लोहरदगा: जिले में सोमवार को पांचवें दिन भी कर्फ्यू जारी है. कॉलेज और स्कूलें 27 जनवरी को भी बंद हैं. सुरक्षाबल लगातार ड्रोन से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. साथ ही फ्लैग मार्च भी किए जा रहे हैं. हालांकि, सुबह तकरीबन दस से लेकर बारह बजे तक दो घंटे के लिए कर्फ्यू में छूट दी गई. इस दौरान लोगों ने जरूरत के सामानों की खरीदारी की. इस दौरान एक साथ चार लोगों से अधिक को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी गई.
पटरी पर लौट रहा जनजीवन
इस बीच जिले की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. जनजीवन वापस पटरी पर लौट रहा है. बीते 23 जनवरी को लोहरदगा के अमलाटोली में उपद्रवियों ने सीएए के समर्थन में जुलूस पर पत्थरबाजी की थी, जिसके बाद शहर में जमकर बवाल मचा था. बाद में स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया. आईजी और डीआईजी स्तर के पुलिस पदाधिकारी शहर में कैंप कर रहे हैं और प्रतिदिन स्थिति को लेकर समीक्षा कर रहे हैं. इस मामले में एसआईटी जांच जारी है.
फंसे लोग पहुंचे घर
कर्फ्यू की वजह से विभिन्न जगहों पर फंसे 400 लोगों को जिला प्रशासन ने उनके घरों तक पहुंचाया है. ऐसे लोगों के लिए जिल प्रशासन ने वाट्सएप और फोन नम्बर जारी किए हैं. साथ ही 100 नम्बर पर डायल कर लोग मदद ले सकते हैं. हेसल स्कूल में फंसी शिक्षिका पुष्पा लकड़ा तीन दिन बाद प्रशासन की पहल पर घर पहुंच सकीं. इससे पहले रविवार को गणतंत्र दिवस मनाने के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी. लोहरदगा के कुड़ू, किस्को, भंडरा, कैरो और पेशरार प्रखंड में दो घंटे की छूट में लोगों ने जरूरी सामानों की खरीदारी की थी.

