पलामू : विधानसभा चुनाव 2019 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि की अध्यक्षता में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड माॅनेटरिंग कमेटी के सदस्यों के साथ समाहरणालय स्थित जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित की गई . बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पेड न्यूज तथा सभी संदेहास्पद खबरों पर सख्ती से नजर रखने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक और डिजिटल मीडिया में प्रसारित और प्रचारित सभी खबरों पर बारिकी से ध्यान देने की बातें कही.
उन्होंने यूट्यूब के स्थानीय चैनलों पर प्रसारित हो रही खबरों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि चुनाव से संबंधित पेड या संदेहास्पद न्यूज प्रकाशित और प्रसारित होने की रिपोर्ट MCMC कोषांग मीडिया कोषांग को अग्रसारित करें.
पेड न्यूज के संबंध में उन्होंने कहा कि एक ही खबर विभिन्न अखबारों में अलग-अलग एंगल से छपती है तो वह पेड न्यूज़ की श्रेणी में आएगा. साथ ही दो से तीन दिनों के भीतर वह खबर दो अखबारों में एक ही तथ्य के साथ प्रकाशित होता है, तो वह पेड न्यूज की श्रेणी में आएगा. इसके अलावा कोई भी खबर एक पार्टी या प्रत्याशी विशेष का गुणगान करता हुआ प्रकाशित हुई हो, तो वह भी पेड न्यूज भी श्रेणी में आता है. उन्होंने ने प्रत्याशियों की सोशल मीडिया एकाउंट पर भी नजर रखने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी प्रत्याशी अपने सोशल मीडिया एकाउंट से दूसरे पार्टी या प्रत्याशी पर आक्षेप कर रहा हो, तो वह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा. वाट्सेप तथा फेसबुक में मौजूद ग्रुप के एडमीन को सख्त निर्देश देते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कोई भी ग्रुप या पेज किसी विशेष पार्टी या प्रत्याशी पर फोकस करता हुआ पाया जाना पेड न्यूज है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चुनावी प्रचार में धर्म, संप्रदाय,क्षेत्र और जाति के नाम पर मतदाताओं को रिझाने वाले प्रत्याशियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने एमसीएमसी के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि विधानसभावार सोशल मीडिया पर नजर रखे साथ ही जो व्यक्ति किसी प्रत्याशी या पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहा हो या विपक्षी पार्टी के ऊपर आपत्तिजनक चीजें लिख रहा हो या कोई वीडियो शेयर कर रहा हो तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करें.
चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी विधानसभा क्षेत्रों में अभ्यर्थियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले विज्ञापनों का जिला स्तर पर एमसीएमसी कमेटी से प्री सर्टिफिकेशन करवाना अनिवार्य है. राजनीतिक दलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर विज्ञापन के प्रकाशन प्रसारण के लिए राज्य स्तर पर भी प्री सर्टिफिकेशन लेना जरूरी है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मतदान के 24 घंटे पूर्व टीवी रेडियो, प्रिंट मीडिया अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चुनाव संबंधित जारी होने वाले विज्ञापन को MCMC से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा बल्क एसएमएस के लिए भी राज्य स्तर पर स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा. इन प्रावधानों को नहीं माने जाने की स्थिति में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा. इसका उल्लंघन किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के अलावा जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आंनद,गणेश लाल अग्रवाल विद्यालय के व्याख्याता नरेंद्र कुमार सिंह, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अजित तिवारी, बिजय ठाकुर एसएमपीओ भास्कर कुमार एवं आकाशवाणी से अनीता तिर्की मौजूद थे.
उन्होंने यूट्यूब के स्थानीय चैनलों पर प्रसारित हो रही खबरों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि चुनाव से संबंधित पेड या संदेहास्पद न्यूज प्रकाशित और प्रसारित होने की रिपोर्ट MCMC कोषांग मीडिया कोषांग को अग्रसारित करें.
पेड न्यूज के संबंध में उन्होंने कहा कि एक ही खबर विभिन्न अखबारों में अलग-अलग एंगल से छपती है तो वह पेड न्यूज़ की श्रेणी में आएगा. साथ ही दो से तीन दिनों के भीतर वह खबर दो अखबारों में एक ही तथ्य के साथ प्रकाशित होता है, तो वह पेड न्यूज की श्रेणी में आएगा. इसके अलावा कोई भी खबर एक पार्टी या प्रत्याशी विशेष का गुणगान करता हुआ प्रकाशित हुई हो, तो वह भी पेड न्यूज भी श्रेणी में आता है. उन्होंने ने प्रत्याशियों की सोशल मीडिया एकाउंट पर भी नजर रखने का निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी प्रत्याशी अपने सोशल मीडिया एकाउंट से दूसरे पार्टी या प्रत्याशी पर आक्षेप कर रहा हो, तो वह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा. वाट्सेप तथा फेसबुक में मौजूद ग्रुप के एडमीन को सख्त निर्देश देते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि कोई भी ग्रुप या पेज किसी विशेष पार्टी या प्रत्याशी पर फोकस करता हुआ पाया जाना पेड न्यूज है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चुनावी प्रचार में धर्म, संप्रदाय,क्षेत्र और जाति के नाम पर मतदाताओं को रिझाने वाले प्रत्याशियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने एमसीएमसी के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि विधानसभावार सोशल मीडिया पर नजर रखे साथ ही जो व्यक्ति किसी प्रत्याशी या पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहा हो या विपक्षी पार्टी के ऊपर आपत्तिजनक चीजें लिख रहा हो या कोई वीडियो शेयर कर रहा हो तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करें.
विज्ञापनों का जिला स्तर पर प्री सर्टिफिकेशन अनिवार्य
चुनाव संबंधित पुस्तिका एवं बैनर, पंपलेट पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम एवं मुद्रित पत्रों की संख्या रहना अनिवार्य
उन्होंने MCMC के सदस्यों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में चुनाव संबंधित छपने वाले पंपलेट पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम, प्रकाशक का नाम एवं पता एवं मुद्रित प्रतियोगी संख्या आदि का अंकन अनिवार्य है. इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है अगर कोई इसका उल्लंघन करता पाया गया तो वह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा ऐसे प्रिंटिंग प्रेस के संचालकों पर RP एक्ट कि धारा 127 ए तहत कार्रवाई की जाएगी.इसके अलावा उन्होंने कहा कि मतदान के 24 घंटे पूर्व टीवी रेडियो, प्रिंट मीडिया अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चुनाव संबंधित जारी होने वाले विज्ञापन को MCMC से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा. इसके अलावा बल्क एसएमएस के लिए भी राज्य स्तर पर स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा. इन प्रावधानों को नहीं माने जाने की स्थिति में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा. इसका उल्लंघन किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के अलावा जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आंनद,गणेश लाल अग्रवाल विद्यालय के व्याख्याता नरेंद्र कुमार सिंह, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अजित तिवारी, बिजय ठाकुर एसएमपीओ भास्कर कुमार एवं आकाशवाणी से अनीता तिर्की मौजूद थे.


