पलामू: जिले के छतरपुर प्रखंड की डाली पंचायत के लिए गर्व की बात है। डाली स्थित राजकीय उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल के रूप में स्वीकृति मिल गई है। इससे डाली पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों में खुशी का माहौल है। इस पहल से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी को डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल और छतरपुर पूर्वी के जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल में शामिल करने की मांग की थी। इस पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सकारात्मक पहल करते हुए विद्यालय को स्वीकृति दिलाई।
सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से मिलेगी शिक्षा
मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल के रूप में स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न पर अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षकों की व्यवस्था से विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस पहल से डाली पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए डालटनगंज या रांची जैसे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
मुखिया और जिला परिषद सदस्य ने उपायुक्त को पौधा भेंट कर जताया आभार
विद्यालय को स्वीकृति मिलने के बाद सोमवार को मुखिया पूनम जायसवाल और जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने थाईलैंड प्रजाति का आम का पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया।
मुखिया पूनम जायसवाल ने कहा कि डाली पंचायत के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल बनने से पंचायत के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए डालटनगंज या रांची नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
वहीं, जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उनकी मांग को गंभीरता से लिया और शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए पहल की। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जल्द ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
डाली विद्यालय को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूल की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह है। ग्रामीणों ने मुखिया पूनम जायसवाल और जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल के प्रयासों की सराहना की है।
इस स्वीकृति को क्षेत्र में शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।





