नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे से रिटर्निंग अफसर के दफ्तर में नामांकन दाखिल करने का इंतजार कर रहे केजरीवाल ने आखिरकार अपना पर्चा भर दिया है. केजरीवाल को नामांकन भरने में सात घंटे का समय लगा.
नामांकन दाखिल करने के दौरान केजरीवाल के माता-पिता वहां मौजूद थे. नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन केजरीवाल मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे के लगभग रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर जामनगर हाउस पहुंचे थे. केजरीवाल ने ट्वीट कर बताया कि वो नामांकन दाखिल करने के लिए इंतजार कर रहे हैं, उन्हें टोकन नंबर 45 दिया गया है. इसके चंद घंटे बाद फिर उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वो अभी भी इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इसमें मजा आ रहा है. दरअसल केजरीवाल से पहले बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे.Delhi CM and AAP candidate from New Delhi constituency, Arvind Kejriwal leaves from the office of the Returning Officer after filing his nomination for #DelhiElections2020 pic.twitter.com/HHwtytm1qD— ANI (@ANI) January 21, 2020
बता दें कि केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट (New Delhi Assembly Seat) से लगातार तीसरी बार अपना पर्चा भरा है. वर्ष 2014 और 2015 में भी उन्होंने यहां से चुनाव लड़ा था. 2014 में उन्होंने दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस की उम्मीदवार शीला दीक्षित को यहां से हराया था. तब किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि केजरीवाल हैवीवेट माने जानी वाली शीला दीक्षित पर भारी पड़ जाएंगे.Around 35 candidates sitting at RO office with CM, without proper nomination papers , without even 10 proposers. They r calling their proposers on phone to come.— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) January 21, 2020
They r insisting unless their papers r complete and they file Nomination, they won't allow CM to file Nomination.
केजरीवाल के सामने बीजेपी-कांग्रेस के कमजोर उम्मीदवार मैदान में!नई दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बीजेपी ने सुनील यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है. जबकि कांग्रेस ने केजरीवाल के मुकाबले में रोमेश सभरवाल को यहां से चुनाव में उतारा है. कहा जा रहा है कि केजरीवाल जैसे मजबूत उम्मीदवार के आगे बीजेपी और कांग्रेस के कैंडिडेट अपेक्षाकृत कमजोर हैं.
बता दें कि दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए आठ फरवरी को वोटिंग है. वहीं इसके तीन दिन बाद 11 फरवरी को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे. दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 फरवरी को खत्म हो रहा है. इसलिए नियमानुसार इससे पहले तक चुनाव कराकर नई विधानसभा का गठन कर लेना है.

