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गढ़वा में सड़क हादसे के पीछे हत्या की साजिश का खुलासा, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

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रिर्पोट- संजय पांडे

गढ़वा। जिले के रंका थाना क्षेत्र में सड़क हादसे के रूप में सामने आई एक घटना के पीछे कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंध में पति को बाधा मानते हुए उसकी हत्या की योजना बनाई गई थी. मामले में मृतक की पत्नी मनीषा, उसके कथित प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पुलिस के मुताबिक, 5 जून को रंका-गोदरमाना मार्ग पर बरवाहा मोड़ के पास पिकअप की बाइक से जोरदार टक्कर में श्रीकांत रवि की मौत हो गई थी. शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना माना गया था. हालांकि, मृतक की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की.

जांच में सामने आई कथित साजिश

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और टावर लोकेशन से कई अहम सुराग मिले. इसके आधार पर पुलिस ने दावा किया कि श्रीकांत की मौत सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि कथित तौर पर हत्या की साजिश का हिस्सा थी.

पुलिस का आरोप है कि पिकअप चालक परवेज अंसारी उर्फ पप्पू को श्रीकांत की हत्या के लिए एक लाख रुपये देने की बात सामने आई है. घटना के दौरान मोहम्मद हसन समेत उसके दो अन्य साथी भी घटनास्थल के आसपास मौजूद थे.

पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने मनीषा, मोहम्मद हसन और परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

वहीं, इस मामले में नाम सामने आए इमरान अंसारी और असराज अंसारी अभी फरार हैं. दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

डीएसपी ने बताया सुनियोजित हत्या

डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया सड़क हादसा नजर आ रही घटना की जांच के दौरान इसके पीछे सुनियोजित हत्या की साजिश सामने आई है. पुलिस तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.

MLA जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

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पलामू। धनबाद के बरवड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है. आंदोलन के समर्थन में शनिवार को पलामू पुलिस एसोसिएशन की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने विधायक जयराम महतो के कथित व्यवहार की आलोचना करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था, जिसका शनिवार को चौथा दिन है. एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी जताई नाराजगी

पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि विधायक जयराम महतो की ओर से लगातार वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट किए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने अशोभनीय और अमर्यादित बताया. एसोसिएशन के मुताबिक, विधायक के लगातार दिए जा रहे बयानों से पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंच रही है. पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक के व्यवहार से राज्य भर के पुलिसकर्मी आहत हैं और वे इस मामले में अपने संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं.

पलामू पुलिस एसोसिएशन आंदोलन में होगा शामिल

पलामू पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष बबलू कुमार ने कहा कि विधायक का व्यवहार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के मान-सम्मान और गरिमा का हनन हुआ है. एक जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती.

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में पलामू पुलिस एसोसिएशन, झारखंड राज्य पुलिस एसोसिएशन के साथ है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन में शामिल होगा.

प्रेस वार्ता में पलामू के सार्जेंट मेजर सुरेश राम, पुलिस एसोसिएशन के सुनील कुमार, डेविड मिंज, रूपेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार तिवारी समेत कई पुलिस अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे.

MMDR संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का जनजागरण, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

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पलामू। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पलामू जिला समिति की ओर से डालटनगंज-भंडरिया विधानसभा क्षेत्र में केंद्र सरकार के नए खान एवं खनिज विकास संशोधन अधिनियम/विधेयक 2026 (MMDR) के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। रामगढ़ प्रखंड के बेडमा-बभनडीह पंचायत स्थित बभनडीह मदरसा मैदान, नावाडीह पंचायत मैदान और चैनपुर प्रखंड के नेउरा पंचायत बाजार प्रांगण में जनसभाओं का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो पलामू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने किया. सभाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिला-पुरुष, पंचायत प्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.

केंद्र सरकार पर लगाया झारखंड के हितों की अनदेखी का आरोप

जनसभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नए MMDR कानून के जरिए झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि झारखंड को उसकी रॉयल्टी और खनिज संसाधनों से मिलने वाली हिस्सेदारी से वंचित करने के किसी भी प्रयास का झामुमो विरोध करेगा। उन्होंने इसे राज्य के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया.

मैया सम्मान और अबुआ आवास का भी उठाया मुद्दा

राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मैया सम्मान योजना और अबुआ आवास योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से राज्य के राजस्व संबंधी अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिशों का असर जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अपने अधिकारों और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाएगी.

