रिपोर्ट: संजय पांडे
गढ़वा। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा गढ़वा जिले में भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. संभावित बाढ़, जलजमाव और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में 1 सितंबर 2026 को समाहरणालय से ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई.
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण, आपदा विभाग के प्रभारी पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लकड़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
आपदा प्रबंधन में लापरवाही नहीं हो: उपायुक्त
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ और जलजमाव को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित कर सक्रिय रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके.
नदी-नालों और जलाशयों से दूर रहने की अपील
भारी बारिश को देखते हुए उपायुक्त ने जिलेवासियों से नदी, नालों, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है. खासकर निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.
प्रशासन की ओर से माइकिंग के जरिए भी लोगों को लगातार जागरूक किया जाएगा.
2 और 3 सितंबर को बंद रहेंगे सभी स्कूल
भारी वर्षा और संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों को 2 और 3 सितंबर 2026 को बंद रखने का निर्देश दिया है.
हालांकि, इस दौरान विद्यालयों में केवल गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन होगा. शिक्षक और संबंधित कर्मी अपने-अपने विद्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे तथा विद्यालय परिसर की सुरक्षा और जरूरी व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे.
पंचायत भवन और स्कूलों को राहत केंद्र के रूप में तैयार रखने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में वर्षापात, जलजमाव और भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत भवनों और विद्यालय भवनों को उपयोग योग्य स्थिति में तैयार रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया जा सके.
इसके अलावा संभावित आपात स्थिति को देखते हुए खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश भी दिया गया। सभी पदाधिकारी और कर्मियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया है.
स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी अलर्ट मोड पर
बैठक में सिविल सर्जन को जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने तथा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था तैयार रखने का निर्देश दिया गया. आपात स्थिति में लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया.
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने सभी अंचल स्तर पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया. उन्होंने लोगों से जलजमाव वाले इलाकों और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की.
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, जलजमाव वाले स्थानों से बचने और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
प्रशासन का कहना है कि संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं और सतर्कता एवं सावधानी ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.






