पलामू/मेदिनीनगर। जिले में गंभीर रूप से कुपोषित यानी SAM बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से मंगलवार को ‘शिशु शक्ति’ Augmented Take Home Ration (A-THR) योजना की शुरुआत की गई. मेदिनीनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
कार्यक्रम के बाद चिन्हित लाभुक बच्चों के बीच A-THR का वितरण किया गया. उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग की ओर से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर पोषण संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया.
बच्चों की थाली में पौष्टिक आहार शामिल करने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि ‘शिशु शक्ति’ पहल के माध्यम से चिन्हित SAM बच्चों को उनकी विशेष पोषण आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान धान के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन करते हैं. इन पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उपयोग केवल बिक्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन्हें बच्चों की थाली तक भी पहुंचाना जरूरी है.
उपायुक्त ने बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार पर जोर देते हुए कहा कि भोजन केवल कार्बोहाइड्रेट आधारित नहीं होना चाहिए. बच्चों के आहार में हरी सब्जियां, दाल, अंडा और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए.
गर्भवती महिलाओं के पोषण पर भी जोर
उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के पोषण को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला द्वारा लिया गया पोषण गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि ‘शिशु शक्ति’ एक महत्वपूर्ण पहल है और इसके परिणामों की नियमित समीक्षा की जाएगी. इसका संदेश सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित न रहकर प्रत्येक परिवार तक पहुंचना चाहिए.
सामान्य THR से अधिक ऊर्जा और प्रोटीन युक्त है ‘शिशु शक्ति’
‘शिशु शक्ति’ सामान्य टेक-होम राशन (THR) की तुलना में अधिक ऊर्जा और प्रोटीन युक्त विशेष पोषण आहार है. प्रति 100 ग्राम में लगभग 491 किलो कैलोरी ऊर्जा और 17.33 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जाएगा.
यह सामान्य THR का विकल्प नहीं है, बल्कि चिन्हित SAM बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता के रूप में दिया जाएगा.
नियमित निगरानी और फॉलोअप होगा
योजना के तहत SAM बच्चों की समय पर पहचान, उचित प्रबंधन, नियमित वृद्धि निगरानी, चिकित्सकीय आकलन और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा. जिन बच्चों में चिकित्सकीय जटिलताएं होंगी, उन्हें आवश्यकता के अनुसार सुविधा-आधारित उपचार से भी जोड़ा जाएगा.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने कहा कि योजना की सफलता केवल वितरित किए गए A-THR की संख्या से नहीं आंकी जाएगी. यह देखा जाएगा कि कितने चिन्हित SAM बच्चों की नियमित निगरानी हुई, कितने बच्चे स्वस्थ हुए और रिकवरी के बाद उनकी पोषण स्थिति कितनी स्थिर रही.
कार्यक्रम में विभिन्न CDPO, महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं और A-THR के लाभुक मौजूद रहे.















