UB DESK : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने पूर्व सीएम रघुवर दास के महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को बंद करेगी. वहीं इस मद में खर्च होने वाली राशि से राज्य के किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा. हेमंत सरकार के इस फैसले का किसानों ने स्वागत किया है.
हेमंत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के कृषि विभाग के बजट में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके अनुसार रघुवर सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को बंद किया जाएगा और इस योजना मद में खर्च होने वाली राशि का उपयोग किसानों की कर्जमाफी में किया जाएगा.
सरकार में शामिल कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे का कहना है कि गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सरकार किसानों की कर्जमाफी के लिए प्रस्ताव तैयार की है. इससे राज्य में किसानों की आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी.
गौरतलब है कि विधान सभा चुनाव के दौरान गठबंधन दलों (जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी) ने अपने घोषणा पत्रों में किसानों की कर्जमाफी का वादा किया था. इसके लिए आने वाले वित्तीय वर्ष में करीब दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा.
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बता दें मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये दी जाती है. अधिकतम पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिलता है. इसके तहत किसानों को दो-दो किस्त में राशि दी गई है. जबकि अंतिम किस्त के लिए सूची तैयार है. इस पर सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च आने वाले हैं, लेकिन हेमंत सरकार अब इस रुपये को किसानों की कर्जमाफी में इस्तेमाल करेगी.

