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निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा

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21 December 2025


इलाज में लापरवाही का आरोप, क्लीनिक सील, जांच के आदेश

गढ़वा | संजय पांडे

भवनाथपुर थाना क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिक शिव शरण सेवा संस्थान में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो जाने से शुक्रवार को क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर जांच के आदेश दिए हैं.

ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत

मृतका की पहचान इंदु देवी (पति– उमेश राम) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कोण थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं. परिजनों के अनुसार, 17 दिसंबर को इंदु देवी को इलाज के लिए शिव शरण सेवा संस्थान में भर्ती कराया गया था. उसी रात डॉक्टर द्वारा बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया.
ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही. परिजनों का आरोप है कि महिला द्वारा बार-बार अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत करने के बावजूद डॉक्टर ने इसे नजरअंदाज किया और “सब ठीक हो जाएगा” कहकर लापरवाही बरती.

रास्ते में हुई मौत, डॉक्टर फरार

20 दिसंबर को जब महिला की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, तो डॉक्टर खुद अपनी गाड़ी से मरीज को उत्तर प्रदेश ले जाने लगे. इसी दौरान रॉबर्ट्सगंज के पास रास्ते में महिला की मौत हो गई.
आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने एक निजी एंबुलेंस मंगाकर शव को उसमें लोड कराया और पानी लाने का बहाना बनाकर इलाज से संबंधित पर्ची लेकर मौके से फरार हो गया.

क्लीनिक बंद देख भड़के परिजन

जब परिजन शव लेकर वापस क्लीनिक पहुंचे तो पाया कि शिव शरण सेवा संस्थान का गेट बंद है और सभी लोग फरार हैं. इससे आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और तोड़फोड़ करने का प्रयास किया.
सूचना मिलते ही भवनाथपुर थाना इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, एएसआई दिनेश सिंह, आशुतोष सिन्हा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया.

स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर झामुमो युवा प्रखंड अध्यक्ष दीपक वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से फोन पर कार्रवाई की मांग की. स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच टीम भेजकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी हो चुकी हैं मौतें

झामुमो महिला नेत्री कबूतरी देवी ने आरोप लगाया कि उक्त क्लीनिक में पहले भी इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हर बार पैसों के बल पर मामला दबा दिया गया. उन्होंने भवनाथपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.

क्लीनिक सील, जांच शुरू

घटना की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी शम्भु राम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह एवं थाना प्रभारी रजनी रंजन मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ताला तोड़कर अस्पताल का निरीक्षण किया और शिव शरण सेवा संस्थान को सील कर दिया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल किसी बाहरी डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है और यहां ऑपरेशन करने की न तो आवश्यक योग्यता थी और न ही संसाधन. ऐसे में मरीज की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया है. मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

रांची के रिम्स में डॉ. ने प्रेमिका संग लगाई छलांग, डॉक्टर की मौत

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21 October 2024

 

रांची: राजधानी रांची के सुपर स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल में बड़ी घटना हुई है. दरअसल एक जूनियर डॉक्टर ने अपनी प्रेमिका के संग छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली है. यह मामला बीती रात का है.

जानिए इस मामले को विस्तार से
जानकारी के अनुसार रिम्स (RIMS) के चौथे मंजिल से जूनियर डॉक्टर आकाश ने पल्लवी के साथ रिम्स के चौथे तल्ले से कूद कर जान दे दी. घटना की सूचना पाकर बरियातू थाना की पुलिस पहुंची. जूनियर डॉक्टर आकाश की मौत तो तत्काल हो गई वहीं पल्लवी गंभीर रूप से घायल हो गई है जिसका इलाज चल रहा है. घटना की सूचना पाकर जूनियर डॉक्टर बड़ी संख्या में रिम्स पहुंचे. पुलिस पूरे मामले को अलग-अलग पहलू से जांच कर रही है. दोनों परिवार को इसकी सूचना दे दी गई है. यह घटना अस्पताल के हॉस्टल नंबर 4 में हुई. डॉक्टर आकाश ऑर्थोपेडिक डिपार्मेंट से जुड़े हुए थे और पल्लवी नामक की लड़की उनकी महिला मित्र थी. पल्लवी का रिम्स (RIMS) से कोई लेना-देना नहीं है. वह हॉस्टल की छत पर आकाश के साथ गई. पुलिस इस संबंध में जांच कर रही है कि आखिर बॉयज हॉस्टल में कोई बाहरी लड़की अपने मित्र से मिलने कैसे पहुंची.

दुर्गा मंदिर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 300 लोगों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण

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14 July 2023

रांची : 14 जुलाई यानी आज शुक्रवार को मेदांता अस्पताल रांची, के द्वारा श्री चैती दुर्गा मंदिर एवं भगवा नारी मंच के माध्यम से शुक्रवार को चैती दुर्गा मंदिर में निशुल्क चिकित्सा सेवा शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें मेदांता के डॉ मुकेश कुमार अग्रवाल  कार्डियोलॉजी (ह्रदय रोग विशेषज्ञ), डॉ कृष्णा के दास ईएनटी (ईएनटी चिकित्सक), डॉ प्रतिमा जेनरल फिजिशियन (सामान्य चिकित्सक) मौजूद रहेंगे.
मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष संजय सिंह(लल्लू)ने सभी डॉक्टर को चुनड़ी और मूमेंटो दे कर सम्मानित किया और कहा कि स्वास्थ शिविर शहरी क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने के लिए काफी सराहनीय कार्य है. भगवा नारी मंच के कार्यकर्ताओं के माध्यम से भगवा नारी मंच के पिया बर्मन ने बताया कि नारी मंच के द्वारा लगातार चिकित्सा सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग अधिक से अधिक लाभांवित हो रहे हैं.

