DESK : दुनिया भर में कोरोना तेजी से लोगों को अपने जद में लेता जा रहा है. अमेरिका में कोरोना ने तबाही मचा दी है. वहीं भारत में भी कोरोना तेजी से फैल रहा है. कोरोना के इस खौफ के बीच एक अच्छी खबर भी आई है.
कोरोना वायरस के भयावह दौर के बीच एक राहत देने वाली खबर आई है. कोरोना वायरस से संक्रमित पांच गंभीर मरीजों का इलाज खून से किया गया है. ये खून उन मरीजों का था जो पहले कोरोना वायरस से संक्रमित थे. इलाज के इस तरीके को चीन के अस्पताल में अपनाया गया. तीन मरीजों को अस्पताल से वापस भेज दिया गया है. दो अब भी अस्पताल में है, लेकिन पहले से बहुत ज्यादा बेहतर हालत में.
चीन के द शेनझेन थर्ड पीपुल्स हॉस्पिटल ने अपने इलाज के इस तरीके की रिपोर्ट 27 मार्च को प्रकाशित की थी. अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जिन पांच मरीजों का इलाज पुराने कोरोना मरीजों के खून से किया गया था, वो 36 से 73 साल के बीच थे.
वैज्ञानिक पुराने मरीजों के खून से नए मरीजों का इलाज करने की तकनीक को कोवैलेसेंट प्लाज्मा कहते हैं. इससे कई बीमारियों को ठीक किया जा चुका है. इससे नए मरीजों के खून में पुराने ठीक हो चुके मरीज का खून डालकर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाती है.

