रांची: 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर सेटिंग के मामले में CID की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम को CID ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से करीब 48 घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सिंडीकेट की कड़ी जोड़ने में जुटी CID
राज्य सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच का जिम्मा CID को सौंपा है। इसके बाद CID की स्पेशल टीम पूरे सिंडीकेट को डिकोड करने में जुटी है। जांच के दौरान अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें तत्कालीन पदाधिकारियों से लेकर परीक्षा में सेटिंग कराने वाले कथित बिचौलिए तक शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर CID लगातार आगे की कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है और अब जांच की कड़ी अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम तक पहुंची है।
नौकरी बेचने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश
CID का फोकस कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में सेटिंग किस स्तर तक हुई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
CID की कोशिश इस सिंडीकेट में शामिल नौकरी के नाम पर सौदेबाजी करने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर उसे तोड़ा जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां और कार्रवाई होने की संभावना है।

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