नई दिल्ली: अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर को लेकर केंद्र सरकार जल्द ही ट्रस्ट को लेकर घोषणा कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, एक हफ्ते के भीतर ही राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा हो जाएगी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई मियाद 9 फरवरी को खत्म हो रही है, ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्र सरकार उससे पहले ही ट्रस्ट की घोषणा कर देगा. पहले इस ट्रस्ट के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा, जहां ट्रस्ट का संविधान और उसके सदस्य का खाका पेश किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रस्ट की घोषणा के साथ मस्जिद के लिए भी तीन जमीन के प्लाट का भी प्रस्ताव कैबिनेट में अप्रूवल के लिए रखा जाएगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड को तय करना होगा कि तीनों जमीनों में से किसी एक जगह को वह चुने. सुप्रीम कोर्ट के मंदिर पर आए फैसले के बाद पिछले ढाई महीन में सरकार वीएचपी, राम जन्मभूमि न्यास, सुन्नी वक्फ बोर्ड समेत सारे पक्षकारों से राय ले चुकी है, जिनका जिक्र सुप्रीम कोर्ट के फैसले में है.
सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रस्ट में अयोध्या से करीब 11 सदस्य हो सकते हैं, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और दिगंबर निर्वाणी अखाड़ा के महंत सुरेश दास शामली हो सकते हैं. इसके अलावा ट्रस्ट में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अयोध्या के जिलाधिकारी (डीएम) को भी जगह मिल सकती है.
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बता दें कि राम मंदिर के पक्ष में नौ नवंबर को आए फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में मंदिर निर्माण के लिए नए ट्रस्ट गठन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को सौंपी थीं. जिसके लिए तीन माह का समय भी दिया था.

