पलामू : सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर ने मासूम की जान ले ली. इतना ही नही झोलाछाप डॉक्टर ने परिजनों को डरा-धमका कर मृत किशोर का दाह-संस्कार भी करा दिया. मृतक किशोर विश्रामपुर थाना क्षेत्र के झरहा गांव का रहने वाला था.
मिली जानकारी के अनुसार झरहा गांव निवासी उमेश साव का 11 वर्षीय बेटे की तबियत बीती रात अचानक खराब हो गयी. उसके पेट मे तेज दर्द हो रहा था. परिजन पिंटू को ब्रह्मौरिया चौक पर स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर सुजीत गुप्ता के किलनिक में ले गये. जहां सुजीत गुप्ता ने पिंटू को एक इक्जेक्शन दिया. इक्जेक्शन लगने के बाद पिंटू की तबियत और बिगड़ने लगी. देखते ही देखते वह पिता के गोद मे ही दम तोड़ दिया.
किलिनीक पर हंगामा न हो इसके लिये डॉक्टर सुजीत गुप्ता ने रात में ही पिंटू का शव खुद जाकर उसके घर पहुंचाया. सुबह में पिंटू के परिजनों को डरा-धमका कर शव का दाह-संस्कार भी करा दिया. इधर झरहा के ग्रामीणों की माने तो पिंटू के परिवार वाले अत्यंत गरीब है और सुजीत गुप्ता ने कुछ पैसे उन्हें क्रियाकर्म हेतु देने का वादा किया. जिसके लालच में भी पिंटू के परिजन पड़ गये. और इस घटना की लिखित शिकायत कही भी नही की. घटना के बाद से मृतक किशोर के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
घटना के बारे में पूछे जाने पर डॉक्टर सुजीत कुमार ने अपने आप को निर्दोष बताते हुये कहा कि बच्चे की स्थिति बहुत गम्भीर थी. हमने सिर्फ उसे 'डाइलोना' का इक्जेक्शन देकर मेदिनीनगर ले जाने को कहा. लेकिन तबतक उसकी मौत हो गयी. परिजनों को परेशानी न हो इस लिये मृतक के शव को घर तक पहुंचाया.

