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खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का जनजागरण अभियान, सभी विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक नियुक्त

JMM launches public awareness campaign against the Mineral Amendment Bill; observers appointed for all assembly constituencies.

23 August 2026

/ by Uday Bharat

पलामू। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की केंद्रीय समिति के सदस्यों, पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक रविवार को स्थानीय परिसदन भवन में आयोजित की गई. बैठक में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 से झारखंड को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान और केंद्र सरकार पर राज्य की बकाया राशि को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ जनजागरण अभियान और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई.

बैठक की अध्यक्षता झामुमो पलामू जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी ने किया.

बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम के लागू होने से झारखंड में संचालित सामाजिक और जनकल्याणकारी योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना और सर्वजन पेंशन योजना के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है.

उन्होंने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व का बड़ा हिस्सा खनिज संसाधनों से जुड़ा हुआ है. खनन केवल औद्योगिक गतिविधि नहीं, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार, जमीन, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा विषय है.

राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि वर्षों से झारखंड की धरती से निकलने वाला कोयला और लौह अयस्क देश के औद्योगिक एवं ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतें पूरी करता रहा है. इसके बदले झारखंड को विस्थापन, प्रदूषण, जंगलों के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की कीमत भी चुकानी पड़ी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य की जमीन से खनिज संपदा निकाली जा रही है, क्या उस राज्य को अपने विकास और जनता के कल्याण के लिए उस संपदा से उचित राजस्व प्राप्त करने का अधिकार नहीं होना चाहिए?

सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनजागरण की तैयारी

बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों से झारखंड के आर्थिक हितों को होने वाले संभावित नुकसान के मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की. जिला समिति ने झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लिया.

जनजागरण और आंदोलन को मजबूती देने के लिए पलामू की सभी विधानसभा सीटों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है.

विश्रामपुर विधानसभा: युगल चंद्रवंशी, अविनाश देव, असफर रब्बानी, कमलेश पाठक, अनिल चंद्रवंशी, शाहबाज आलम और सुमित बर्मन.

पांकी विधानसभा: सन्नू सिद्दीकी, सुनील तिवारी, सन्नी शुक्ला, बबलू शाहनवाज, दीपू चौरसिया, राकेश सिंहा, अखिलेश सिंह और रमेश सिंह.

हुसैनाबाद विधानसभा: चंदन प्रकाश सिन्हा, वशिष्ठ सिंह, विवेकानंद सिंह, डॉ. एजाज, नेहाल असगर, आलोक सिंह उर्फ टूटू सिंह और सुशील सिंह.

पाटन-छतरपुर विधानसभा: संजीव तिवारी, संतोष उपाध्याय, पप्पू कमाल खान, मुन्ना सिंहा, रंजीत सिंह, नवीन सिंहा, अनुराग सिंह, रंजीत जायसवाल और ईश्वरी मेहता.

डालटनगंज विधानसभा: राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, बालकिशन उरांव, रंजन चंद्रवंशी, सलोनी टोप्पो, श्रवण गुप्ता, धीरेन्द्र उरांव, देवानंद भारद्वाज, आशुतोष विनायक, फ़ज़ायल अहमद और रामनाथ चंद्रवंशी को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा नगर निगम, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, छात्र मोर्चा और महानगर मोर्चा के लिए भी पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए.

बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य सह उपाध्यक्ष सन्नू सिद्दीकी, संजीव तिवारी, चंदन प्रकाश सिन्हा, हाजी ललन, युगल किशोर चंद्रवंशी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशीला मिश्रा, वरिष्ठ नेता सुनील तिवारी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अविनाश देव, राकेश सिंहा, असफर रब्बानी, संगठन सचिव देवानंद भारद्वाज, शाहबाज खान, अनुराग प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष रंजीत जायसवाल, सचिव अल्ताफ राइन, मन्नत सिंह बग्गा, युवा मोर्चा अध्यक्ष सूरज कुमार, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, छात्र मोर्चा सचिव सैयद फैजल, महिला मोर्चा सचिव संजू देवी, रजिया बानो, मंजू चंद्रवंशी, व्यवसाय मोर्चा अध्यक्ष दीपू चौरसिया, आरफीन अली और शमीम हाशमी समेत कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.

झामुमो नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम लोगों तक इस मुद्दे की जानकारी पहुंचाई जाएगी और झारखंड के आर्थिक हितों से जुड़े विषय पर व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा.

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