महासमिति के प्रवक्ता नमन भारतीय नें बताया कि करोना काल में भी चैती दुर्गा मंदिर का समाज के लिए काफी कार्य सराहनीय रहा था और और इस सेवा शिविर में लगभग 300 लोगों नें स्वास्थ्य चेकप कराया.
स मौके पर स्वास्थ शिविर में किशोर साहू, रमेश सिंह, संजय सिंह उप (लल्लू), राहुल सिंह, नमन भारतीय, आकाश रजक, विक्रांत कुमार, मीरा सिंह, नीलू सिंह, ममता देवी, मीरा गुप्ता, सुप्रिया सिंह, रूपम भगत, बिना सिंह, संगीता पांडे,तरंग मित्तल उपस्थित थे. यह जानकरी समिति के प्रवक्ता नमन भारतीय नें दी. 

स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की मौत, ASI ने मारी थी गोली

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29 January 2023


ओडिशा:  स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास की मौत हो गई है. उन्हें रविवार को कार्यक्रम के दौरान एक पुलिसकर्मी ने ही गोली मार दी थी. दास को सीने में दो गोली लगी थी, जिसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके इलाज के लिए भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल लाया गया था. घटना के दौरान मंत्री ब्रजराजनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. कार की अगली सीट पर बैठे दास अपने समर्थकों से मिलने के लिए जैसे ही नीचे उतरे ASI ने उनके सीने में दो गोली दाग दी. खून से लथपथ दास कार के पास ही गिर पड़े थे. कुछ देर के ल‍िए लोगों को कुछ समझ नहीं आया. घटनास्थल पर मौजूद उनके समर्थकों ने उन्हें पकड़ा और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा. कुछ देर बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल लाया गया. घटना के करीब 7 घंटे बाद इलाज के दौरान दास की मौत हो गई. इससे पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी दास से मिलने अस्पताल पहुंचे थे.


गाड़ी से उतरते ही ASI ने मारी गोली 

दरअसल मंत्री नब दास झारसुगुड़ा में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. मंत्री जब रास्ते में अपनी गाड़ी से बाहर निकले तभी ASI ने अपनी रिवॉल्वर से उन पर फायरिंग कर दी. ये पूरी घटना झारसुगुड़ा जिले के बृजराजनगर के पास हुई. आरोपी पुलिसकर्मी गोपाल दास गांधी चौक पुलिस चौकी में तैनात था. उसे हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

बड़ी खबर : स्वास्थ्य मंत्री पर जानलेवा हमला, ASI ने कार से उतरते ही मारी गोली

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ओडिशा : कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री नाबा दास जब अपनी गाड़ी से बाहर निकले तभी ASI ने उनके ऊपर फायरिंग कर दी.

हालांकि उन पर फायरिंग क्यों की गई, इसकी वजह अबतक सामने नहीं आई है. घटना के बाद नाबा दास को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिसकर्मी की पहचान गोपाल दास के रूप में हुई है, जो कि गांधी चौक में एएसआई के रूप में तैनात था. जानकारी के मुताबिक, एएसआई गोपाल दास ने अपनी रिवॉल्वर से नाबा दास पर गोली चलाई.

पलामू सिविल सर्जन 50 हजार रुपये घुस लेते गिरफ्तार, बिल भुगतान के लिए मांगी थी रिश्वत

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30 September 2022


पलामूः पलामू प्रमंडल एसीबी की टीम ने पलामू सिविल सर्जन को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया है. सिविल सर्जन एक निजी क्लीनिक के मालिक से रिश्वत की मांग की थी. निजी क्लीनिक के मालिक ने एसीबी ( ACB) से शिकायत की, जिसके आधार पर सत्यापन के बाद छापेमारी की गई. सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी को एसीबी ( ACB) ने उनके आवास से गिरफ्तार ( ARREST) किया है.

निगरानी विभाग की टीम ने मेदिनीनगर के चर्च रोड स्थित सिविल सर्जन के निजी आवास में छापेमारी कर 50 हजार रुपये घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम ने सिविल सर्जन के घर की तलाशी ली और फिर गिरफ्तार करने के बाद सिविल सर्जन कार्यालय लेकर गई. एसीबी (ACB) के अधिकारी सिविल सर्जन से पूछताछ कर रही है.

एसीबी की ओर से बताया गया है कि बिहार के औरंगाबाद के न्यू एरिया के रहने वाले गोल्डन कुमार की संस्था रशियन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ स्वास्थ्य विभाग का दो वर्षों का अनुबंध था. संस्था ने इस दौरान परिवार नियोजन का ऑपरेशन भी किया था. बिल के एवज में 1.45 लाख रुपये बिल का भुगतान बाकी था. गोल्डन कुमार ने इस बकाया भुगतान को लेकर पलामू सिविल सर्जन और डीपीएम से मुलाकात की. बिल भुगतान के लिए एक लाख रुपये घूस लगेगा.

इसके बाद गोल्डन ने इसकी शिकायत एसीबी से की. इस शिकायत के आधार पर शुक्रवार को एसीबी की टीम ने मामले में सत्यापन करते हुए सिविल सर्जन को घूस के तौर पर 50 हजार रुपए की पहली किश्त लेते उनके निजी आवास से गिरफ्तार किया है. इस मामले में पलामू प्रमंडल कार्यालय में कांड संख्या 10/ 2022 के तहत धारा 7(ए) पीसी अमेंडमेंट एक्ट 2018 एसीबी ने एफआईआर दर्ज किया है.

