नई दिल्ली: निर्भया की मां आशा देवी ने महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भैयाना के साथ मिलकर पटयाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया. निर्भया की मां की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए. आशा देवी ने कहा कि न्यायाधीश दोषियों को फांसी देने की तारीख तय नहीं करना चाहती और उन्हें समर्थन दे रही है. मैं सुप्रीम कोर्ट से डेथ वारंट जारी करने की अपील करती हूं क्योंकि पटियाला हाउस कोर्ट नए सिरे से डेथ वारंट जारी करने के मूड में नहीं है.
अदालत ने दिया ये जवाब
दरअसल बुधवार को दिल्ली की अदालत ने दोषी पवन गुप्ता को कानूनी मदद देने की पेशकश की जिसने कहा था कि उसके पास वकील नहीं है. अदालत ने चार दोषियों के खिलाफ फिर से मृत्यु वारंट जारी करने के अनुरोध वाली याचिकाओं की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित की. डीएलएसए ने पवन के पिता को वकील चुनने के लिए अपने पैनल में शामिल अधिवक्ताओं की एक सूची उपलब्ध कराई. अदालत ने कहा कि कोई भी दोषी अपनी अंतिम सांस तक कानूनी सहायता पाने का हकदार है.
फूट-फूट कर रो पड़ी निर्भया की मांइससे पहले हुई सुनवाई के दौरान निर्भया की मां आशा देवी कोर्ट में फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने कोर्ट से कहा कि मेरे अधिकारों का क्या? मैं भी इंसान हूं, मुझे सात साल हो गए, मैं हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगा रही हूं. कृप्या दोषियों को डेथ वारंट जारी करें.'Delhi: Parents of 2012 gang-rape victim and women rights activist Yogita Bhayana stage demonstration outside Patiala House Court, demanding hanging of convicts. pic.twitter.com/s9xRqExNx4— ANI (@ANI) February 12, 2020
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दोषियों को दे दिए गए हैं नोटिसनिर्भया केस की सुनवाई शुरू हुई तो सरकारी वकील पीपी इरफान अहमद ने कोर्ट में कहा कि सभी दोषियों को नोटिस दे दिए गए हैं. हालांकि इसी बीच दोषियों के वकील एपी सिंह ने पवन का नोटिस स्वीकार करने से मना किया है क्योंकि अब वह पवन का केस नहीं लड़ रहे हैं. इस पर जज ने कहा कि तब तो हमें पवन के लिए दूसरे वकील की व्यवस्था करनी पड़ेगी.

