UB DESK : मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने बुधवार को दो मामलों में साढ़े पांच-साढे़ पांच साल कैद की सजा सुनाई. प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा सरगना को टेरर फंडिंग के दो मामलों में लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत ने सजा सुनाई है. दोनों ही मामलों में साढ़े पांच-साढे़ पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है जो साथ-साथ चलेगी। उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
हाफिज के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं. हाफिज पर यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पर FATF की काली सूची में शामिल होने का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है जो पिछले 11 सालों से ज्यादा वक्त से हाफिज को कानून के कठघरे में खड़ा करने की लड़ाई लड़ रहा है. इधर, आतंकवाद के जनक के तौर पर दुनिया में बदनाम पाकिस्तान को डर इस बात का है कि अगर उसे एफएटीएफ की काली सूची में शामिल किया जाता है तो उसकी डूब रही अर्थव्यवस्था को उबारना और भी मुश्किल हो जाएगा.
भारत को मिला अमेरिका का साथ
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में समय-समय पर पाक में पल रहे आतंक की बातें जोर-शोर से उठाई है. इसमें अमेरिका का भी पूरा साथ मिलता रहा है जिसने हाल ही में जमात-उद-दावा चीफ हाफिज के खिलाफ मुकदमा तेज करने की अपील की थी. दिसंबर में हाफिज और उसके तीन करीबी सहयोगियों- हाफिज अब्दुल सलाम बिन मुहम्मद, मुहम्मद अशरफ और जफर इकबाल के खिलाफ आरोप तय किए गए थे जिसका अमेरिका ने स्वागत किया था.
तब अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स ने कहा था, 'हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह आतंकवाद के वित्त पोषण को बंद करने और 26/11 जैसे आतंकवादी हमलों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार पूर्ण रूप से मुकदमा चलाए और तेजी से सुनवाई करें.'
FATF से डरा पाक
गौरतलब है कि आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में डाल दिया है और उसपर काली सूची में जाने का खतरा मंडरा रहा था. उसे चेतावनी दी गई थी कि यदि फरवरी तक आतंकवाद के वित्तपोषण पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा. उसके बाद से ही पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने हाफिज की नकेल कसने शुरू की थी. हालांकि, हाल ही में एफएटीएप ने पाक को बड़ी राहत देते हुए आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए उसकी ओर से किए गए प्रयासों पर संतोष जताया है. ऐसे में संभावना है कि पाकिस्तान अगले महीने ग्रे लिस्ट से बाहर आ सकता है. हाफिज के खिलाफ आज आया कोर्ट का फैसला उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.
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उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लश्कर के 10 आतंकियों ने हमला था जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 लोग घायल हो गए थे. उस दिन मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन, मुंबई के आलीशान ताज महल और ट्राइडेंड होटल सहित कई इलाके को निशाना बनाया गया था. मरने वालों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे. इस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट कर दिया था और उसपर इनाम घोषित किया था.