ग्राम सभा और पेसा के अधिकारों को लेकर भी सवाल

जनजागरण अभियान के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय जनता, ग्राम सभा और पेसा (PESA) कानून के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। वक्ताओं ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदायों की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए आवाज बुलंद करें. कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने “काला कानून वापस लो”, “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “झारखंड हमारा है, अधिकारों की लूट बंद करो” जैसे नारे लगाए.

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

जनजागरण कार्यक्रम में केंद्रीय समिति सदस्य सलोनी टोपनो, जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी, संगठन सचिव देवानंद भारद्वाज, वरिष्ठ नेता रामनाथ चंद्रवंशी, अल्पसंख्यक अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, कमरूदीन अंसारी, सरोज अंसारी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे. झामुमो नेताओं ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक के खिलाफ पार्टी का जनजागरण अभियान आगे भी जारी रहेगा और गांव-गांव जाकर लोगों को इस मुद्दे की जानकारी दी जाएगी.

वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती पर पेड़ों को बांधी राखी, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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पर्यावरण धर्म गुरु डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा-वृक्ष सुरक्षित रहेंगे, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा

पलामू। वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पलामू जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया. पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पर्यावरण धर्म गुरु सह वन राखी मूवमेंट के प्रणेता डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने वृक्षों को राखी बांधकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.

इस अवसर पर डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि मानव रूपी भाई की रक्षाबंधन से कहीं अधिक जरूरी जीवन रूपी वृक्षों की रक्षा करना है. वृक्ष सुरक्षित रहेंगे, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा. उन्होंने लोगों से पेड़ों की सुरक्षा और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की.

1967 में शुरू किया था ‘जंगल लगाओ-जंगल बचाओ’ अभियान

डॉ. कौशल ने बताया कि वर्ष 1967 में छतरपुर प्रखंड के डाली गांव स्थित अपनी 7.72 एकड़ निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर ‘जंगल लगाओ-जंगल बचाओ’ अभियान की शुरुआत की थी. करीब दस वर्षों बाद जब लगाए गए पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा काटा जाने लगा, तब वर्ष 1977 में उन्होंने पर्यावरण धर्म अपनाया। इसके तहत उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के आठ मूल मंत्र निर्धारित किए. इसी विचारधारा के तहत उन्होंने महिलाओं के साथ मिलकर वृक्षों को भाई मानकर उन्हें राखी बांधने की परंपरा शुरू की. उनका कहना है कि जिस प्रकार बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती है, उसी प्रकार वृक्षों को राखी बांधकर संपूर्ण जीव-जगत की सुरक्षा की कामना की जाती है. इसी सोच से वन राखी मूवमेंट को गति मिली.

22 देशों की करीब 200 प्रजातियों के पौधे बने आकर्षण का केंद्र

वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत डाली बाजार स्थित कौशल नगर के मोहनलाल खुर्जा-पार्वती देवी पार्क में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. पार्क में विश्व के 22 देशों से लाए गए करीब 200 प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें कई औषधीय एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों के पौधे भी शामिल हैं.

कार्यक्रम के दौरान विश्व के प्रथम पर्यावरण धर्म ज्ञान वृक्ष देव मंदिर परिसर में पर्यावरण धर्म की प्रार्थना के साथ पौधारोपण किया गया. इसके बाद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की शपथ दिलाई.

इस अवसर पर लोगों को अंगवस्त्र एवं 351 पौधे देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की सुरक्षा को लेकर लोगों ने संकल्प भी लिया.

महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में पूर्व उप मुखिया अफजाल अंसारी, जुबेर अंसारी, गुलाम गौस, रजी अहमद, रामजी प्रसाद, श्याम देव पासवान, शिवनाथ राम, बाबूराम, लक्ष्मण राम, धर्मदेव यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं मौजूद रहीं. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने वृक्षों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया.

डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि पेड़ केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं. इसलिए वृक्षों की रक्षा को सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा.

पलामू में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक को लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी

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पलामू। टाउन थाना क्षेत्र के जेल हाता इलाके में मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक को गोली लगने का मामला सामने आया है. गोली युवक के पेट में लगी है. घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

घायल युवक की पहचान जितेंद्र कुमार पासवान के रूप में हुई है. वह लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. जितेंद्र बैरिया चौक के पास एक आर्किटेक्ट के यहां काम करता है.

