रांची: झारखंड में आज तय होना है कि सीएम रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी अपनी सत्ता बरकरार रख पाती है या फिर बाजी पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की अगुआई वाले महागठबंधन के हाथ लगती है. 81 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 41 सीटों की दरकार है. सिर्फ 6-7 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में सूबे में बीजेपी ने 50 प्रतिशत वोट हासिल किए थे और एक सीट को छोड़कर राज्य की सभी सीटों पर कब्जा किया था. अगर इस आंकड़े को देखें तो बीजेपी का रास्ता आसान होना चाहिए लेकिन हकीकत ऐसी नहीं है. राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोटिंग का अलग-अलग पैटर्न बीजेपी के खिलाफ जाता है.
पढ़े: मंत्री की धमकी, एयरपोर्ट से नहीं निकल पाएंगे अमित शाह साल 2000 में वजूद में आने के बाद से ही झारखंड राजनीतिक अस्थिरता का दूसरा नाम रहा है. 19 सालों के राज्य के इतिहास में रघुवर दास इकलौते ऐसे सीएम रहे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किय. इस बार ज्यादातर एग्जिट पोल्स में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान लगाया गया है. आइए एक नजर डालते हैं पिछले चुनाव में पार्टियों के प्रदर्शन पर.

