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खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का जनजागरण अभियान, सभी विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक नियुक्त

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पलामू। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की केंद्रीय समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक रविवार को स्थानीय परिसदन भवन में आयोजित की गई. बैठक में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 से झारखंड को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान और केंद्र सरकार पर राज्य की बकाया राशि को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ जनजागरण अभियान और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई.

बैठक की अध्यक्षता झामुमो पलामू जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी ने किया.

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम के लागू होने से झारखंड में संचालित सामाजिक और जनकल्याणकारी योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है.

उन्होंने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व का बड़ा हिस्सा खनिज संसाधनों से जुड़ा हुआ है. खनन केवल औद्योगिक गतिविधि नहीं, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार, जमीन, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा विषय है.

राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि वर्षों से झारखंड की धरती से निकलने वाला कोयला और लौह अयस्क देश के औद्योगिक एवं ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतें पूरी करता रहा है. इसके बदले झारखंड को विस्थापन, प्रदूषण, जंगलों के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की कीमत भी चुकानी पड़ी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य की जमीन से खनिज संपदा निकाली जा रही है, क्या उस राज्य को अपने विकास और जनता के कल्याण के लिए उस संपदा से उचित राजस्व प्राप्त करने का अधिकार नहीं होना चाहिए?

सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनजागरण की तैयारी

बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों से झारखंड के आर्थिक हितों को होने वाले संभावित नुकसान के मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की. जिला समिति ने झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लिया.

जनजागरण और आंदोलन को मजबूती देने के लिए पलामू की सभी विधानसभा सीटों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है.

विश्रामपुर विधानसभा: युगल चंद्रवंशी, अविनाश देव, असफर रब्बानी, कमलेश पाठक, अनिल चंद्रवंशी, शाहबाज आलम और सुमित बर्मन.

पांकी विधानसभा: सन्नू सिद्दीकी, सुनील तिवारी, सन्नी शुक्ला, बबलू शाहनवाज, दीपू चौरसिया, राकेश सिंहा, अखिलेश सिंह और रमेश सिंह.

हुसैनाबाद विधानसभा: चंदन प्रकाश सिन्हा, वशिष्ठ सिंह, विवेकानंद सिंह, डॉ. एजाज, नेहाल असगर, आलोक सिंह उर्फ टूटू सिंह और सुशील सिंह.

पाटन-छतरपुर विधानसभा: संजीव तिवारी, संतोष उपाध्याय, पप्पू कमाल खान, मुन्ना सिंहा, रंजीत सिंह, नवीन सिंहा, अनुराग सिंह, रंजीत जायसवाल और ईश्वरी मेहता.

डालटनगंज विधानसभा: राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, बालकिशन उरांव, रंजन चंद्रवंशी, सलोनी टोप्पो, श्रवण गुप्ता, धीरेन्द्र उरांव, देवानंद भारद्वाज, आशुतोष विनायक, फ़ज़ायल अहमद और रामनाथ चंद्रवंशी को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा नगर निगम, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, छात्र मोर्चा और महानगर मोर्चा के लिए भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए.

बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य सह उपाध्यक्ष सन्नू सिद्दीकी, संजीव तिवारी, चंदन प्रकाश सिन्हा, हाजी ललन, युगल किशोर चंद्रवंशी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशीला मिश्रा, वरिष्ठ नेता सुनील तिवारी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अविनाश देव, राकेश सिंहा, असफर रब्बानी, संगठन सचिव देवानंद भारद्वाज, शाहबाज खान, अनुराग प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष रंजीत जायसवाल, सचिव अल्ताफ राइन, मन्नत सिंह बग्गा, युवा मोर्चा अध्यक्ष सूरज कुमार, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, छात्र मोर्चा सचिव सैयद फैजल, महिला मोर्चा सचिव संजू देवी, रजिया बानो, मंजू चंद्रवंशी, व्यवसाय मोर्चा अध्यक्ष दीपू चौरसिया, आरफीन अली और शमीम हाशमी समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.

झामुमो नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम लोगों तक इस मुद्दे की जानकारी पहुंचाई जाएगी और झारखंड के आर्थिक हितों से जुड़े विषय पर व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा.

पलामू में जेल से छूटे 117 लोगों की थाना परेड, एसपी ने कहा- अपराध छोड़ मुख्यधारा में लौटें

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पलामू। पलामू पुलिस के निर्देशानुसार चैनपुर थाना परिसर में आपराधिक मामलों में आरोपित रहे और जेल से रिहा हुए व्यक्तियों की थाना परेड कराई गई. इस दौरान कुल 117 व्यक्ति उपस्थित हुए.