गोली कैसे लगी, युवक को भी नहीं पता

पुलिस के अनुसार, युवक को मंगलवार की शाम करीब 8:30 बजे गोली लगी, जबकि उसे अस्पताल में रात करीब 9:30 बजे के बाद भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटना के समय और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी को लेकर मामले को संदिग्ध माना है.

युवक ने पुलिस को बताया कि जेल हाता चौक के पास अचानक उसके पेट से खून निकलने लगा. इसके बाद उसे गोली लगने का एहसास हुआ. गोली कैसे लगी, इस बारे में उसे स्पष्ट जानकारी नहीं है.

पुलिस सभी बिंदुओं पर कर रही जांच

सदर एसडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है और पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. वहीं, टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि गोली लगने के करीब एक घंटे बाद युवक अस्पताल पहुंचा, जबकि उसका घर अस्पताल से करीब 400 मीटर और कथित घटनास्थल से कुछ ही मिनट की दूरी पर है.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक घटना को लेकर सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक को गोली किन परिस्थितियों में लगी और घटना के पीछे क्या कारण है.

इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद युवक के परिजन और शुभचिंतक भी अस्पताल पहुंच गए. पुलिस मामले की जांच के साथ घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को खंगाल रही है.

चतरा में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक अपराधी घायल गिरफ्तार

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चतरा। जिले के कोयलांचल इलाके में आतंक का पर्याय बने राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ चतरा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मंगलवार तड़के टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह का एक अपराधी विकास कुमार पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया.

घायल विकास कुमार को तत्काल स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया.

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि कार्रवाई में टंडवा और पिपरवार थाना की संयुक्त पुलिस टीम शामिल थी. उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कोयलांचल क्षेत्र में एक निजी कार्य एजेंसी के कार्यालय में हुई अंधाधुंध फायरिंग के बाद पुलिस राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों की तलाश में लगातार अभियान चला रही थी.

टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही थी. इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य टंडवा-पिपरवार सीमावर्ती क्षेत्र में छिपे हुए हैं.

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर अभियान शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान विकास कुमार के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए.

दो दिन पहले कंपनी कार्यालय में हुई थी फायरिंग

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व राहुल दुबे गिरोह के बाइक सवार चार नकाबपोश अपराधियों ने चंद्रगुप्त कोल परियोजना स्थित सुशी इंफ्रा कंपनी के कार्यालय में घुसकर करीब 20 राउंड फायरिंग की थी. इस घटना में ड्यूटी पर तैनात एसआईएस प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी का एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था.

वारदात के बाद अपराधियों ने मौके पर हस्तलिखित पर्चा छोड़कर घटना की जिम्मेदारी भी ली थी. इसके बाद से ही पुलिस गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चला रही थी.

फरार अपराधियों की तलाश में सर्च अभियान जारी

मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. एसपी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का उद्देश्य मौके से फरार हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार करना है.

पुलिस की इस कार्रवाई को कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.

झारखंड हाईकोर्ट में ACF-FRO 2024 नियुक्ति पर बड़ा फैसला, रद्दीकरण के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

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रांची। झारखंड सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया रद्द किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई. अदालत ने असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) 2024 और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) 2024 की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया.

सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार द्वारा JSSC-CGL, 11वीं से 13वीं JPSC और CDPO नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट पहले रोक लगा चुका है. इसी आधार पर ACF और FRO 2024 की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगाने की मांग की गई. प्रार्थियों ने आशंका जताई कि सरकार इन पदों के लिए नए सिरे से नियुक्ति का विज्ञापन जारी कर सकती है.

इस पर अदालत ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रार्थी कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका (IA) दाखिल कर सकते हैं. अदालत ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अब मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिय राय ने पक्ष रखा.

18 अगस्त की रात सरकार ने लिया था परीक्षा रद्द करने का फैसला

गौरतलब है कि CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें TDPL शामिल रहा था. इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को लेकर जांच कराने की भी घोषणा की गई थी.

इन घोषणाओं के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और विभिन्न परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है.

अधिसूचना के अनुसार 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल किया गया है. अब ACF और FRO 2024 नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी.

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