रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ED) जमीन घोटाले की जांच कर रही है. इसको लेकर बीते आठ अगस्त को ईडी ने राज्य के सीएम हेमंत सोरेन को समन भेजकर पूछताछ के लिए 14 अगस्त को तलब किया था. लेकिन आज सोमवार को सीएम ईडी के समक्ष पेश नहीं होंगे. उन्होंने अपनी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए एक सप्ताह का समय मांगा है. बता दें कि ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को आरसी 25/23 केस ईसीआईआर में समन किया था.
ईडी ने अवैध खनन ममाले में सीएम से 10 घंटे की थी पूछताछ
बता दें कि इससे पहले 17 नवंबर 2022 को ईडी ने अवैध खनन ममाले में सीएम हेमंत सोरेन से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी. ई़डी ने इस पूछताछ में पत्थर खनन से जुड़े कई सवाल सीएम हेमंत सोरेन से किये थे. साथ ही हेमंत सोरेन से संपत्ति की पूरी जानकारी मांगी थी.
रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की
ईडी ने जमीन घोटाले की जांच रांची के तत्कालीन आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी की रिपोर्ट के आधार पर शुरू कर दी थी. सेना के कब्जे वाली जमीन के सिलसिले में जांच कर आयुक्त ने रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी. इस जांच रिपोर्ट में स्पष्ट था कि फर्जी नाम और पता के आधार पर सेना की जमीन पर कब्जा किया गया. रांची नगर निगम ने इस मामले की शिकायत दर्ज करायी. ईडी ने इस प्राथमिकी को इसीआइआर के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की.
ईडी ने नवंबर 2022 में पहली बार छापेमारी की
इस मामले की जांच शुरू हुई तो पहला छापा नवंबर 2022 को व्यापारी विष्णु अग्रवाल और अमित अग्रवाल के ठिकानों पर पड़ा था. ईडी ने दूसरी बार 13 अप्रैल को रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन, बड़गाईं अंचल के अंचलाधिकारी मनोज कुमार, कर्मचारी भानु प्रताप समेत जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों के 21 ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान ई़डी को कई अहम सबूत मिले थे. इस दौरान ईडी ने सरकारी दस्तावेज घर में रखने के आरोप में कर्मचारी भानु प्रताप सहित सात जमीन कारोबारियों को गिरफ्तार किया था. रिमांड पर इन अभियुक्तों से हुई पूछताछ के दौरान जमीन के मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ करने में शामिल अन्य लोगों की जानकारी मिली. इसके बाद 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थापित पीपीएस उदय शंकर के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा. ईडी को जानकारी मिली कि जमीन कारोबारियों को प्रशासनिक मदद पहुंचाने की कोशिश इसी जगह से होती थी.
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