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हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

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रामगढ़/नेमरा। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार नेमरा स्थित नाड़ी दरहा घाट पर पूरे रीति-रिवाज और राजकीय सम्मान के साथ होगा। रूपी सोरेन के निधन की खबर के बाद से ही नेमरा में शोक का माहौल है।

रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचने की जानकारी है। इसके बाद नाड़ी दरहा घाट पर उनकी अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

नाड़ी दरहा घाट पर प्रशासन ने संभाली कमान

अंतिम संस्कार को लेकर नाड़ी दरहा घाट और आसपास के इलाकों में आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

घाट पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और अन्य जरूरी इंतजामों को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई

रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम विदाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ परिवार के अन्य सदस्य और कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।

पैतृक गांव नेमरा में स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

रूपी सोरेन के निधन से परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक गांव नेमरा में भी शोक की लहर है। अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर तैयारियां लगातार जारी हैं। 

नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में निधन

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गोवा। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेता ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें गोवा स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में पाया गया था, जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 45 मिनट तक CPR दिए जाने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह गंभीर कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। 

फिल्म जगत में शोक की लहर

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। साथी कलाकारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। अभिनेता रितेश देशमुख ने भी नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। 

दमदार अभिनय के लिए थे मशहूर

नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय और अलग संवाद अदायगी से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा और रंगमंच में भी उल्लेखनीय काम किया।

'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'अब तक छप्पन', 'वेलकम' और 'प्रहार' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। अभिनय के अलावा उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया।

45 मिनट तक डॉक्टरों ने की बचाने की कोशिश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर को अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। घटना के संबंध में मेडिको-लीगल प्रक्रिया शुरू किए जाने और पोस्टमार्टम की बात भी सामने आई है।

नाना पाटेकर के निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अभिनय शैली और संवाद अदायगी की अपनी अलग पहचान थी।

झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, 50 किमी तक की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

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रांची: झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 8 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 8 और 9 अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

चक्रवाती परिसंचरण का दिख रहा असर

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभ मंडलीय स्तर पर बने चक्रवाती परिसंचरण का असर राज्य के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से 8 अक्टूबर को झारखंड के कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

तेज हवा और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. खासकर बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की गई है.

रांची में 27 डिग्री के आसपास रहेगा अधिकतम तापमान

राजधानी रांची में 8 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रांची में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

जमशेदपुर और धनबाद में कैसा रहेगा मौसम?

जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. वहीं धनबाद में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

बोकारो में तापमान करीब 31 से 32 डिग्री सेल्सियस अधिकतम और 23 से 25 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम रह सकता है.

प्रमुख शहरों का संभावित तापमान

  • रांची: 27°/19°C
  • जमशेदपुर: 30-31°/23°C
  • धनबाद: 32°/24°C
  • बोकारो: 31-32°/23-25°C

9 और 10 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 और 10 अक्टूबर को भी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है. हालांकि 9 अक्टूबर के बाद मौसम संबंधी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है.

IMD के जिला-वार चेतावनी पेज पर 8 अक्टूबर के लिए अलग से चेतावनी जारी की गई है. 

तेज हवा और गरज-चमक के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और बारिश के समय खुले स्थानों पर जाने से बचें। पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें.

औद्योगिक विकास के लिए चार जिलों में 100 एकड़ जमीन की मांग, अमित जायसवाल ने चैंबर बैठक में उठाए कई मुद्दे

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पलामू। झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की रांची में हुई बैठक में पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई. पलामू प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल ने बैठक में प्रमंडल और आसपास के जिलों की प्रमुख औद्योगिक एवं विकास संबंधी समस्याओं को रखते हुए सरकार से ठोस पहल की मांग की.

अमित जायसवाल ने खासमहल भूमि के नवीनीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि जमीन का नवीनीकरण नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में भवन जर्जर हो रहे हैं. वहीं नए व्यावसायिक भवनों का निर्माण भी प्रभावित हो रहा है, जिससे शहरों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.

उन्होंने लातेहार और चतरा में टमाटर प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है, लेकिन कई बार बाजार में कीमत इतनी कम हो जाती है कि किसानों के लिए फसल को मंडी तक पहुंचाने का खर्च भी निकालना मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति में किसान टमाटर को खेत में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण उद्योग स्थापित होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

बैठक में मंडल डैम में गेट लगाने के कार्य में तेजी, क्षेत्र में उपलब्ध बांस से कुटीर उद्योग विकसित करने तथा लातेहार में पूर्व में हिंडाल्को द्वारा शुरू किए जा रहे बॉक्साइट खनन कार्य को फिर से शुरू कराने समेत अन्य मांगें भी रखी गईं.

अमित जायसवाल ने कहा कि पलामू प्रमंडल में उपलब्ध प्राकृतिक एवं कृषि संसाधनों के आधार पर उद्योग विकसित किए जाएं तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

अमित जायसवाल को मिला जीत का प्रमाण पत्र

रांची में चैंबर की बैठक के बाद चैंबर भवन में पलामू प्रमंडल के नवनिर्वाचित क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया.चैंबर के प्रदेश अध्यक्ष अंचल किंगर और उपाध्यक्ष पवन शर्मा ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा.

अमित कुमार जायसवाल ने चुनाव में 29 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी. प्रमाण पत्र दिए जाने के दौरान चैंबर के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे.

चैंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव में अमित जायसवाल की शानदार जीत, 29 वोटों से बने क्षेत्रीय उपाध्यक्ष

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पलामू। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सत्र 2026-27 के लिए रविवार को रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में हुए चुनाव में पलामू के छतरपुर पूर्वी जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने बड़ी जीत दर्ज की है. अमित कुमार जायसवाल पलामू प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं.

