रांची: झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल मरांडी जनमत का अपमान कर भाजपा विधायक दल का नेता बन गये हैं. अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि जिन सवालों को लेकर जनता के बीच गये थे, उसकी जांच की मांग को सदन में उठायेंगे. यह सर्वविदित है कि बाबूलाल मरांडी ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाये थे. हाइकोर्ट निर्माण की गड़बड़ी पर सवाल उठाते हुए पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगाया था.
मॉब लिंचिंग के आरोपी का तत्कालीन केंद्रीय मंत्री की ओर से स्वागत करने की भर्त्सना की थी. रैयतों की जमीन छीन कर अडानी पावर को देने का आरोप लगाते हुए आंदोलन किया था. अपने मुख्यमंत्रित्व काल में 1932 के खतियान को लागू करने की वकालत की थी. इन सवालों पर बाबूलाल को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
यह भी बताना चाहिए कि क्या स्थानीय नीति का कट ऑफ डेट 1985 होना चाहिए या 1932? श्री भट्टाचार्य सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भाजपा को अपना पाप ढोने के लिए बाहर से नेता लाना पड़ा है. बाबूलाल जबरदस्ती भाजपा को आत्मसात कर रहे हैं.
बाबूलाल के बयान : ट्विटर पर चल रही है हेमंत सरकार पर टिप्पणी करते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2014 से ही भाजपा की केंद्र सरकार ट्विटर पर चल रही है. केंद्रीय नेता ट्विटर पर आदेश देते हैं. लेकिन अब जब हेमंत सरकार आम लोगों के ट्वीट पर कार्रवाई कर रही है, तो उन्हें खुजली हो रही है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे पर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप के दौरे को इवेंट बना दिया है.
बाबूलाल जिन सवालों को लेकर जनता में गये, उसे सदन में उठायें
जेपीएससी छात्रों की मांग पर मुख्यमंत्री गंभीर
छठी जेपीएससी की परीक्षा को रद्द करने को लेकर छात्रों की ओर से उठाये जा रहे सवाल पर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री गंभीर हैं. सरकार इस मामले को संवेदना के साथ देख रही है. त्रुटि में सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अगर हर बार प्रक्रिया को रोक दिया जायेगा, तो यह कभी पूरा ही नहीं होगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मोह भंग करते हुए हारे हुए विधायक व मंत्रियों को आवास खाली कर देना चाहिए.