हॉस्पिटल के तहखाना में कैद मिली प्रसूता, जानिए कैसे हुआ पर्दाफाश

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07 September 2022

गढ़वा: उपायुक्त को गुप्त जानकारी मिली कि डंडई थाना क्षेत्र के बघमनवा में अवैध रूप से संचालित लाइफ केयर हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में इलाज किया जा रहा है. टीम ने मंगलवार को छापेमारी ( raids ) की,गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी राज महेश्वरम, सिविल सर्जन अनिल कुमार सिंह व स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह द्वारा लाइफ केयर हॉस्पिटल की छापेमारी के दौरान तहखाने (basement ) में मरीज को रखकर इलाज करने का मामला उजागर हुआ. डंडई थाना क्षेत्र के रारो गांव निवासी समाज देव प्रजापति की पत्नी देवंती देवी का ऑपरेशन कर पांच सिंतबर को प्रसव कराया गया था. मरीज को एक स्वास्थ्य सहिया के माध्यम से उक्त हास्पिटल में लाया गया था,जहां ऑपरेशन कर मृत बच्चा निकाला गया था. इसके बाद उसे हॉस्पिटल के पिछले हिस्से में तहखाने ( basement ) में रख दिया गया था और बाहर से ताला बंद था,सामान्य परिस्थिति में कोई भी उक्त कैंपस को बंद ही समझता था,लेकिन उपायुक्त रमेश घोलप को मिली गुप्त सूचना के बाद एसडीओ व सिविल सर्जन के संयुक्त नेतृत्व में गए छापेमारी दल ( raiding party ) ने ताला खोलकर तहखाने में पहुंचे तो उसमें मरीज व उसके परिजन बंद मिले.

पूछताछ के क्रम में मरीज के परिवार वालो ने छापेमारी दल ( raiding party ) को पूरी जानकारी दी. हालांकि हॉस्पिटल संचालक वकील अंसारी व अनीस अंसारी छापेमारी ( raids ) की भनक लगते ही वहां से भाग खड़े हुए. छापेमारी दल को  हॉस्पिटल  में साबिर अंसारी व राजकुमार चौधरी नामक दो स्टाफ मिले. पूछताछ के क्रम में उन दोनों स्टाफ ने छापेमारी दल को पहले तो यह कहकर भ्रमित करने की भरपूर कोशिश किया कि यहां शल्यक्रिया ( caesarean )  नहीं होता है. सिर्फ ओपीडी ( opd ) ही चलता है,लेकिन सटीक सूचना पर पहुंचे छापेमारी दल ने तहखाने को खुलवाकर उसमें बंद मरीज व उसके परिजनों  को वहां से निकाला और प्रसूता ( accouche ) को सदर अस्पताल में शिफ्ट करा दिया. मौके पर एसडीओ राज महेश्वरम ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर लाइफ केयर हास्पिटल में छापेमारी की गई,संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.
अस्पताल में मिले कई चौंकाने वाले तथ्य
लाइफ केयर हास्पिटल के छापेमारी के दौरान निजी अस्पतालों व स्वास्थ्य सहिया कनेक्शन की बात एक बार फिर सामने आई है. छापेमारी ( raids ) में मिले एक डायरी में हिसाब-किताब मिला जिसमें सहिया का नाश्ता कराने में खर्च रकम का भी जानकारी उल्लेख है. जबकि अलमारी की दराज व ओपीडी ( opd ) कक्ष आदि में कई तरह की दवाएं ( medicines ) भी मिली हैं. कई एक्सपायरी दवा ( expired medicine ) भी मिली है. वहीं अवैध संचलित हास्पिटल में सीसीटीवी कैमरा ( cctv camera ) भी नहीं लगा था,जबकि एक बोर्ड पर यह लिखा हुआ था कि आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं,बताते चलें कि उपायुक्त ने माँ गढ़देवी हास्पिटल में छापेमारी के बाद निजी अस्पताल संचालकों को अपने यहां सीसीटीवी कैमरा ( cctv camera ) लगाने समेत कई निर्देश दिए थे. सीसीटीवी कैमरा रहने पर शल्यक्रिया ( caesarean ) के लिए आने वाले चिकित्सक व हास्पिटल में आने जाने वाले प्रत्येक मरीज व व्यक्ति के बारे में पूरी सूचना कैद रहती. छापेमारी दल ने हास्पिटल के ओटी कक्ष ( ot room ) मरीजों के वार्ड आदि की भी जांच की और हास्पिटल सील कर दिया.

खून की कमी से किसी कि जान जाने नहीं दूँगा: एसपी

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28 January 2022

पलामू:  ज़िले के पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा ने कभी पलामू में पदभार ग्रहण करने के साथ ही पलामू वासियों से यह वादा किया था कि वे किसी की भी जान खून की कमी से नहीं होने देंगे. वे अपने वचन पर आज भी कायम हैं. अभी तक उन्होंने पलामू जिला कई लोगों को खून उपलब्ध करा कर उनको नया जीवन देने का काम किया है. यह सिर्फ उनका वादा ही नहीं रहा बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम भी किया. सबसे पहला खून दान उन्होंने करके प्रेरणा स्रोत के लायक बनने का काम किया जब उन्हें एक अज्ञात फोन से यह जानकारी मिली कि एक घायल मुस्लिम युवक को जान बचाने के लिए ब्लड की आवश्यकता है तो उन्होंने बिना देर किए स्वयं अपना खून देकर उस युवक की जान बचाई. इसके बाद पलामू जिला के कई जवानों ने पलामू एसपी से प्रेरणा लेकर और उनके निर्देश पर अभी तक दर्जन भर लोगों को अपना खुद देकर जान बचाने का काम किया है.
पलामू जिला के लेस्लीगंज के दारूडीह, सांगबार का एक गरीब परिवार का रहने वाला देवमुनि सिंह की पत्नी प्रियंका देवी मेदिनीनगर के डॉक्टर सीमा यहां जब बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए गई तो डॉक्टर ने कहा कि उसे ब्लड की आवश्यकता है. इसके बाद उक्त मरीज के एक परिजन अरुण ने पलामू एसपी पर भरोसा करके उन्हें फोन किया और खून उपलब्ध कराने का आग्रह किया.
पलामू एसपी चंदन सिन्हा ने फौरन ब्लड बैंक से बात कर खून उपलब्ध कराया. एसपी ने मरीज के परिजन से कहा कि अगर कोई दिक्कत होगी तो पुनः फोन करेंगे. उक्त महिला को पलामू एसपी के पहल पर ब्लड बैंक से खून उपलब्ध हुआ और महिला का सफल ऑपरेशन हुआ और उसकी जान बच गई.
उक्त महिला के परिजनों ने पलामू एसपी की पूरी-पूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि पलामू जिला को पहली बार कोई ऐसा एसपी मिला है जो लोगों के लिए खून उपलब्ध करा रहे हैं. मरीजों के परिजनों ने पलामू एसपी का आभार प्रकट किया है.
पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा अपने पदभार ग्रहण करने के समय से ही कई मानी और समाजिक कार्यों में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं हुए लगातार मानवीय कार्य लोगों को सहायता भी उपलब्ध करा रहे हैं.