चुनाव में अमित कुमार जायसवाल को 59 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 30 मत प्राप्त हुए. इस तरह उन्होंने 29 मतों के अंतर से जीत दर्ज की.

जीत के बाद समर्थकों में खुशी

अमित की जीत की खबर मिलते ही छतरपुर क्षेत्र में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई. लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनने के बाद अमित पलामू प्रमंडल के व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को राज्य स्तर पर मजबूती से उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे.

चार चुनाव, चार जीत

अमित कुमार जायसवाल के पिता और पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने बेटे की जीत पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि अमित ने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में लगातार सफलता हासिल की है.

डॉ. कौशल के अनुसार, वर्ष 2010 में शादी से पहले अमित डाली पंचायत के मुखिया चुने गए थे और सामान्य सीट पर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुखिया बने थे. वर्ष 2015 में उन्होंने सामान्य सीट पर लगातार दूसरी बार मुखिया का चुनाव जीता. इसके बाद वर्ष 2022 में क्षेत्र की 10 पंचायतों के लोगों ने उन्हें छतरपुर पूर्वी से जिला परिषद सदस्य चुना.

अब तीन जिलों के व्यवसायियों ने उन्हें फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष चुना है. डॉ. कौशल ने कहा कि अमित ने चार चुनाव लड़े और चारों में जीत हासिल कर ‘जीत का चौका’ लगाया है. उन्होंने इस सफलता को अमित की मेहनत, जनता के विश्वास और संस्कारों का परिणाम बताया.

व्यापारियों के हित में बड़ी जिम्मेदारी

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के रूप में अमित कुमार जायसवाल के सामने पलामू प्रमंडल के व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को सरकार एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी. इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और व्यवसायियों के हितों को मजबूती से राज्य स्तर पर रखने की भी उनसे उम्मीद होगी.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिले अमित

चैंबर चुनाव में प्रमंडलीय उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अमित कुमार जायसवाल ने पर्यावरणविद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से कुजू स्थित उनके आवास पर मुलाकात की.

इस दौरान अमित और डॉ. कौशल ने बुके, अंगवस्त्र और हिमाचल के कपूर का पौधा भेंट कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया. आदित्य साहू ने अमित को चुनाव में जीत की बधाई दी और उनके कार्यों की सराहना की.

इस मौके पर अरविंद जायसवाल, मिट्ठू सिंह, अजीत गुप्ता और मोनू कुमार भी मौजूद रहे.

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, गिरिडीह से रांची तक शोक की लहर

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गिरिडीह/रांची। झारखंड की राजनीति से रविवार सुबह बेहद दुखद खबर सामने आई है. झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन हो गया. शनिवार देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल गिरिडीह के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. रिपोर्टों के मुताबिक उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट/हार्ट अटैक के बाद हुई.

अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम

जानकारी के अनुसार सुदिव्य कुमार सोनू शनिवार रात गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे. सोने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी. परिजनों और सहयोगियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया. उनकी हालत बेहद गंभीर थी और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में दम तोड़ा.

मंत्री की तबीयत गंभीर होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में भी हलचल मच गई। वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली.

हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में थे शामिल

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी माने जाते थे. वह गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

उन्होंने वर्ष 2019 में पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट से चुनाव जीता था. इसके बाद वर्ष 2024 में दोबारा जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए.

कई महत्वपूर्ण विभागों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी

सुदिव्य कुमार सोनू के पास झारखंड सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी. इनमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभाग शामिल थे.

सरकार और छात्रों के बीच संवाद स्थापित करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी. शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्र आंदोलनों के दौरान वह सरकार का पक्ष रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयासों में सक्रिय रहे.

झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका

सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके निधन को पार्टी, सरकार और पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

एक सक्रिय विधायक, मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू की अचानक मौत ने झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका दिया है. उनके निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा शोक है.

पलामू में 43 शिक्षक सम्मानित, डीसी ने लॉन्च किया ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल

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मेदिनीनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को मेदिनीनगर स्थित टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 43 शिक्षकों को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त दिलीप प्रताप सिह शेखावत, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया गया.

डीसी ने लॉन्च किया ‘पलामू पाठशाला’

समारोह के दौरान उपायुक्त ने माउस पर क्लिक कर ‘पलामू पाठशाला’ यूट्यूब चैनल का शुभारंभ किया. इस पहल का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाना है.

चैनल पर विभिन्न विषयों के शिक्षक अपने लेक्चर रिकॉर्ड कर अपलोड करेंगे. इससे विद्यार्थियों को विषयवार अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी. खासकर उन क्षेत्रों के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा, जहां विषयवार शिक्षकों की कमी है.

शिक्षक बच्चों के भविष्य के निर्माता

समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे बच्चों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य का निर्माण करते हैं. उन्होंने अपने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को याद करते हुए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि किसी भी जिले की असली ताकत वहां का मानव संसाधन होता है. पलामू में मानव संसाधन के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सड़क, भवन और आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ हर बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना विकास का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए.

उपायुक्त ने कहा कि यदि कोई सड़क या भवन टूट जाए तो उसे दोबारा बनाया जा सकता है, लेकिन किसी बच्चे का भविष्य खराब हो जाए तो उसकी भरपाई संभव नहीं है. इसलिए बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है.

तकनीक से शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर जोर 

उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन चुकी है. ‘पलामू पाठशाला’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने जिले के अच्छे शिक्षकों से अपने विषय के लेक्चर रिकॉर्ड कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि उनके ज्ञान का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सके.

कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाले कुल 43 शिक्षकों को सम्मानित किया गया. सम्मानित शिक्षकों ने जिला प्रशासन की इस पहल के लिए आभार जताया.

समारोह में उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षक संघ के प्रतिनिधि समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे.

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