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बेहमई नरसंहार: आज आ सकता है फैसला, 39 साल पहले बैंडिट क्वीन फूलन देवी ने की थी 20 लोगों की हत्या

Behmai massacre: Today can be decided, 39 years ago Bandit Queen Phoolan Devi murdered 20 people

06 January 2020

/ by Uday Bharat

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के बेहमई गांव में 39 साल पहले हुए देश के सबसे बड़े नरसंहार मामले में सोमवार को फैसला आ सकता है. 39 साल पहले बैंडिट क्वीन फूलन देवी ने डकैतों के साथ मिलकर 20 लोगों को गोलियों से भुनकर उनकी हत्या कर दी थी. इस मामले में माती जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है.


  16 आरोपितों की हो चुकी है मौत
बेहमई नरसंहार मामले में 23 आरोपितों में फूलन देवी समेत 16 की मौत हो चुकी है. तीन आरोपित भीखा, विश्वनाथ और श्यामबाबू जमानत पर बाहर हैं, जबकि पोसा जेल में बंद है. वहीं, जालौन जिले के तीन आरोपित मान सिंह, रामकेश व विश्वनाथ उर्फ अशोक फरार चल रहे हैं.

26 लोगों को गोलियों से भूना था
दरअसल, 14 फरवरी 1981 को कानपुर देहात के बेहमई गांव में बैंडिट क्वीन फूलन देवी, राम औतार, बाबा मुस्तकीम और लल्लू गैंग ने 26 लोगों को एक लाइन में खड़ाकर गोलियों से भून दिया था. इस हत्याकांड में 20 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 6 एनी घायल हो गए थे. पुलिस ने गैंग के चारों सरगना व सदस्यों को मिलाकर 23 लोगों को आरोपित बनाया था. इसे भी पढ़े: ईरान की मस्जिद पर लहराया लाल झंडा, यु्द्ध का ऐलान?

2012 में शुरू हुआ ट्रायल
आरोपितों द्वारा पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से केस की सुनवाई में वक्त लगा. इसी दौरान मुख्य आरोपित फूलन देवी को 1993 में तत्कालीन सरकार ने जनहित में आरोप मुक्त कर रिहा करने के आदेश दिए थे. मामले में 2012 में ट्रायल शुरू हुआ.सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित दस्यु सुंदरी फूलन देवी, जालौन के कोटा कुठौंद के राम औतार, गुलौली कालपी के मुस्तकीम, महदेवा कालपी के बलराम, टिकरी के मोती, चुर्खी के वृंदावन, कदौली के राम प्रकाश, गौहानी सिकंदरा के रामपाल, बिरही कालपी के लल्लू बघेल व बलवान, कालपी के लल्लू यादव, कोंच के रामशंकर, डकोर कालपी के जग्गन उर्फ जागेश्वर, मेतीपुर कुठौद के प्रेम, धरिया मंगलपुर के नंदा उर्फ माया मल्लाह व राम सिंह की मौत हो चुकी है.
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