चतरा। चतरा शहर में जमीन विवाद को लेकर न्यायालय के आदेश पर दखल-कब्जा कराने पहुंची कोर्ट टीम और पुलिस बल के सामने बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली. महिला को बचाने के प्रयास में एक एएसआई भी झुलस गए. घटना में महिला रीना देवी, उनके बेटे धीरज कुमार और पुलिसकर्मी एएसआई प्रवीण सिंह के झुलसने की सूचना है.
घटना के बाद तीनों को तत्काल चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद रीना देवी और उनके बेटे धीरज कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया. वहीं, एएसआई प्रवीण सिंह का इलाज सदर अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है
लंबे समय से चल रहा था जमीन विवाद
जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन को लेकर रीना देवी के पक्ष और विजय अग्रवाल के बीच लंबे समय से न्यायालय में मामला चल रहा था. कोर्ट टीम के अनुसार, वर्ष 1988 में विजय अग्रवाल और तारा देवी के पक्ष से संबंधित मुकदमा न्यायालय में दायर किया गया था, जिसमें विजय अग्रवाल के पक्ष में डिग्री हुई थी.
इसके बाद वर्ष 2006 में तारा देवी ने मामले को अपील में चुनौती दी, लेकिन वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद न्यायालय की ओर से विजय अग्रवाल को संबंधित जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया गया.
इसी आदेश के अनुपालन में बुधवार को मजिस्ट्रेट, न्यायालय की टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने की कार्रवाई शुरू की गई थी.
कार्रवाई के दौरान बढ़ा विवाद
कोर्ट टीम के मुताबिक, जैसे ही न्यायालय के आदेश के तहत जमीन को कब्जामुक्त कराकर दखल-कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई, दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान महिला ने पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया. उसे बचाने के प्रयास में एएसआई प्रवीण सिंह भी झुलस गए.
वहीं, घटनाक्रम को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि करन यादव ने रीना देवी पर पेट्रोल डाला और उनके बेटे राज कसेरा ने कथित तौर पर माचिस जला दी. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
कोर्ट टीम और पुलिस ने क्या कहा?
न्यायालय की टीम के सदस्य गंगाधर जय ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दखल-कब्जे की कार्रवाई की जा रही थी. उनके अनुसार, आदेश के मुताबिक संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कराया गया और इसके बाद दखल-कब्जा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी.
वहीं, एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि मजिस्ट्रेट और कोर्ट टीम की मौजूदगी में न्यायालय के आदेश के तहत दखल-कब्जे की कार्रवाई चल रही थी. इसी दौरान दूसरे पक्ष की ओर से कार्रवाई रोकने का प्रयास किया गया. एसडीपीओ के अनुसार, इसी दौरान महिला ने पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसमें पुलिसकर्मी भी झुलस गए.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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