राज्यों के 181 जिलों में अब तक 65 लाख पौधों का निःशुल्क वितरण और रोपण किया जा चुका है।

पाठ्यक्रम से लेकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों तक पहचान

डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने बताया कि उनकी जीवनी को वर्ष 2010 से सीबीएसई बोर्ड की कक्षा आठवीं और आईसीएसई बोर्ड की कक्षा छठी में 'मैन ऑन मिशन' के रूप में पढ़ाया जा रहा है। उनसे संबंधित प्रश्न कौन बनेगा करोड़पति और यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें अब तक 10 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों सहित कुल 86 पुरस्कार मिल चुके हैं।


वित्त मंत्री ने भी किया सम्मानित

समारोह के दौरान वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। इनमें छतरपुर पूर्वी के जिला पार्षद सह झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स, पलामू प्रमंडल के उपाध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, पलामू चैंबर के सचिव इंद्रजीत सिंह डिंपल, कृष्णा अग्रवाल सहित कई अन्य व्यवसायी और समाजसेवी शामिल रहे।

पलामू जिला व्यावसायिक संघ की हीरक जयंती का यह आयोजन व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रहा।

पूर्व सैनिक कामाख्या नारायण सिंह ने पलामू डीसी को किया सम्मानित

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मेदिनीनगर (पलामू): पूर्व सैनिक एवं भारत-पाक कारगिल युद्ध 1999 के योद्धा कामाख्या नारायण सिंह ने पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत से उनके दफ्तर जाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिक कामाख्या नारायण सिंह ने उपायुक्त के प्रति सम्मान व्यक्त किया। स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित करने का यह अवसर सौहार्दपूर्ण रहा।

गौरतलब है कि कामाख्या नारायण सिंह पलामू जिले के पाटन प्रखंड अंतर्गत नौडीहा पंचायत के निवासी हैं। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक के रूप में उनकी पहचान है।

पलामू के डाली उत्क्रमित प्लस टू विद्यालय को मिली मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल की स्वीकृति, क्षेत्र में खुशी की लहर

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पलामू: जिले के छतरपुर प्रखंड की डाली पंचायत के लिए गर्व की बात है। डाली स्थित राजकीय उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल के रूप में स्वीकृति मिल गई है। इससे डाली पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों में खुशी का माहौल है। इस पहल से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी को डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल और छतरपुर पूर्वी के जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल में शामिल करने की मांग की थी। इस पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सकारात्मक पहल करते हुए विद्यालय को स्वीकृति दिलाई।

सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से मिलेगी शिक्षा

मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल के रूप में स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षकों की व्यवस्था से विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस पहल से डाली पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए डालटनगंज या रांची जैसे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

मुखिया और जिला परिषद सदस्य ने उपायुक्त को पौधा भेंट कर जताया आभार

विद्यालय को स्वीकृति मिलने के बाद सोमवार को मुखिया पूनम जायसवाल और जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने थाईलैंड प्रजाति का आम का पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया।

मुखिया पूनम जायसवाल ने कहा कि डाली पंचायत के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल बनने से पंचायत के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए डालटनगंज या रांची नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

वहीं, जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उनकी मांग को गंभीरता से लिया और शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए पहल की। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जल्द ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

डाली विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह है। ग्रामीणों ने मुखिया पूनम जायसवाल और जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल के प्रयासों की सराहना की है।

इस स्वीकृति को क्षेत्र में शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।

पलामू परवाज़ अभियान की शुरुआत, स्कूल से दूर बच्चों को फिर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेगा जिला प्रशासन

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पलामू: जिले में सरकारी विद्यालयों से दूर हो रहे बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘पलामू परवाज़ हर बच्चे की उड़ान, शिक्षा के साथ’ अभियान की शुरुआत की है। शनिवार को चैनपुर प्रखंड के खुराकला पंचायत से इस अभियान का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नेतृत्व में किया गया। यह अभियान पूरे जिले में संचालित किया जाएगा।

अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, जो 15 दिन, 30 दिन या उससे अधिक समय से विद्यालय नहीं जा रहे हैं। चिह्नित बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित कर विद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारणों का पता लगाया जाएगा। इसके बाद उनकी समस्याओं को समझते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

चौपाल लगाकर बच्चों और अभिभावकों से किया संवाद

अभियान के शुभारंभ के अवसर पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने खुराकला पंचायत में बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ चौपाल लगाकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के विद्यालय नहीं जाने के कारणों की जानकारी ली और अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।

उपायुक्त ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की शपथ भी दिलाई।

शिक्षा बच्चों को अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती है : डीसी

उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ना है। शिक्षा एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति को जागरूक, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाती है।

उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षित बच्चे न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त ने कहा कि बच्चे पढ़ेंगे, तभी पलामू का कायाकल्प होगा। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अनुपस्थित बच्चों की नियमित समीक्षा करेंगे अधिकारी

उपायुक्त ने बताया कि पलामू परवाज़ अभियान के तहत विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी। 15 दिन, 30 दिन या उससे अधिक समय से विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों को चिह्नित कर संबंधित क्षेत्रों में पदाधिकारियों को भेजा जाएगा। अधिकारी बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधे संवाद कर अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाएंगे तथा उन्हें दोबारा विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।

अभियान के दौरान विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा, ताकि बच्चों को विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बच्चों को अपने हाथों से परोसा मध्याह्न भोजन

अभियान के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय में बच्चों को अपने हाथों से मध्याह्न भोजन परोसा। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, चैनपुर जिला परिषद सदस्य प्रमोद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों से दूर हो रहे बच्चों की पहचान कर उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को बेहतर बनाना है।

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