इलाज में लापरवाही का आरोप, क्लीनिक सील, जांच के आदेश
गढ़वा | संजय पांडे
भवनाथपुर थाना क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिक शिव शरण सेवा संस्थान में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो जाने से शुक्रवार को क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर जांच के आदेश दिए हैं.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
मृतका की पहचान इंदु देवी (पति– उमेश राम) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कोण थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं. परिजनों के अनुसार, 17 दिसंबर को इंदु देवी को इलाज के लिए शिव शरण सेवा संस्थान में भर्ती कराया गया था. उसी रात डॉक्टर द्वारा बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया.
ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही. परिजनों का आरोप है कि महिला द्वारा बार-बार अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत करने के बावजूद डॉक्टर ने इसे नजरअंदाज किया और “सब ठीक हो जाएगा” कहकर लापरवाही बरती.
रास्ते में हुई मौत, डॉक्टर फरार
20 दिसंबर को जब महिला की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, तो डॉक्टर खुद अपनी गाड़ी से मरीज को उत्तर प्रदेश ले जाने लगे. इसी दौरान रॉबर्ट्सगंज के पास रास्ते में महिला की मौत हो गई.
आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने एक निजी एंबुलेंस मंगाकर शव को उसमें लोड कराया और पानी लाने का बहाना बनाकर इलाज से संबंधित पर्ची लेकर मौके से फरार हो गया.
क्लीनिक बंद देख भड़के परिजन
जब परिजन शव लेकर वापस क्लीनिक पहुंचे तो पाया कि शिव शरण सेवा संस्थान का गेट बंद है और सभी लोग फरार हैं. इससे आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और तोड़फोड़ करने का प्रयास किया.
सूचना मिलते ही भवनाथपुर थाना इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, एएसआई दिनेश सिंह, आशुतोष सिन्हा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया.
स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर झामुमो युवा प्रखंड अध्यक्ष दीपक वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से फोन पर कार्रवाई की मांग की. स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच टीम भेजकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी हो चुकी हैं मौतें
झामुमो महिला नेत्री कबूतरी देवी ने आरोप लगाया कि उक्त क्लीनिक में पहले भी इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हर बार पैसों के बल पर मामला दबा दिया गया. उन्होंने भवनाथपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
क्लीनिक सील, जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी शम्भु राम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह एवं थाना प्रभारी रजनी रंजन मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ताला तोड़कर अस्पताल का निरीक्षण किया और शिव शरण सेवा संस्थान को सील कर दिया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल किसी बाहरी डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है और यहां ऑपरेशन करने की न तो आवश्यक योग्यता थी और न ही संसाधन. ऐसे में मरीज की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया है. मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
भवनाथपुर थाना क्षेत्र में संचालित निजी क्लीनिक शिव शरण सेवा संस्थान में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो जाने से शुक्रवार को क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर जांच के आदेश दिए हैं.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
मृतका की पहचान इंदु देवी (पति– उमेश राम) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के कोण थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं. परिजनों के अनुसार, 17 दिसंबर को इंदु देवी को इलाज के लिए शिव शरण सेवा संस्थान में भर्ती कराया गया था. उसी रात डॉक्टर द्वारा बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया.
ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही. परिजनों का आरोप है कि महिला द्वारा बार-बार अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत करने के बावजूद डॉक्टर ने इसे नजरअंदाज किया और “सब ठीक हो जाएगा” कहकर लापरवाही बरती.
रास्ते में हुई मौत, डॉक्टर फरार
20 दिसंबर को जब महिला की हालत अत्यधिक गंभीर हो गई, तो डॉक्टर खुद अपनी गाड़ी से मरीज को उत्तर प्रदेश ले जाने लगे. इसी दौरान रॉबर्ट्सगंज के पास रास्ते में महिला की मौत हो गई.
आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने एक निजी एंबुलेंस मंगाकर शव को उसमें लोड कराया और पानी लाने का बहाना बनाकर इलाज से संबंधित पर्ची लेकर मौके से फरार हो गया.
क्लीनिक बंद देख भड़के परिजन
जब परिजन शव लेकर वापस क्लीनिक पहुंचे तो पाया कि शिव शरण सेवा संस्थान का गेट बंद है और सभी लोग फरार हैं. इससे आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और तोड़फोड़ करने का प्रयास किया.
सूचना मिलते ही भवनाथपुर थाना इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, एएसआई दिनेश सिंह, आशुतोष सिन्हा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया.
स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर झामुमो युवा प्रखंड अध्यक्ष दीपक वर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से फोन पर कार्रवाई की मांग की. स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच टीम भेजकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी हो चुकी हैं मौतें
झामुमो महिला नेत्री कबूतरी देवी ने आरोप लगाया कि उक्त क्लीनिक में पहले भी इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हर बार पैसों के बल पर मामला दबा दिया गया. उन्होंने भवनाथपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लीनिकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की.
क्लीनिक सील, जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी शम्भु राम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी दिनेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह एवं थाना प्रभारी रजनी रंजन मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ताला तोड़कर अस्पताल का निरीक्षण किया और शिव शरण सेवा संस्थान को सील कर दिया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल किसी बाहरी डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है और यहां ऑपरेशन करने की न तो आवश्यक योग्यता थी और न ही संसाधन. ऐसे में मरीज की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया है. मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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