रांची: झारखंड में छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट के निर्णय के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है. सरकारी आदेश के अनुसार 21 परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है, जबकि 19 परीक्षाओं की जांच कराने का आदेश दिया गया है.
अधिसूचना में 2013 से अब तक आयोजित विभिन्न परीक्षाओं और नियुक्तियों की जांच का भी निर्देश दिया गया है. आदेश के मुताबिक TDPL के माध्यम से ली गई परीक्षा को रद्द किया गया है. वहीं, अन्य परीक्षाओं में अनियमितता की जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है.
कई महत्वपूर्ण भर्तियां जांच के दायरे में
सरकार के आदेश में अलग-अलग वर्षों में आयोजित कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है. इनमें सिविल सर्विस परीक्षा, सिविल जज, फूड सेफ्टी ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, असिस्टेंट इंजीनियर, डेंटल डॉक्टर और कृषि विभाग से संबंधित नियुक्तियां शामिल हैं.
खास बात यह है कि जांच का दायरा केवल हाल की नियुक्तियों तक सीमित नहीं है. सरकार ने 2013 से 2022 तक की कई पुरानी भर्तियों को भी जांच के दायरे में रखा है. इससे माना जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी.
JPSC-JSSC को लेकर भी बड़ा फैसला
सरकारी आदेश में JPSC और JSSC से जुड़े मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं. लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए Fast Track Court के गठन की दिशा में कदम उठाने की बात कही गई है। इसके लिए सरकार हाईकोर्ट से अनुरोध करेगी.
इसके अलावा JPSC-JSSC में सुधार (Reform) को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने का उल्लेख आदेश में किया गया है. सरकार के इस फैसले से भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

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