RANCHI : कोरोना महामारी के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के बेरोजगारी कि समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार के तरफ से बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला में पंचायत व ब्लॉक लेवल पर कमेटी गठित की गयी है.
यह कमेटी बाहर से आए प्रवासी मजदूरों का डेटाबेस तैयार करेगी. जिससे यह जानकारी मिलती रहे कि कितने मजदूर बाहर से आये हैं और पंचायत में पहुंचे हैं. मामले कि जानकारी डीडीसी अनन्य मित्तल ने शनिवार को दी. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री की दो महत्वकांक्षी योजनाएं बिरसा हरित ग्राम योजना तथा नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है.
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पौधरोपण का कार्य किया जाना है. जिसके लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में 1400 एकड़ भूमि का चयन भी कर लिया है. इधर 2500 प्रवासी मजदूरों का लेबर रजिस्ट्रेशन भी कर लिया गया है.
भविष्य में इसी आधार पर उन्हें रोजगार दिया जायेगा. प्रत्येक प्रखंड में बनाये गये शेल्टर होम डीडीसी ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में बॉर्डर शेल्टर होम बनाये गये हैं. विभिन्न जिला में जानेवाले प्रवासी शेल्टर होम में रह सकते हैं. बस से जाने और मेडिकल स्क्रीनिंग की प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं होती, तब तक इन शेल्टर होम में उनके रहने व खाने आदि की व्यवस्था की गयी है.

