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PM मोदी बोले- दिन साल महीने बदल जाते..लेकिन देशवासियों का उत्‍साह कम नहीं पड़ता

PM Modi said - Days change month by month ... But the enthusiasm of the countrymen does not diminish.

26 January 2020

/ by Uday Bharat

UB DESK: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश के युवाओं की तुलना ऊर्जा और गतिशीलता के साथ की. उन्होंने 21वीं सदी की युवा पीढ़ी का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के युवा काफी मेधावी हैं और इस पीढ़ी को वंशवाद और जातिवाद के विचारों से नफरत है.

पीएम मोदी ने कहा, मेरे प्यारे देश वासियों आज 26 जनवरी है. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं. यह इस साल और दशक का पहला कार्यक्रम है. आज गणतंत्र दिवस की वजह से समय बदलना पड़ा. दिन बदलते हैं समय बदलते हैं, साल बदल जाते हैं, लेकिन भारत के लोगों का उत्साह, हम भी कम नहीं, हम भी कर सकते हैं, देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना मजबूत होती जाती है. मन की बात कार्यक्रम में हम एक बार फिर एकत्रित हुए हैं. मन की बात लर्निंग, शेयरिंग का अच्छा प्लैटफॉर्म बन गया है.
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पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई सालों में हमने कई संकल्प लिए होंगे, जैसे सिंगल यूज प्लास्टिक, बेटी बजाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कई संकल्प हमने लिए है. हमें बिहार से शैलेष जी का खत मिला है. उन्होंने कहा कि आप मन की बात में कई अपील करते हैं. मैंने लोगों के घरों से सर्दी के कपड़े एकत्रित करके बांटने का संकल्प लिया. मैंने एक मन की बात चार्टर बनाने का संकल्प लिया है. क्या आप इस पर हस्ताक्षर करेंगे. मैं जब इसे पढ़ रहा था तो मुझे आश्चर्य हुआ. इसमें अनगिनत मुद्दों की चर्चा और हैशटैग है.

पीएम मोदी ने कहा- दोस्तों परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं. देश का युवा आत्मविश्वास से बढ़ा हुआ है. एक तरफ परीक्षाएं और दूसरी तरफ सर्दी. थोड़ा बहुत एक्साइरसाइज जरूर करें. आजकल फिट इंडिया को लेकर काफी प्रयास दिख रहे हैं. फिट इंडिया स्कूल की मुहिम भी रंग ला रही है. 65 हजार स्कूल आवेदन करके सर्टिफिकेट हासिल कर चुके हैं. मैं सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि वे दैनिक जीवन में व्यायाम को जरूर शामिल करें.


उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए कई व्यापक प्रयास देश के कई कोने में चल रहे हैं. पिछले मानसून में शुरू किया गया जल संरक्षण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है. इसमें समाज के हर वर्ग ने अपना योगदान दिया. राजस्थान में लोगों ने बावलियों को साफ किया. किसी ने श्रमदान किया तो किसी ने धन का दान. कुछ ऐसी ही कहानी यूपी के बाराबंकी की है. यहां लोगों ने झील को नया जीवन दिया. एक के बाद एक कई गांव जुड़ते चले गए. अब झील पानी से लबालब है. उत्तराखंड के अल्मोड़ा से भी ऐसी ही कहानी है. एक किलोमीटर दूर तक पाइप बिछाकर दो दशक पुरानी समस्या को दूर किया गया. देशभर में जलसंरक्षण से जुड़ी ऐसी अनगिनत कहानियां हैं. जल संरक्षण पर किए जा रहे कार्यों को जरूर शेयर करें.
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