फरीदाबाद : खेल-खेल में बच्चे कई बार बड़ी लापरवाही कर जाते हैं. इससे उनकी जान पर भी बन आती है. पिछले सप्ताह ऐसा ही एक मामला सामने आया था. एक बच्चा खेलते-खेलते छोटे खिलौने में इस्तेमाल होने वाला एलईडी बल्ब निगल गया. वह सांस की नील व फेफड़े के बीच में फंस गया. डॉक्टरों की टीम ने कड़ी मेहनत कर बिना ऑपरेशन कर बल्ब को बाहर निकाल कर उसकी जान बचाई.
सेक्टर 62 के आशियाना फ्लैट में रहने वाले प्रमोद कुमार ने बताया कि 10 दिन पहले उनका भांजा अभिषेक (10) खेल रहा था. कुछ देर बाद उसने तेज खांसी, गले व छाती में दर्द की शिकायत की. इस पर खांसी की दवा दी, लेकिन आराम नहीं हुआ. बच्चे को इतनी परेशानी क्यों हो रही थी, यह बात समझ में नहीं आ रही थी. बच्चा भी कुछ नहीं बता पा रहा था. इसके बाद उसे सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया. वहां पर सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा मेहंदीरत्ता व उनकी टीम ने बच्चे की जांच की. एक्सरे करने पर पता चला कि सांस की नली व फेफड़े के पास कुछ चीज फंसी है. डॉक्टरों को भी समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या चीज है.
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डॉ. मनीषा ने बताया कि इस तरह की चीजों को बाहर निकलने के लिए आमतौर पर सर्जरी की जाती है. इस केस में बच्चे की कम उम्र को देखते हुए उसे हल्का बेहोश किया गया. इसके बाद आधुनिक तरीका अपनाते हुए एक उपकरण मुंह के रास्ते अंदर डाला गया. उससे फेफड़े के पास फंसी हुई चीज को बाहर निकला गया. बाहर निकलने के बाद जांच की गई तो पता चला कि यह एक छोडा एलईडी बल्ब है, जो खिलौने में इस्तेमाल होता है. डॉक्टरों के अनुसार बच्चा खेलते समय इसे निगल गया होगा और वह पेट की नली में न जाकर सांस की नली के रास्ते फेफड़े तक पहुंच गया.