सिस्टम की लापरवाही: लेने आया था एंटी रैबिज का इंजेक्शन, स्वास्थ्यकर्मी ने दे दिया कोविड-19 का वैक्सीन

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31 October 2021

 

पलामूः एक शख्स को कुत्ते ने काटा, उसे एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाना था लेकिन मेडिकल स्टाफ ने कोरोना का वैक्सीन दे दिया. जिला में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का एक बड़ा मामला निकलकर सामने आया है.

एक व्यक्ति को कुत्ते ने काटा था, वह इलाज के लिए अस्पताल में पहुंचा. अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों ने एंटी रैबीज की जगह व्यक्ति को कोविड-19 का वैक्सीन लगा दिया है. व्यक्ति कोविड-19 का वैक्सीन का पहला डोज अप्रेल माह में लिया था और दूसरा डोज करीब दो महीने पहले ही ले चुका है. यह पूरा मामला पलामू के पाटन स्वास्थ्य केंद्र का है. लापरवाही का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम व्यक्ति के स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है.


पलामू में पाटन थाना क्षेत्र के नौडीहा गांव के रहने वाले राजू कुमार सिंह नामक व्यक्ति को बृहस्पतिवार को एक कुत्ते ने काट लिया. 50 वर्षीय राजू कुमार सिंह शनिवार को इलाज के लिए पाटन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. डॉक्टर ने राजू कुमार सिंह के पर्ची पर कुत्ता काटने का भी जिक्र किया. अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने राजू कुमार सिंह को एंटी रैबीज का इंजेक्शन दिलवाने की जगह वैक्सीनेशन सेंटर पर ले गए. वैक्सीनेशन सेंटर पर राजेश सिंह को कोविशील्ड का डोज दे दिया. राजू सिंह कोविड-19 का वैक्सीन दो महीना पहले ही ले चुके हैं. इस तरह से कोरोना वैक्सीन का तीसरा डोज उन्हें लगा दिया गया.


पाटन स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने बताया कि मामले में लापरवाही बरती गई है, दोषी कर्मियों के खिलाफ जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि राजू कुमार सिंह के स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की एक टीम निगरानी रखे हुए है, हर घंटे उनके स्वास्थ्य की समीक्षा की जा रही है.

New Coronavirus Strain: नए कोरोना वायरस स्ट्रेन की यूपी में एंट्री, बच्ची मिली पॉजिटिव

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30 December 2020



UB DESK: साल 2020 के अंत में नए कोरोना वायरस स्ट्रेन ने उत्तर प्रदेश में दस्तक दे दी है. मेरठ में  2 साल की बच्ची कोरोना पॉजिटिव पाई गई है. बच्ची अपने मां-बाप के साथ लंदन से लौटी थी. दिल्ली में सैंपल की जांच के बाद मामले की पुष्टि हुई है. इसके बाद पूरे प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है.
लंदन से लौटा था परिवार
दरअसल, हाल ही में एक परिवार लंदन से लौटकर आया था. इसके बाद जब कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया, तो मां-बाप निगेटिव निकले, लेकिन बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. बच्ची के अलावा 3 अन्य लोग भी लंदन से लौटकर आए थे, इन लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी. सभी के सैंपल को दिल्ली जांच के लिए भेजा गया. जहां तीनों की रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की रिपोर्ट में नए कोरोना वायरस स्ट्रेन की पुष्टि हुई.

सूर्य ग्रहण 2020: रेटिना के लिए नुकसानदायक हो सकता है सूर्य ग्रहण को सीधे देखना

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20 June 2020


DESK: सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) एक खगोलीय घटना है. लोग इसके गवाह बनना चाहते हैं. पर नेत्र रोग विशेषज्ञ इसे सीधे न देखने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि इससे आंख के रेटिना को गंभीर नुकसान हो सकता है.
सूर्य ग्रहण से जुड़ी लोगों की उत्सुकता उन्हें इसके परिणामों से दूर रखती है. सूर्य ग्रहण के द्वारा आपकी आंखों को कितना नुक्सान हो सकता है इसका अंदाजा शायद आप नहीं लगा सकते. इन वैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है.
ऑस्ट्रेलियन रेडिएशन प्रोटेक्शन एंड नुक्लेअर सेफ्टी एजेंसी (ARPANSA) ने आंखो की रौशनी और सूर्य ग्रहण पर कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट्स सांझा किये हैं. 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण आपकी आंखो पर कैसा असर डालेगा इस पर डिटेल में हर पहलूू को डिसकस किया गया है.

क्‍या है रेटिना

रेटिना हमारी आंखो का वह हिस्सा है, जो सीधे तौर पर कुछ भी देखने के लिए जिम्मेदार होता है. रेटिना के खराब होने पर कोई सेंसटिविटी या कोई दर्द आपको नहीं होगा. बल्कि इसका नुकसान भी आपको घंटों तक महसूस नहीं होगा. इसकी कोई चेतावनी नहीं होती ना ही इसके कोई लक्षण होते हैं. जिससे आपको पता चले कि अब आपकी आंखें खराब हो चुकी हैं.

सूर्य ग्रहण का स्वास्थ्य पर प्रभाव

सूर्य ग्रहण को पूर्ण या आंशिक रूप से प्रत्यक्ष देखने पर आंखों की रौशनी जा सकती है. ARPANSA अप्रत्यक्ष तरीकों का उपयोग करके ग्रहण देखने की सलाह देता है.
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है और चंद्रमा पूरी तरह से या आंशिक रूप से सूर्य को ढक देता है. सूर्य ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य को देखना बेहद खतरनाक होता है. आपको कभी भी नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण को नहीं देखना चाहिए. 

