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सोशल मीडिया यूजर्स रहें सावधान, चुनाव के दौरान सभी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रहेगी पैनी नजर

Social media users should be careful. during the election, all types of social media platforms will be monitored closely

05 November 2019

/ by Uday Bharat


पलामू : झारखंड विधानसभा चुनाव के घोषणा होने के साथ ही पलामू में भी आदर्श आचार संहिता लागू है. लोकसभा चुनाव के तर्ज पर इस बार के चुनाव में भी निर्वाचन आयोग द्वारा  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रख जारहा है. इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि ने जिले के सोशल मीडिया यूजर्स के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं. उन्होंने जारी अपने दिशा निर्देश में कहा कि आज के युग में हमारे जीवन में सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान एक साथ एक समय पर कई लोगों के साथ स्थापित किया जा सकता है और इसी का दुरुपयोग सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों या राजनीतिक दल के समर्थकों द्वारा सबसे अधिक किया जाता है.


आपके द्वारा मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने वाले वायरल पोस्ट्स पर विशेष नजर


चुनाव के दौरान सोशल साइट्स पर राजनीतिक पार्टी और प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार-प्रसार के लिए कई तरीकों से मतदाताओं को रिझाने के प्रयास किये जाते हैं. साथ ही अन्य विपक्षी दलों व प्रत्याशियों के लिए दुष्प्रचार का माध्यम भी बनाया जाता है. वायरल मेसेजेस मतदाता प्रभावित होते हैं. ऐसे मेसेजेस को हवा देने वालों पर अब जिला निर्वाचन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निरन्तर निगरानी हेतु जिले के एमसीएमसी व मीडिया कोषांग सक्रिय


राजनीतिक दल अपना झूठा प्रोपेगेंडा या फिर पेड न्यूज़ प्रचारित करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी. इस पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी का गठन किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अगर कोई व्यक्ति किसी पार्टी या नेता के पक्ष में दुष्प्रचार करता पाया गया तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कई बार किसी विशेष राजनीतिक दल के समर्थक विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यमों से किसी पार्टी विशेष या प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव रुझान डालकर वायरल कर दिया जाता है. ऐसे व्हाट्स ग्रुप को चिन्हित कर कार्रवाई किया जाएगा. उन्होंने एमसीएमसी के सदस्यों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन, पेड न्यूज़ और मीडिया द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही.

उन्होंने सभी सोशल मीडिया यूजर्स को कोई भी अनावश्यक मैसेज ना फॉरवर्ड करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, टि्वटर, एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से अगर कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल के लिए चुनावी सम्भावनाएं तैयार करने के लिए प्रयासरत हैं तो एक बार दोबारा विचार करें और मैसेज विचार करने के पश्चात ही फॉरवर्ड करें.
ऐसे वाट्सएप ग्रूप को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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