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CM हेमंत सोरेन कर रहे ED के सवालों का सामना, सड़कों पर डटे हैं समर्थक और सीएम आवास में जुटी है विधायकों की टोली

CM Hemant Soren is facing ED's questions, supporters are on the streets and a group of MLAs is busy in CM's residence

17 November 2022

/ by Uday Bharat


रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरूवार को ईडी दफ्तर में पेश हुए. एक ओर जहां मुख्यमंत्री ईडी के सवालों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ झामुमो के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए हैं. रांची की सड़क पर हर तरफ झामुमो कार्यकर्ता दिख रहे है. सुबह से ही मोरहाबादी मैदान में कार्यकर्ताओं का जुटान शुरू हुआ. झारखंड के सभी जिलों से JMM के लोग रांची पहुंचे. कार्यकर्ताओं के हाथ में स्लोगन लिखी तख्ती भी देखी गई. झामुमो कार्यकर्ता अपने नेता के लिए आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है.वहीं केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की जा रही है.


CM आवास  में मौजूद है UPA के तमाम विधायक 

इन सब के बीच UPA के तमाम विधायक और मंत्री CM आवास  में मौजूद है. किसी तरह की भी स्तिथि से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार है. UPA की ओर से एक दिन पूर्व हुई बैठक में रणनीति बना ली गयी है. अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर किसी तरह की कार्रवाई होती है. तो ऐसी स्तिथि में सरकार बचाना बेहद अहम हो जाएगा. इन्हीं कारणों से सभी विधायकों को भी CM आवास में ही रहने की हिदायत दी गई है.

मुख्यमंत्री को ईडी के समन का कारण

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के पीछे का कारण उनके ही विधायक प्रतिनिधि है. बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा पर अवैध खनन का आरोप लगा,इसके बाद ED इस अवैध खनन की जांच का जिम्मा लेते हुए जांच शुरू किया. जांच के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी चली. इस छापेमारी में CM का चेक और बैंक पासबुक ED को पंकज मिश्रा के पास से मिला.इसके बाद ही मुख्यमंत्री को समन भेजा गया है. सूत्रों की माने तो साहेबगंज में हुई अवैध खनन मामले में ED ने एक लंबे सवालों की लिस्ट तैयार किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ सिर्फ आज ही नहीं आगे भी चल सकती है.

पेशी से पहले सीएम ने की प्रेस वार्ता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ED दफ्तर जाने के पूर्व एक प्रेस वार्ता किया ,प्रेस वार्ता में उन्होंने ED के समन पर सवाल उठाया है. हेमंत सोरेन ने फिर एक बार दोहराया कि कुछ सडयंत्रकारी पनडुब्बी सरकार को अस्थिर करने के लिए तरह तरह के एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है. समन ऐसे भेजा जा रहा है जैसे हम देश छोड़ कर भागने वाले है. इस दौरान हेमन्त सोरेन ने भाजपा के कार्यकाल में हुए भर्ष्टाचार पर भी सवाल उठाया कहा कि उस वक्त के तमाम लोगों पर जांच रोक दी जाती है. जब झारखंड के आदिवासी मूलवासी का भला हो रहा है यह लोगों को देखा नहीं जा रहा है.

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