DESK: भारत में गर्मी ने दस्तक दे दी है, और अब धीरे-धीरे जवान भी होने लगी है. दिन का तापमान औसत 35 डिग्री से ऊपर चला गया है तो क्या कोरोनावायरस का खतरा कम हो गया?या फिर जोरदार गर्मी पड़ने के साथ ही कोरोना वायरस का खात्मा तय है. विशेषज्ञों ने इससे संबंधित रिपोर्ट बना दी है. आखित उस रिपोर्ट में है क्या ?क्या ज्यादा तापमान पर सॉर्स सिओवी-2 के जिंदा रहने की संभावना कम होती है, पढिये खुलासा करती विशेषज्ञों की रिपोर्ट.
रिपोर्ट क्या कहती है?
भारत में गर्मी के मौसम के दस्तक के बाद लोगों के दिलों में यह उम्मीद जगी है कि मौसम में पनपने वाला कोरोना वायरस गर्मी आते ही समाप्त हो जाएगा या फिर उसका असर कम जाएगा. राष्ट्रीय विज्ञान अभियांत्रिकी एवं आयुर्विज्ञान अकादमी की रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया है कि पर्यावरण के तापमान, नमी और किसी व्यक्ति के शरीर के बाहर वायरस के जिंदा रहने के कई कारक हैं, जो मनुष्यों के बीच संक्रमण की दर को प्रभावित तथा निर्धारित करते हैं.
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7 अप्रैल को आई है रिपोर्ट
7 अप्रैल को तैयार त्वरित विशेषज्ञ परामर्श रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य है की साइंटिफिक आधार पर इस वायरस के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराना. विशेषज्ञों की माने तो अब तक जो प्रयोगशाला में प्रयोग के दौरान देखा गया है उसके अनुसार तापमान और तापमान संवेदनशीलता में भिन्नता पर सॉर्स सिओवी-2 के जिंदा रहने की संभावना कम होती है. वही इसके जिंदा रहने की संभावना उस सतह पर भी डिपेंड करता है जिस पर वायरस मौजूद है.

