UB DESK : सरकारी फाइलों में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया. लेकिन आज भी जिले में तकरीबन 30 हजार घर ऐसे है जिसमें शौचालय नहीं है और उनमें रहनेवाले लोग खुले में शौच को मजबूर है. मामला झारखंड के धनबाद जिले की है.
दरअसल धनबाद जिले के डीसी ने जिले के सभी बीडीओ और मुखिया को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने क्षेत्र की पूर्ण स्वच्छता रिपोर्ट दें. इसके लिए उन्होंने 31 जनवरी आखिरी तिथि तय की थी. साथ ही, जिलेभर के उन लोगों से शौचालय निर्माण के लिए आवेदन मांगा गया था, जो अब भी खुले में शौच के लिए मजबू हैं.
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शौचलाय निर्माण के लिए जो आवेदन आए हैं वह बहुत ही चौकानें वाला है. अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के तरीबन 20 हजार और नगर निगम क्षेत्र के करीब 10 हजार लोगों ने अपने घरों में शौचालय निर्माण के लिए आवेदन दिया है.
इधर पेजयल एवं स्वच्छता विभाग धनबाद प्रमंडल-1 के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मार्च तक नए आवेदकों के शौचालय बनवा देने का लक्ष्य रखा गया है.
गौरतलब है कि पेजयल एवं स्वच्छता विभाग के मुताबिक, धनबाद जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को ओडीएफ बनाने के लिए कुल 1,87,200 शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया था. विभाग के मुताबिक लक्ष्य से अधिक 1,96,646 शौचालय बनाए जा चुके हैं. लक्ष्य पूरा होने की विभाग की रिपोर्ट के आधार पर धनबाद जिले को पूर्ण रूप से ओडीएफ जिला घोषित किया गया था.