थाना परेड में हत्या के 26, लूट के 15, चोरी के 15, आर्म्स एक्ट के 33 तथा अन्य आपराधिक मामलों के 28 व्यक्ति शामिल रहे.

मौके पर पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने सभी को अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने तथा परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की नसीहत दी.

एसपी ने कहा कि अपराध की राह न केवल व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर डालती है. उन्होंने सभी से कानून का पालन करने, किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने और शांतिपूर्ण जीवन जीने की अपील की.

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. थाना परेड का उद्देश्य जेल से बाहर आए व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी लेने के साथ उन्हें अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए प्रेरित करना रहा.

Weather News: 25 अगस्त तक बदला रहेगा झारखंड का मौसम, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है.

23 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 23 अगस्त को पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

वहीं, 24 और 25 अगस्त को भी राज्य के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

अगले दो दिनों में 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान झारखंड के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.

26 और 27 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. इन दोनों दिनों के लिए फिलहाल मौसम विभाग की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.

जमशेदपुर रहा सबसे गर्म

पिछले 24 घंटे के दौरान जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। वहीं, बहारागोड़ा में सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया.

अन्य प्रमुख शहरों में सरायकेला में 34.5, पाकुड़ में 34, डालटनगंज और बोकारो थर्मल में 32.1, चाईबासा में 30.8 और रांची में 27.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.

रांची में न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री

रांची में न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जमशेदपुर में 25.8, डालटनगंज में 25.6, बोकारो थर्मल में 25.5, चाईबासा में 23.6, खूंटी में 24.5 और लातेहार में 21.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा.

चाईबासा में 10 मिमी बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान चाईबासा में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. जमशेदपुर और बोकारो थर्मल में 0.4 मिमी, जबकि लातेहार में 0.5 मिमी बारिश हुई.

एक जून से अब तक रांची में 864.6 मिमी, जमशेदपुर में 672.7 मिमी, डालटनगंज में 639.4 मिमी, बोकारो थर्मल में 531.8 मिमी और चाईबासा में 931.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है.

वज्रपात को लेकर सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों से खुले स्थानों पर जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है. तेज हवा और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.

Palamu Court News: गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा कोर्ट में पेश, दर्ज हुआ बयान

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पलामू: कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पलामू कोर्ट में पेश हुई. रिया सिन्हा फिलहाल चाईबासा जेल में बंद है. पुलिस सुरक्षा में उसे चाईबासा जेल से पलामू लाया गया, जहां पलामू व्यवहार न्यायालय के एडीजे-08 की अदालत में उसकी पेशी हुई. कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद रिया सिन्हा को वापस चाईबासा जेल भेज दिया गया.

फायरिंग मामले में हुई पेशी

रिया सिन्हा के अधिवक्ता चितरंजन पांडेय ने बताया कि वह एसटी नंबर 255/2019 मामले में अदालत के समक्ष पेश हुई थीं. एडीजे-08 की अदालत में रिया सिन्हा का बयान दर्ज किया गया. पेशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच चाईबासा के लिए रवाना कर दिया गया.

यह मामला वर्ष 2018-19 में पलामू के पड़वा थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है. फायरिंग के इस मामले में गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अलावा उसकी पत्नी रिया सिन्हा समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था.

सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में पैरोल पर पहुंची थी रिया

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की जामताड़ा इलाके में एनकाउंटर में मौत हुई थी. उसे साहिबगंज जेल से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था. इसी दौरान जामताड़ा इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई.

सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रिया सिन्हा को पैरोल मिली थी. वह पैरोल पर पलामू के हुसैनाबाद पहुंची थी.

झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर था सुजीत सिन्हा

सुजीत सिन्हा झारखंड के कुख्यात गैंगस्टरों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. वह मूल रूप से पलामू जिले के हुसैनाबाद के पथरा गांव का रहने वाला था. वहीं, उसका घर मेदिनीनगर के रेड़मा इलाके में भी बताया जाता है.

रिया सिन्हा पर भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. फिलहाल वह चाईबासा जेल में बंद है और अलग-अलग मामलों में उसकी न्यायिक प्रक्रिया जारी है.

गढ़वा में छात्रों पर हमले को लेकर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी का सरकार पर हमला, CBI जांच की मांग

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गढ़वा: आंदोलनरत छात्रों के साथ मारपीट की घटना को लेकर गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है. शनिवार को स्थानीय परिसदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक ने शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन कर रहे छात्रों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और रोजगार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, ऐसे में उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

विधायक ने आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ नक्सलियों जैसा व्यवहार करते हुए उनकी पिटाई की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है. इसके बावजूद छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया.

