DESK: कोरोना वायरस को लेकर देश के लिए एक गंभीर खबर सामने आई है. इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च ने अपने ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. जिन जिलों में इस तरह के मरीज ज्यादा देखने को मिल रहे हैं वहां और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
बता दें कोरोना के खतरे को लेकर ICMR ने जब 14 मार्च को अपनी रिपोर्ट दी थी तब उसने कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे को पूरी तरह से नकार दिया था, लेकिन अब जो रिपोर्ट सौंपी गई है उसमें कम्युनिटी ट्रांसमिसन से मामला बढ़ने की बात की गई है.
दरअसल कोरोना वायरस का असर अब भारत में तेजी से देखने को मिल रहा है. भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 6412 हो गई है, जबकि 199 लोगों की मौत हो चुकी है. इन सबके बीच इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने देश को भयानक खतरे के संकेत दिए हैं. हाल के कुछ हफ्तों में ICMR की ओर से देशभर के अलग-अलग जिलों से लिए गए कोरोना वायरस मरीजों के नमूनों और उनकी केस हिस्ट्री की जानकारी में जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.
इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) की टीम ने 15 फरवरी और 2 अप्रैल के बीच कोविड-19 से संक्रमित 5,911 मरीजों की जांच की. इसमें से 104 मरीजों कोरोना पॉजिटिव पाए गए. ये सभी मरीज 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशा के 52 जिलों से थे. जांच में इन पॉजिटिव मरीजों में से 40 मरीजों ने कभी विदेश यात्रा नहीं की और न ही इनका संबंध कभी किसी विदेशी यात्री से रहा.15 राज्यों के 36 जिलों में ऐसे मरीजों में कोरोना का संक्रमण देखने को मिला जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी.
गुजरात में 792 गंभीर रूप से बीमार लोगों की जांच की गई. इनमें से 13 मामले कोरोना पॉजिटिव पाए गए. तमिलनाडु में 577 मरीजों की जांच की गई जिसमें से 5 मरीजों में कोविड-19 सक्रिय था. महाराष्ट्र में 553 मरीजों में से 21 में कोरोना पॉजिटिव पाया गया. इसी तरह केरल 502 मरीजों में 1 मरीज करोना पॉजिटिव मिला.
लेकिन अचानक से अब कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ी बढ़ोत्तरी हो रही है.

