DESK: कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने देश के सभी जिलों को तीन भागों में बांटा है. जिन जिलों से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा आ रही है उसे रेड जोन, संदिग्ध मरीज पाये जाने जिलों को ऑरेंज जोन और जहां एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिले है उसे ग्रीन जोन बनाया है.
झारखंड के रेड जोन में अब बोकारो के बाद राजधानी रांची को शामिल किया गया है. वहीं राज्य के तीन जिले हजारीबाग, गिरिडीह और सिमडेगा ऑरेज जोन में है. इन जिलों को हॉट स्पॉट तो नहीं, लेकिन हॉट स्पॉट बनने की आशंका है. वहीं बाकी जिले अभी ग्रीन जोन में है.
रेड जोन में शामिल किये जाने के बाद राजधानी रांची और बोकारो जिले को ऑरेंज जोन में और हजारीबाग को ऑरेंज से ग्रीन जोन में लाने के लिए वृहद पैमाने पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
रेड जोन वाले इलाकों में घर-घर सर्वे कर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी. सर्वे के दौरन सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार वाले मरीजों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा.
वहीं हॉट स्पॉट से सटे एरिया को बफर जोन घोषित किया गया है. बफर जोन में स्वास्थ्य विभाग की स्पेशल टीम अभियान चलाकर एक्टिव केस की तलाश करेगी. इस इलाके से लोगों का सैंपल लिया जाएगा और उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा.
बता दें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक जिन रेड जोन इलाकों में 28 दिनों के भीतर कोई कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं पाया किया जाएगा, उन्हें ग्रीन जोन माना जाएगा। इसी तरह जिन ऑरेंज जोन में 14 दिनों तक कोई मामला सामने नहीं आएगा, उसे ग्रीन जोन में शामिल किया जाएगा.
ग्रीन जोन में भी कोरोना पर नजर रखने का फैसला किया गया है. ग्रीन जोन वाले इनफ्लुएंजा या सांस से संबंधित बीमारी से गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा.