छात्रों का आंदोलन जनांदोलन का रूप ले चुका: विधायक

सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि झारखंड में छात्रों और युवाओं का आंदोलन अब जनांदोलन का रूप ले चुका है. उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के कारण उनका भविष्य अधर में लटक जाता है. ऐसे में छात्रों के पास अपनी समस्याओं को उठाने के लिए आंदोलन के अलावा क्या विकल्प बचता है.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के खिलाफ पुतला दहन करना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना विरोध का संवैधानिक अधिकार है. इसके बावजूद छात्रों पर बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है.

JMM कार्यकर्ताओं पर आंदोलन दबाने का आरोप

भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि पलामू, गढ़वा समेत पूरे झारखंड में झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान केवल झामुमो के छात्र मोर्चा के लोग ही नहीं, बल्कि पार्टी के मुख्य कार्यकर्ता भी शामिल रहे.

हालांकि, ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं. संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है.

JPSC परीक्षा में गड़बड़ी का लगाया आरोप

विधायक ने JPSC की 11वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच गंभीर सवाल हैं. विधायक ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और उगाही की शिकायतें सामने आने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि भाजपा की मांग स्पष्ट है कि राज्य के मेधावी और योग्य छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए. किसी अयोग्य अभ्यर्थी को गलत तरीके से नौकरी नहीं मिलनी चाहिए और किसी योग्य अभ्यर्थी का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए.

पूरे मामले की CBI जांच की मांग

सत्येंद्र नाथ तिवारी ने परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

Ranchi Court News: JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

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रांची: झारखंड सरकार की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के दौरान JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगा दी.

अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 सितंबर तक का समय दिया है. वहीं प्रार्थियों को सरकार के जवाब पर 14 सितंबर तक प्रति उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई अब 15 सितंबर को होगी.

सरकार को शपथ पत्र दाखिल करने के लिए टाइम फ्रेम

सुनवाई के दौरान अदालत ने महाअधिवक्ता रोहित राय से आग्रह किया कि इस तरह के सभी मामलों में सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल करने के लिए एक निश्चित टाइम फ्रेम तय किया जाए. इसके बाद कोर्ट ने सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा.

CDPO और JSSC-CGL परीक्षा को लेकर चुनौती

प्रार्थियों ने राज्य सरकार की ओर से CDPO (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी है. इसके अलावा JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश के खिलाफ भी याचिका दायर की गई है.

वहीं, कुछ प्रार्थियों ने JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश को भी चुनौती दी है. इस मामले में हाईकोर्ट ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा रद्द करने के संबंध में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है.

CID जांच के बाद सरकार ने लिया था फैसला

दरअसल, CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें कथित तौर पर TDPL की भूमिका सामने आई थी. इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की गई थी.

इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच के दायरे में परीक्षाओं को शामिल करने से संबंधित अधिसूचना जारी की गई. अधिसूचना के अनुसार 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है.

अब झारखंड हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद JSSC-CGL और CDPO से जुड़ी नियुक्तियों को लेकर सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लग गई है. मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी.

पलामू में NHAI निर्माण साइट पर फायरिंग, दो मजदूर घायल

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पलामू: जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के रजडेरवा में नेशनल हाईवे निर्माण साइट पर गुरुवार देर रात बाइक सवार अपराधियों ने फायरिंग कर दी. घटना में दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए। दोनों घायल मजदूर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले हैं. घटना के बाद इलाके में पुलिस ने सर्च अभियान तेज कर दिया है.

घायल मजदूरों की पहचान अजय हांसदा और संजय हांसदा के रूप में हुई है. अजय के पैर में गोली लगी है, जबकि संजय के पेट में गोली लगी है. दोनों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है.

घटनास्थल से चार खोखा और पर्चा बरामद

फायरिंग की सूचना मिलते ही पलामू एसपी कपिल चौधरी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने मौके से चार खोखा बरामद किया है. साथ ही कथित तौर पर राहुल दुबे गिरोह से जुड़ा एक पर्चा भी बरामद हुआ है.

पुलिस के अनुसार, देर रात करीब दो बजे के बाद बाइक पर सवार दो अपराधी निर्माण स्थल पर पहुंचे और मजदूरों के अस्थाई कैंप को निशाना बनाते हुए फायरिंग की. वारदात के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए.

फ्लाईओवर के ऊपर बनाया गया है अस्थाई कैंप

सतबरवा इलाके में नेशनल हाईवे-139 के फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है. रजडेरवा में हाईवे का फ्लाईओवर बनाया गया है, जिसके ऊपर मजदूरों के रहने के लिए अस्थाई कैंप बनाया गया है. इसी कैंप में देर रात अपराधियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया.

पलामू एसपी कपिल चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस घटना के पीछे के कारणों और गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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