लेटेस्ट

Latest

वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती पर पेड़ों को बांधी राखी, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

On the golden jubilee of the 'Van Rakhi' movement, rakhis were tied to trees, conveying a message of environmental conservation

28 August 2026

/ by Uday Bharat

पर्यावरण धर्म गुरु डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा-वृक्ष सुरक्षित रहेंगे, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा

पलामू। वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पलामू जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया. पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पर्यावरण धर्म गुरु सह वन राखी मूवमेंट के प्रणेता डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने वृक्षों को राखी बांधकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.

इस अवसर पर डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि मानव रूपी भाई की रक्षाबंधन से कहीं अधिक जरूरी जीवन रूपी वृक्षों की रक्षा करना है. वृक्ष सुरक्षित रहेंगे, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा. उन्होंने लोगों से पेड़ों की सुरक्षा और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की.

1967 में शुरू किया था ‘जंगल लगाओ-जंगल बचाओ’ अभियान

डॉ. कौशल ने बताया कि वर्ष 1967 में छतरपुर प्रखंड के डाली गांव स्थित अपनी 7.72 एकड़ निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर ‘जंगल लगाओ-जंगल बचाओ’ अभियान की शुरुआत की थी. करीब दस वर्षों बाद जब लगाए गए पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा काटा जाने लगा, तब वर्ष 1977 में उन्होंने पर्यावरण धर्म अपनाया। इसके तहत उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के आठ मूल मंत्र निर्धारित किए. इसी विचारधारा के तहत उन्होंने महिलाओं के साथ मिलकर वृक्षों को भाई मानकर उन्हें राखी बांधने की परंपरा शुरू की. उनका कहना है कि जिस प्रकार बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती है, उसी प्रकार वृक्षों को राखी बांधकर संपूर्ण जीव-जगत की सुरक्षा की कामना की जाती है. इसी सोच से वन राखी मूवमेंट को गति मिली.

22 देशों की करीब 200 प्रजातियों के पौधे बने आकर्षण का केंद्र

वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत डाली बाजार स्थित कौशल नगर के मोहनलाल खुर्जा-पार्वती देवी पार्क में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. पार्क में विश्व के 22 देशों से लाए गए करीब 200 प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें कई औषधीय एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों के पौधे भी शामिल हैं.

कार्यक्रम के दौरान विश्व के प्रथम पर्यावरण धर्म ज्ञान वृक्ष देव मंदिर परिसर में पर्यावरण धर्म की प्रार्थना के साथ पौधारोपण किया गया. इसके बाद डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की शपथ दिलाई.

इस अवसर पर लोगों को अंगवस्त्र एवं 351 पौधे देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की सुरक्षा को लेकर लोगों ने संकल्प भी लिया.

महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में पूर्व उप मुखिया अफजाल अंसारी, जुबेर अंसारी, गुलाम गौस, रजी अहमद, रामजी प्रसाद, श्याम देव पासवान, शिवनाथ राम, बाबूराम, लक्ष्मण राम, धर्मदेव यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं मौजूद रहीं. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने वृक्षों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया.

डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि पेड़ केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं. इसलिए वृक्षों की रक्षा को सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा.

Next Story Older Post Home

No comments

Don't Miss
© all rights reserved
made with by templateszoo