सूर्य ग्रहण को सीधे देखने से बचें

सूर्य ग्रहण को देखने की सबसे सुरक्षित तकनीक, इसे अप्रत्यक्ष रूप से देखना है. जैसे आप स्क्रीन पर सूर्य की छवि को आसानी से प्रोजेक्ट कर सकते हैं या टीवी पर, ऑनलाइन या लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं. विशेष रूप से यह रौशनी बच्चों की आंखें को बहुत नुकसान देती है. बच्चों की आंखें नाजुक होती हैंं और रेटिना के माध्यम से ज्यादा रौशनी ट्रांसमिट कर सकती हैं. इसका तीव्र प्रकाश उनकी आंखों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है. 

पहनें प्रोटेक्टिव ग्‍लास

‘एक्लिप्स आई ग्लासेस (Eclipse eye glasses) आजकल काफी पॉपुलर है. जिन्हें ग्रहण को देखने के लिए खास तौर पर तैयार किया जाता है. इनका सुरक्षित होना उनकी फिल्टर एबिलिटी और फ्रेम के डिजाइन पर निर्भर करता है. बल्कि जहां एक तरफ यह लेंस सर्टिफाइड स्टैंडर्ड एप्लीकेशंस द्वारा प्रमाणित होते हैं, वहीं दूसरी ओर इनका अनुचित उपयोग आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. 

याद रखने योग्य बातें

  • ग्रहण को देखने से परमानेंट विज़न लॉस हो सकता है
  • बिना किसी दर्द के यह नुकसान तेजी से होता है
  • ग्रहण के तुरंत बाद विज़न लॉस नहीं होता 
  • इसका कोई इलाज नहीं है और खास तौर से बच्चों के लिए इसका विशेष खतरा है
  • आई स्‍पेशलिस्‍ट सीधे सूर्य ग्रहण को देखने का विरोध करता हैं

सूर्य ग्रहण देखना सुरक्षित है?

आमतौर पर इस समय सूर्य की रोशनी इतनी तीव्र होती है कि उसे सीधे देखना ना सिर्फ मुश्किल है बल्कि बहुत खतरनाक भी हो सकता है. इस समय सूर्य की रोशनी को केवल क्षण भर के लिए भी देखा जाए तो यह आपकी आंखों की रेटिना को परमानेंटली खराब कर सकता है. 
बस यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप ने सूरज को कितनी देर तक कितने समय तक देखा है. यह हर व्यक्ति कि आंखों के स्वास्थ्य पर भी निर्भर करता है. लेकिन किसी भी व्यक्ति कि आंखें सूर्य ग्रहण को झेलने के लिए नहीं बनी है.

बच्‍चों के लिए है ज्‍यादा नुकसान दायक

संपूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूरज कितना ढका होगा यह जानने कि उत्सुकता हर व्यक्ति में होती है. इसका मतलब यह नहीं है कि उसे सीधे तौर पर देखा जाए. लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी प्रकार के सूर्य ग्रहण को देख कर गंभीर और परमानेंट नुकसान आंखों को हो सकता है. इसका कोई इलाज भी नहीं है. बच्चों के लिए इसका खतरा अधिक हो जाता है. क्योंकि बड़ों के मुकाबले बच्चों की आंखों में उनके रेटिना में यह रोशनी ज्यादा तेज और शीघ्र पहुंचती है.

कोरोना को मात देकर PMCH से विदा हुए 8 व्यक्ति, सभी को एंबुलेंस से सकुशल भेजा गया घर

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08 June 2020


पलामू: कोरोना को मात देकर पीएमसीएच से 8 व्यक्ति आज विदा हो गये. इन आठों का कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें पलामू चिकित्सा महाविद्यालय (पीएमसीएच) से छुट्टी दे दी गयी. इन सभी को कोरोना डेडिकेटेड (COVID-19) केयर सेंटर में रखा गया था. जिन व्यक्तियों को छुट्टी दी गयी उनमें 6 पुरूष व 2 महिलाएं थीं. सभी की उम्र 22 से 35 वर्ष है। इसमें 5 हुसैनाबाद, 1 पांडू, 1 सदर और 1 तरहसी प्रखंड क्षेत्र का रहने वाले हैं. ये सभी श्रमिक हैं, जो काम के लिए दूसरे राज्यों में गये थे और लॉकडाउन की स्थिति में विभिन्न राज्यों से पलामू लौटे हैं.

ठीक हुए सभी व्यक्तियों ने कोविड केयर सेंटर में लाने, यहां रहने, सेवा कार्य व ठीक होकर घर पहुंचने की व्यवस्था पर खुश नजर आये और इसके लिए पलामू जिला प्रशासन और स्वास्थयकर्मियों को धन्यवाद किया. कहा कि यहां उन्हें यहां अच्छी व्यवस्था मिली.

सिविल सर्जन डॉ0 जॉन एफ केनेडी, डीपीएम दीपक कुमार गुप्ता, हॉस्पिटल मैनेजर सुनित कुमार ने कोरोना संक्रमण मुक्त व्यक्तियों को चव्वनप्राश, मास्क, सैनेटाइजर, इत्यादि भेंट किया. सभी ने तालियां बजाकर संक्रमण मुक्त व्यक्तियों का हौसला बढ़ाया. इसके बाद सभी व्यक्तियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए एंबुलेंस से उनके घरों तक भेजा गया.

विदित हो कि पलामू में अबतक कोरोना संक्रमण के 29 मामले आए थे, जिसमें 26 मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। वर्तमान में यहां 3 केस एक्टिव है.
COVID डेडिकेटेड केयर सेंटर में कोरोना मरीजों को स्वस्थ करने के लिए सेवा कार्य में सीमा कुमारी, पूनम कुमारी, दीपक यादव, प्रदीप रवि, यशोदा, अंजलि शर्मा, बहालिन कूजूर, सुबोध, निरंजन, प्रभात आदि स्वास्थ्यकर्मी जुटे थे.

