मेरठ: निर्भया के हत्यारों को फांसी पर टांगने के लिए लिए गुरुवार को पवन जल्लाद तिहाड़ जेल पहुंच जाएगा. अब तक पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया में अगर कोई बदलाव नहीं हुआ तो, एक फरवरी को सुबह छह बजे चारों मुजरिम फांसी के फंदे पर लटका दिए जाएंगे. मंगलवार को तिहाड़ में बंद चारों मुजरिमों के रिश्तेदार भी उनसे मिलने पहुंचे. हालांकि जेल प्रशासन इसे आखिर मुलाकात नहीं मान रहा.
निर्भया के हत्यारों को फांसी कौन देगा? डेथ वॉरंट जारी होने के बाद से ही तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने यह यक्ष प्रश्न खड़ा था. इसका माकूल जबाब दिया उत्तर प्रदेश जेल महानिदेशालय ने. दिल्ली से सटे यूपी के मेरठ में रह रहे पवन जल्लाद के नाम पर अंतिम मुहर लगाकर. मंगलवार रात आईएएनएस से बात करते हुए तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने इसकी पुष्टि की.
संदीप गोयल ने कहा,‘गुरुवार को सुबह पवन (जल्लाद) को मेरठ से तिहाड़ जेल ले आया जाएगा. सुरक्षा के मद्देनजर यह नहीं बताया जा सकता है कि पवन को कहां रखा जाएगा? हालांकि यह तय है कि पवन को दिल्ली पहुंचते ही सबसे पहले तिहाड़ जेल में स्थित फांसी घर में पहुंचाया जाएगा. ताकि वह इस बात से मुतमईन हो सके कि तिहाड़ जेल ने मुजरिमों को लटकवाने के लिए फांसी घर में जो इंतजाम किये हैं, वे दुरुस्त हैं.’
गुरुवार को तिहाड़ जेल ही मेरठ से पवन जल्लाद को लाने का इंतजाम करेगा. पवन जल्लाद मेरठ से दिल्ली किस रास्ते से किस वक्त और किसकी सुरक्षा में लाया जाएगा? इन तमाम सवालों का जबाब देने से, तिहाड़ जेल महानिदेशक ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर मना कर दिया. हालांकि दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि पवन जल्लाद को तिहाड़ जेल की मजबूत और बेहद सुरक्षित जेल-वैन में लाने के लिए कम से कम 15 से 20 हथियारबंद पुलिसकर्मी (दिल्ली पुलिस तीसरी वाहनी के जवान) जाएंगे.
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जल्लाद को दिल्ली किस रास्ते से लाया जाएगा यह भी तय हो चुका है. हालांकि यह रास्ता ऐन टाइम पर बदले जाने की पूरी-पूरी संभावना है. इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि पवन जल्लाद को लाने के लिए दिल्ली पुलिस तीसरी वाहनी के साथ तिहाड़ की सुरक्षा में लगी तमिलनाडु स्पेशल पुलिस फोर्स के जवान भी भेज दिए जाएं.

