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मनातू कांड- पॉलिटिक्स दबाव में FIR, दलालों और भ्रष्टाचारियों ने रची साजिश : विधायक डॉ शशिभूषण मेहता

Manatu case- FIR under political pressure, pimps and corrupt have hatched a conspiracy: MLA Dr Shashibhushan Mehta

08 September 2022

/ by Uday Bharat

पलामूः दलाल और भ्रष्टाचारियों के साजिश और बहकावे में एफआईआर ( FIR ) दर्ज हुई है. एफआईआर एक राजनीतिक ( political ) षड्यंत्र का हिस्सा है. यह बात पांकी से भाजपा विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने कही है. पलामू जिला के मनातू प्रखंड में बीडीओ के आवेदन के आधार पर विधायक डॉ शशिभूषण मेहता और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज की गई है.
FIR के पीछे साजिश, बिडीओ तो बेचारे हैं, उन पर दया आ रही है : विधायक
इस पूरे मामले में पांकी विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने गुरुवार को परिसदन में प्रेस वार्ता किया. इस दौरान एफआईआर ( FIR ) को लेकर विधायक ने कई सवाल उठाए. वर्तमान हालात में बड़ी राजनीतिक साजिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. आखिर ऐसी कौन सी बात हो गई कि 08 जुलाई 2022 की घटना और 2 सितंबर को आवेदन दे कर एफआईआर ( FIR ) दर्ज की गई थी. कहीं ना कहीं से कोई दबाव पड़ा है. जिस कारण यह एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि नहीं लगता है कि यह इतनी बड़ी बात है कि इसे विशेषाधिकार हनन ( breach of privilege ) तक ले जाया जाए. प्रखंड विकास पदाधिकारी ( BDO ) बेचारे हैं, उन पर दया आ रही है. वह जनता के हक और अधिकार को लेकर आवाज उठाते रहेंगे.
पलामू पुलिस निष्पक्ष जांच करे
विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने कहा कि एफआईआर ( FIR ) में इस बात का उल्लेख किया गया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ( BDO ) को फोन पर लगातार धमकियां मिल रही थी. इस बात का जिक्र नहीं है कि बीडीओ साहब को कौन से नंबर से धमकी मिल रही थी. पुलिस और प्रशासनिक तंत्र ( Police and Administrative System ) पूरे मामले में निष्पक्षता पूर्वक जाँच करें. प्रखंड विकास पदाधिकारी को अगर किसी ने फोन पर धमकी दी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
दरअसल क्या था मामला 
विधायक ने कहा कि वे 8 जुलाई को प्रखंड प्रमुख के कार्यालय के उद्घाटन के लिए मनातू गए थे. इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में प्रखंड शिक्षा समिति की बैठक भी हुई थी. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे और इसकी प्रोसीडिंग भी जारी की गई थी. विधायक ने दोहराया कि वे बीडीओ के सरकारी आवास में गए थे जहां वे आपत्तिजनक हालत में थे.
विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने कहा कि राज्य सरकार के गृह सचिव राजीव अरुण एक्का, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन को पूरे मामले की सूचना दी थी. विधायक ने कहा कि मामले में पदाधिकारी द्वारा विधायक पलामू डीसी के निर्देश पर सदर एसडीएम ने जांच भी की है. इस जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि आरटीआई ( RTI ) के माध्यम से भी जल्द जांच रिपोर्ट को आम जनो के समक्ष रखेंगे.

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