पलामू उपायुक्त डॉ0 शांतनु कुमार अग्रहरि ने कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कोरोना वॉरियस के रूप में कार्य कर रहे पलामू जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी है. उन्होंने कहा है कि निष्ठापूर्वक व टीम भावना से कार्य करने का परिणाम है कि पलामू में लगातार कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो रहे हैं. उन्होंने सभी को सच्चे दिल से अपने कर्तव्यों के प्रति उत्तरदायी होने और संजीदगी से काम करने की सलाह दी है.

उन्होंने से सभी पलामूवासियों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, हाथों को साबुन-पानी से धोते रहने तथा लॉकडाउन 5 एवं अनलॉक 1 के तहत जारी निदेशो का अनुपालन करने की अपील की है.

सिविल सर्जन डॉ0 जॉन एफ केनेडी व डीपीएम दीपक कुमार गुप्ता ने कोरोना संक्रमण से मुक्त व्यक्तियों को अपने घरों में भी होम कोरेन्टाइन में रहनी की बातें कही. साथ ही ठीक होने पर उनका एवं उन्हें ठीक करने में लगे स्वास्थयकर्मियों का हौसला बढ़ाया.

कोरोना की डराती रफ्तार, 5 दिन में 50 हजार केस

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नई दिल्‍ली: एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस अभी अपने पीक पर नहीं पहुंचा है. जून का पहला हफ्ता जैसा गुजरा है, उसे देखते हुए हालात और भयावह होने का डर है. कोरोना संक्रमण की दर अब कई गुना हो गई है. जून की शुरुआत से ही रोज लगभग 9-10 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं. सिर्फ पिछले 5 दिन के आंकड़े देखें तो 50 हजार से ज्‍यादा केस सामने आए हैं. आज देश में अनलॉक-1 का पहला दिन है. लॉकडाउन में छूट के बाद इतनी तेजी से केसेज बढ़ना सरकारों को बड़ी टेंशन दे रहा है.

पिछले 20 दिन में डेढ़ लाख नए केसभारत में कोरोना वायरस का पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था. आंकड़ा 100 केसेज तक पहुंचने में 15 मार्च तक का वक्‍त लगा. अगले 64 दिन में केसेज की संख्‍या एक लाख का आंकड़ा पार कर गई. यानी भारत में एक लाख कोरोना मामले होने में कुल 109 दिन लगे. हम अमेरिका, स्‍पेन जैसे देशों से दोगुना वक्‍त लेकर एक लाख केसेज तक पहुंचे थे. ये बात है 20 मई की. 31 मई को लॉकडाउन-4 खत्‍म हुआ और कई तरह की छूट दी गई. इसके बाद मामले तेजी से बढ़ने शुरू हुए. दो जून को देश में कोरोना मरीजों की संख्‍या दो लाख पार कर गई. अगले 5 दिन में 50 हजार से ज्‍यादा मरीज आए. इस वक्‍त देश में 2.56 लाख कन्‍फर्म केस हैं. पिछले दो दिन से लगातार 10 हजार से ज्‍यादा नए मामले सामने आ रहे हैं.

भारत में यूं बढ़ता गया कोरोना
कुल मामलेतारीख
130 जनवरी 2020
10015 मार्च 2020
10,00014 अप्रैल 2020
50,0007 मई 2020
1,00,0019 मई 2020
1,50,00027 मई 2020
2,00,0002 जून 2020
2,50,0008 जून 2020

अबतक 7,100 से ज्‍यादा मौतेंकेंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से अबतक 7135 की मौत हो चुकी है. पिछले 24 घंटों में 206 नई मौतों के साथ ही कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी बढ़कर 2,56,611 हो गई है. अभी 1.25 लाख से ज्‍यादा केसेज ऐक्टिव हैं. जबकि इलाज के बाद ठीक हो चुके 1.24 लाख मरीजों को छुट्टी जा चुकी है. भारत की रिकवरी दर 48.35 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 3.89 प्रतिशत है.

महाराष्‍ट्र सबसे बुरी तरह प्रभावितभारत में कोरोना से सबसे ज्‍यादा प्रभावित राज्‍य महाराष्‍ट्र है. यहां देश के 36% से ज्‍यादा मरीज (85,975) हैं. इसके बाद 31, 667 मामलों के साथ तमिलनाडु, 27, 654 मामलों के साथ दिल्ली और 19,592 मामलों के साथ गुजरात का नंबर है.

दिल्‍ली के CM अरविंद केजरीवाल को बुखार और गले में खराश, कल होगा कोरोना टेस्‍ट

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नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस से जूझ रही दिल्‍ली के लिए एक और चिंताजनक खबर है. मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है. उन्‍हें रविवार से हल्‍का बुखार और गले में खराश है. कोरोना वायरस के रिस्‍क को देखते हुए कल यानी मंगलवार को उनका टेस्‍ट कराया जाएगा. सोमवार की उनकी सारी मीटिंग्‍स कैंसिल कर दी गई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल ने कल दिल्ली में कोरोना की स्थिति की जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. जिसके बाद उनकी तबीयत थोड़ी गड़बड़ हुई. ऐहतियातन उन्‍होंने खुद को होम आइसोलेशन में रखा है. AAP सरकार ने दिल्‍ली में एसिम्‍प्‍टोमेटिक और प्री-सिम्‍प्‍टोमेटिक केसेज के कोरोना टेस्‍ट पर रोक लगा रखी है. सिर्फ लक्षण वाले संदिग्‍धों का टेस्‍ट होता है.

दिल्‍ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक चैनल से बातचीत में केजरीवाल की तबीयत खराब होने की पुष्टि की. उन्‍होंने बताया कि पिछले कुछ दिन में सीएम के संपर्क में आने वालों लोगों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी है. भारद्वाज ने कहा कि 'सीएम सेल्‍फ क्‍वारंटीन में हैं. कल सुबह टेस्‍ट के बाद पक्‍का पता जाएगा.' मंत्री ने कहा कि कैबिनेट की मीटिंग्‍स तो दूर-दूर बैठकर होती थीं. सरकारी अधिकारियों को सावधानी बरतनी चाहिए.

