DESK: कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है. पुलिस और प्रशासन लोगों से कोरोना के बचाव को लेकर लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करने की अपील कर रहे है. लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है.
लॉकडाउन के उल्लंघन को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों और पुलिस-प्रशासन के बीच झड़प के मामले भी सामने आ रहे है. ताजा मामला झारखंड की राजधानी रांची से सामने आई है. जहां पिछले दो दिनों से बवाल मचा हुआ है.
रांची के रेडजोन इलाका हिंदपीढ़ी के थर्ड स्ट्रीट इलाके में शनिवार रात सीआरपीएफ-पुलिस जवानों व स्थानीय लोगों के बीच हुआ विवाद अभी शांत ही हुआ था कि रविवार सुबह दोबारा हिंदपीढ़ी में लॉकडाउन उल्लंघन पर बवाल हो गया.
मोती मस्जिद के पास रविवार सुबह सीआरपीएफ व पुलिस जवान फ्लैग मार्च कर रहे थे. इसी दौरान कुछ महिलाएं व पुरुष लॉकडाउन का उल्लंघन कर घरों से बाहर निकले हुए थे. जवानों ने इन लोगों को घरों में जाने को कहा तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया. देखते ही देखते वहां भीड़ इकट्ठी हो गई और विवाद बढ़ गया. लोगों के पत्थरबाजी करने की सूचना पर कोतवाली डीएसपी अजीत कुमार विमल भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. हंगामा करने वालों में कुछ उपद्रवियों ने डीएसपी पर भी हमला कर दिया. हमले में पत्थरों से डीएसपी को भी चोट आई और पुलिस की जिप्सी भी क्षतिग्रस्त हो गई. मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने के बाद ही स्थिति नियंत्रित की जा सकी.
रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने भी रविवार सुबह की घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. शनिवार रात व रविवार सुबह हुए बवाल पर पुलिस ने 4 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है. उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि सीआरपीएफ जवानों ने पानी भर रही महिलाओं और बुजुर्गों पर लाठियां भांजी, जिसकी वजह से विवाद शुरू हुआ.

