रांची: झारखंड में नवनिर्वाचित सीएम हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में विपक्षी नेताओं का बड़ा जमावड़ा हो सकता है. हाल के समय में यह विपक्षी नेताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा माना जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे एकता की कोशिश बताने से परहेज कर रहा है. विपक्षी नेताओं के अलावा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में आएंगे. शपथ ग्रहण समारोह रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में 29 दिसंबर (रविवार) को होगा.
सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं ने शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए औपचारिक सहमति दे दी है, उनमें प्रणब मुखर्जी के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, डीएमके चीफ स्टालिन के अलावा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अतिरिक्त कांग्रेस शासित राज्यों मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी शामिल हैं. इनके अलावा युवा नेता हार्दिक पटेल, कन्हैया कुमार के अलावा कई समाजसेवी भी शपथ ग्रहण समारोह में दिखेंगे.ये भी पढ़े: हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे लालू यादव, ये है वजह
सोनिया गांधी के आने की संभावना नहीं
बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है. हेमंत सोरेन गत बुधवार को सोनिया गांधी को निमंत्रण देने के लिए दिल्ली गए थे पर उनकी तरफ से समारोह में शामिल होने संबंधी सहमति नहीं मिल पाई है.
रतन टाटा सहित कई शीर्ष उद्योगपति भी आएंगे
शपथ ग्रहण समारोह में प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा सहित कई बड़े नामों के भी शामिल होने की संभावना है. हेमंत सोरेन के करीबियों के अनुसार, इसमें कई बड़े उद्योगपति ने आने की सूचना दे दी है. इसके अलावा हेमंत सोरेन ऐसे आदिवासियों को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुला रहे हैं जिन्होंने देश में किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया हो. हेमंत सोरेन मौजूदा समय में देश के अकेले आदिवासी सीएम होंगे. इसके अलावा सोरेन ने पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय सरकार के कई मंत्रियों और कई बीजेपी नेताओं को भी न्योता दिया है लेकिन पीएम मोदी या अमित शाह के आने की अभी कोई सूचना नहीं है. मालूम हो कि झारखंड में बीजेपी की सरकार को हराकर वहां जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी बड़ी जीत के साथ सत्ता में आई है. वहीं, राज्य के इतिहास में जेएमएम पहली बार सबसे बड़ी पार्टी भी बनकर उभरी है.