PPE किट के निर्माण में ग्लोबल हब बनेगा भारत,पीएम मोदी ने दी जानकारी

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26 May 2020


DESK: भारतवासियों के लिए खुशखबरी है.कोरोना से जंग लड़ने वालों में से सबसे महत्वपुर्ण योगदान देने वाले डॉक्टर को अब कोई दिक्कत नहीं होगी.अब देश में प्रतिदिन 3-5 लाख PPE Kits का निर्माण हो रहा है.अब आसानी से डॉक्टरों को यह उपलब्ध हो सकेगा.प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने इसकी जानकारी दी है.

भारत में कोविड-19 जैसी आपदा के खिलाफ लड़ते हुए भी देश की आर्थिक व्यवस्था को सदृढ़ करने के लिए तत्पर है.दो महीने पहले तक भारत में स्टैंडर्ड पीपीई कीट नहीं बनते थे लेकिन आज देश में प्रतिदिन 3-5 लाख पीपीई कीट का निर्माण हो रहा है.

क्या होता है पीपीई कीट
जैसा कि इसका नाम ही साफ कर रहा है कि इसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण कहते हैं. ये वह उपकरण होते हैं जो एक शख्स की रक्षा में इस्तेमाल होते हैं. मौजूदा स्थिति में पीपीई शब्द का इस्तेमाल मेडिकल फील्ड के संदर्भ में किया जा रहा है.यानी डॉक्टर, नर्स या बाकी स्टाफ द्वारा कोरोना वायरस से बचने के लिए पहने जाने वाले ग्लव्स, मास्क, चश्मे, सूट आदि सभी पीपीई होते हैं.पीपीई किट की वजह से ही संक्रमण के बीच काम करने के बावजूद डॉक्टर, नर्स और बाकी स्टाफ संक्रमित नहीं होता और सुरक्षित रहता है.
कई जगहों पर पीपीई की कमी की वजह से हेल्थकेयर वर्कर्स को बिना सुरक्षा उपकरणों के ही काम करना पड़ रहा है.कोरोना वायरस के मरीजों के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना खतरे से खाली नहीं है.यह संक्रमण तेजी से फैलता है, इसीलिए तो ऐसे मरीजों को आइसोलेशन में रखा जाता है. इस खतरे को देखते ही कई जगहों पर डॉक्टर, नर्स और बाकी के हेल्थकेयर स्टाफ ने प्रोटेस्ट भी किया था.लेकिन अब राहत की खबर है,डॉक्टरों को पीपीई कीट की समस्या नहीं होगी.

देश में कोरोना से अबतक 4 हजार से ज्यादा की मौत,CDSCO की एक्सपर्ट कमेटी की बिना ट्रायल ही इस दवा को मरीजो को देने की सिफारिश

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DESK :  देश में कोरोनावायरस का संक्रमण गंभीर होता जा रहा है. सोमवार को 24 घंटे के अंदर 158 लोगों की मौत हो गई। इन्हें मिलाकर अभी तक कुल 4,078 लोग दम तोड़ चुके हैं. वहीं देशभर में 6,173 नए मरीज मिले. अब संक्रमितों की संख्या 1,41,794 हो गई है.

इसी बीच, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) की एक्सपर्ट कमेटी ने कोरोना की दवा बताई जा रही रेमडेसिविर को क्लीनिकल ट्रायल के बिना ही मरीजों को देने की सिफारिश की है. हालांकि, सीडीएससीओ ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है.

बता दें दवा निर्माता अमेरिकी कंपनी गिलियाड साइंसेज ने भारतीय दवा कंपनियों के साथ समझौता किया है. इसके तहत सिप्ला और हिटेरो ने दवा बनाने और बेचने की अनुमति मांगी थी. दवा देने से पहले मरीजों की सहमति अनिवार्य होगी। यह दवा सिर्फ गंभीर मरीजों को दी जाएगी. दवा के प्रभाव का अध्ययन भी होगा. सब ठीक रहा तो जून अंत तक दवा बाजार में आ सकती है. 

हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसे केंद्र सरकार राज्यों को सप्लाई करेगी या राज्य सीधे खरीद सकेंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चर्चा के अनुसार रेमडेसिविर की कीमत 75 हजार से तीन लाख के बीच है.

कोरोना का कोई लक्षण नहीं होने के बाद भी निकली पॉजिटिव, गुजरात से वापस लौटने के बाद खुद पहुंची थी जांच कराने

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28 April 2020


UB DESK: कोरोना का कोई लक्षण नहीं होने के बाद भी अब मरीज पॉजिटिव पाये जा रहे है. एक ऐसा ही मामला झारखंड की राजधानी रांची से सामने आया है. जहां कांके के अरसंडे में गुजरात से आई छात्रा कोरोना पॉजिटिव मिली है.

एक माह पहले गुजरात से लौटी थी
बताया जा रहा है कि वह एक माह पहले गुजरात गांधीनगर से पटना आई थी. वहां से कार से रांची लाई गई थी. उस दौरान कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले थे. वह पहले भी रिम्स गई थी, लेकिन कोई लक्षण नहीं होने पर उसे होम क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह देकर घर भेज दिया गया था. वहीं छात्रा की मां भी होम क्वॉरेंटाइन थी.
लक्षण नहीं होने बावजूद खुद करवाई जांच
22 अप्रैल को पुनः छात्रा ने खुद सैंपल दिया. सोमवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. जिसके बाद अब छात्रा को इलाज के लिए भेज दिया गया है. वहीं परिवार के अन्य सदस्यों का भी सैंपल लिया जाएगा.

RJD सुप्रीमो लालू यादव का भी हो सकता है कोरोना टेस्ट, सैंपल लिए जाने पर फैसला जल्द

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रांची : रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती लालू यादव पर भी कोरोना का खतरा है. राजधानी रांची के सबसे बड़े अस्‍पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) का औषधि विभाग भी संक्रमित हो गया. बताया गया है कि डॉ उमेश प्रसाद के यूनिट से एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई है. डॉक्टर उमेश प्रसाद राजद सुप्रीमो लालू यादव के भी डॉक्टर हैं.

