झारखंड की सबसे कम उम्र की MLA
बड़कागांव सीट से अम्बा प्रसाद ने चुनाव में जीत दर्ज की है. मात्र 27 साल की उम्र में उन्होंने आजसू के रोशनलाल चौधरी को 30,140 मतों से हरा कर जीत दर्ज की. अम्बा ने बैचलर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के बाद ह्यूमन रिसोर्सेज में MBA और लॉ की भी पढ़ाई की है. 2014 में अम्बा दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रही थीं. तभी उन्हें पता चला कि उनके पिता की तबीयत ख़राब हो गई है. वहां से बड़कागांव आईं, फिर दिल्ली नहीं लौटीं.
पिता पर रंगदारी मांगने का आरोप
आपको बता दें कि जिस बड़कागांव सीट पर अम्बा प्रसाद ने जीत दर्ज की है वहां से उनके पिता योंगेंद्र साव ने 2009 में चुनाव जीता है. वहीं उनके जेल जाने के बाद 2014 में अम्बा की मां निर्मला देवी ने इस सीट पर चुनाव जीता था. योगेंद्र साव पर करीब 24 मुक़दमे दर्ज हैं. वो रामगढ़ स्पंज आयरन फैक्ट्री से रंगदारी मांगने के दोषी पाए गए थे. झारखंड हाईकोर्ट ने सज़ा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा को बरकरार रखा.
जबरन गांव वालों ने मां को पुलिस कस्टडी से छुड़ाया था
बताया जाता है कि अम्बा प्रसाद के पिता योगेन्द्र साव और मां निर्मला देवी 2016 में हुए कफ़न आंदोलन के बाद चर्चा में आए थे. दरअसल, NTPC ने माइनिंग के लिए किसानों की जमीन ली थी, जिसका लोग बेहतर मुआवजा मांग रहे थे. इस दौरान प्रोटेस्ट हिंसक हो उठा और पुलिस फायरिंग में चार लोग मारे गए. झारखंड में लोग इसे बड़कागांव गोलीकांड के नाम से जानते हैं. इस मामले के बाद निर्मला देवी को गिरफ्तार किया गया. लेकिन जबरन घुसकर गांववालों ने उन्हें पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया. इसके बाद जब मामले की सुनवाई शुरू हुई तो निर्मला देवी को तड़ीपार कर दिया गया. ताकि वो मुक़दमे पर कोई असर न डाल सकें.

