पलामू: जिले में सरकारी विद्यालयों से दूर हो रहे बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘पलामू परवाज़ हर बच्चे की उड़ान, शिक्षा के साथ’ अभियान की शुरुआत की है। शनिवार को चैनपुर प्रखंड के खुराकला पंचायत से इस अभियान का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नेतृत्व में किया गया। यह अभियान पूरे जिले में संचालित किया जाएगा।
अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, जो 15 दिन, 30 दिन या उससे अधिक समय से विद्यालय नहीं जा रहे हैं। चिह्नित बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित कर विद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारणों का पता लगाया जाएगा। इसके बाद उनकी समस्याओं को समझते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
चौपाल लगाकर बच्चों और अभिभावकों से किया संवाद
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने खुराकला पंचायत में बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ चौपाल लगाकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के विद्यालय नहीं जाने के कारणों की जानकारी ली और अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की।
उपायुक्त ने ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की शपथ भी दिलाई।
शिक्षा बच्चों को अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती है : डीसी
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ना है। शिक्षा एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो व्यक्ति को जागरूक, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाती है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षित बच्चे न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे पढ़ेंगे, तभी पलामू का कायाकल्प होगा। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अनुपस्थित बच्चों की नियमित समीक्षा करेंगे अधिकारी
उपायुक्त ने बताया कि पलामू परवाज़ अभियान के तहत विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी। 15 दिन, 30 दिन या उससे अधिक समय से विद्यालय नहीं आने वाले बच्चों को चिह्नित कर संबंधित क्षेत्रों में पदाधिकारियों को भेजा जाएगा। अधिकारी बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधे संवाद कर अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाएंगे तथा उन्हें दोबारा विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
अभियान के दौरान विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा, ताकि बच्चों को विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बच्चों को अपने हाथों से परोसा मध्याह्न भोजन
अभियान के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय में बच्चों को अपने हाथों से मध्याह्न भोजन परोसा। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विद्यालय से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, चैनपुर जिला परिषद सदस्य प्रमोद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों से दूर हो रहे बच्चों की पहचान कर उनकी समस्याओं का समाधान करना और उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को बेहतर बनाना है।