बता दें कि चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव पहले ही 13 गंभीर बीमारियों से ग्रस्‍त हैं. वे क्रॉनिक किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. लालू के शूगर में भी बराबर उतार-चढ़ाव होता रहता है. ऐसे में राजद सुप्रीमो की ओर से कोरोना संक्रमण का खतरा बताते हुए पहले ही पैरोल की मांग की गई थी. रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल, होटवार के काराधीक्षक और जेल महानिरीक्षक ने भी लालू को कोरोना का खतरा बताते हुए रिम्‍स के पेइंग वार्ड से अलग शिफ्ट करने पर गृह विभाग को चिट्ठी लिखी थी.

इधर लालू प्रसाद यादव का इलाज कर रहे डॉ उमेश प्रसाद के वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद डॉक्‍टर में भी संक्रमण का खतरा है. ये डॉक्‍टर प्राय: रोज लालू की जांच करने पेइंग वार्ड में आते हैं. ऐसे में संक्रमण का दायरा बड़ा हुआ तो मामला गंभीर हो सकता है. बहरहाल अभी रिम्‍स प्रबंधन की ओर से इस पर आधिकारिक तौर पर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है.अगर मेडिसिन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ उमेश प्रसाद क्‍वारंटाइन में जाते हैं, तो संभव है कि लालू का स्‍वाब लेकर भी उनकी कोरोना संक्रमण की जांच कराई जाए. 

शरीर में दिख रहे हैं ये 8 लक्षण, तो समझ लीजिए मामला गड़बड़ है

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18 April 2020


DESK: कोरोना वायरस के मामले पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस की चेन को तोड़ने के लिए फिलहाल ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करना जरूरी है. हालांकि कई लोगों के शरीर में इस बीमारी के लक्षण काफी देरी से नजर आते हैं. दूसरा, इसके लक्षण आम सर्दी-जुकाम से इतने मिलते-जुलते हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है.

1. अमेरिकी शोधकर्ताओं और WHO द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद इंसान को सूखी खांसी आनी शुरू हो जाती है. अगर आपको ऐसी परेशानी हो रही है तो निश्चित ही आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

2. मरीजों में बंद या बहती नाक के भी लक्षण देखे गए हैं. हालांकि जरूरी नहीं है कि नाक बहने की समस्‍या कोरोना वायरस का ही संकेत हो. आमतौर पर एलर्जी या ठंड लगने की वजह से भी नाक बहने लगती है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के पांच फीसदी से भी कम मरीज इन लक्षणों का अनुभव करते हैं.

3. मरीज को तेज बुखार चढ़ने लगता है और उसके शरीर का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है. अब तक कई हेल्थ एक्सपर्ट कोरोना वायरस में तेज बुखार चढ़ने का दावा कर चुके हैं.

4. कोरोना वायरस की शिकायत होने पर पहले 5 दिनों में इंसान को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सांस की समस्या फेफड़ों में बलगम फैलने की वजह से होती है.

5. मांसपेशियों में दर्द या ठंड लगना भी कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 11 फीसदी लोगों में ठंड लगने और 14 फीसदी लोगों को मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण महसूस हुए हैं. ये गंभीर लक्षण उभरने से पहले के संकेत हो सकते हैं.
इसे भी पढ़े: झारखंड में दिल्ली मरकज में शामिल मलेशियाई युवती ने बनाया कोरोना का चेन

6. एक रिपोर्ट के अनुसार चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित सिर्फ 3 फीसदी लोगों को डायरिया की शिकायत थी. वहीं विश्व स्वास्थ संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में 5 फीसदी लोगों को मितली की समस्या थी.

7. अमेरिका के वॉशिंगटन नर्सिंग होम के हालिया रिपोर्ट के मुताबिक लगभग एक तिहाई लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया था, लेकिन आधे में लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं थे. जबकि कुछ मरीजों में बेचैनी और उठने-बैठने में तकलीफ जैसे असामान्य लक्षण थे.

8. कोरोना वायरस के कुछ मरीजों में छींक आना और गले में खराश होने जैसी समस्या देखी गई है. हालांकि छींक आने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप कोरोना वायरस से ही पीड़ित हों. एलर्जी या सर्दी लगने पर भी छींक आने और गले में खराश होने जैसी समस्या हो जाती है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 24 घंटे के भीतर देश में कोरोना के 991 नए मरीज, 43 लोगों की मौत

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DESK: संयुक्त स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल ने कोरोना वायरस से संबंधित अपडेट देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब तक का डेटा देखें तो देश में 1992 लोग ठीक हो चुके हैं. हम देखें तो हमारा क्योर पर्सेंटज 13.85 प्रतिशत है.

कल से कुल 991 नए पॉजिटिव केस आए हैं. इस तरह देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 14378 तक पहुंच चुकी है. पिछले 24 घंटों में 43 और लोगों की जान गई है. इस वजह से मौत का आंकड़ा 480 पर पहुंच गया है.

लव अग्रवाल ने कोरोना से हुई मौतों पर चर्चा करते हुए आगे कहा कि डेथ की जो डिटेल्स आई हैं, उसको हम एनलाइज करें तो हमने देखा है कि हमारे देश में मोरटलिटी करीब 3.3 प्रतिशत पाई गई है. जिसमें अगर आयुवार विश्लेषण करें तो पाते हैं कि 0-45 साल के आयुवर्ग में 14.4 प्रतिशत लोगों की जान गई है.
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45-60 आयुवर्ग में यह 10.3 प्रतिशत, 60-75 आयुवर्ग में 33.1 प्रतिशत, 75 साल से ऊपर के मरीजों में यह 42.2 प्रतिशत रहा है. यानी की हम देखते हैं कि 75.3 केस जो हैं वो 60 से ज्यादा उम्र के लोगों में डेथ नोट की गई है.
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