DESK : कोरोना से आज पूरी दुनिया संक्रमित है. दुनिया के संपन्न देशों में हर रोज कोरोना के मामले और मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं. इन सबके बीच एक वैज्ञानिक अध्ययन से थोड़ी राहत की सांस ये दुनिया ले सकती है. एक स्टडी में ये बात सामने आ रही है कि अगर गर्मी बढ़ेगी तो हो सकता है कि कोरोना के कहर में कमी आए.
कोरोना के जहरीले वायरस से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश हो रही है. लेकिन कोशिशों से आगे एक उम्मीद मौसम है. दुनिया की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी और संस्थानों से ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि ठंड जाएगी, मौसम बदलेगा, गर्मी होगी और तापमान का पारा चढ़ेगा तो कोरोना की गर्मी उतरेगी और वो खत्म होगा.
वैसे ही हिंदुस्तान में इस वक्त पारा थोड़ा नीचे है लेकिन जैसे ही सूरज की तपिश बढ़ेगी, कोरोना से बचने की उम्मीदें भी बढ़ेंगी. ये उम्मीद दुनिया के जाने-माने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी ने जगाई है.
इसे भी पढ़े: प्रेमिका से मिलने के लिए क्वारंटाइन से फरार
कुछ रिसर्च और कुछ डॉक्टर जो बता रहे हैं, उसके हिसाब से तो गरमी का बढ़ना कोरोना के वायरस को खात्मे में काम आएगा. अगर हम दुनिया के तमाम देशों में कोरोना का हिसाब देखें तो जहां तापमान बढ़ा है, वहां कोरोना का कहर कम है.
- सूडान में औसत तापमान 52 डिग्री है. वहां कोरोना के 3 मामले आए और मौत एक हुई है.
- ओमान में तापमान 50 डिग्री के करीब होता है और वहां कोरोना के मामले 109 आए लेकिन मौत किसी की नहीं हुई.
- इराक में औसत पारा 48 डिग्री के करीब होता है. वहां कोरोना के 382 मामले निकले और मौत 36 हुई.

