LATEHAR : मनिका प्रखंड में शनिवार को आयोजित
जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास जैसे ही भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे, तभी एक शख़्स पंहुचा और झारखण्ड राज्य गठन के पूर्व नक्सली हिंसा में मारे गये लोगों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग करते हुए हाथो में बैनर लेकर प्रदर्शन करने लगा.
उस युवक के हाथ में एक बैनर था जिसमें साफ़ साफ़ लिखा था कि "झारखंड अलग होने के बाद उग्रवाद प्रभावित लोगों को अनुकंपा पर नौकरी मिला. लेकिन 15 नवंबर 2001 से पहले उग्रवादी हिंसा में मारे गये लोगों के परिवार को नौकरी क्यों नहीं मिला".
उस युवक के हाथ में एक बैनर था जिसमें साफ़ साफ़ लिखा था कि "झारखंड अलग होने के बाद उग्रवाद प्रभावित लोगों को अनुकंपा पर नौकरी मिला. लेकिन 15 नवंबर 2001 से पहले उग्रवादी हिंसा में मारे गये लोगों के परिवार को नौकरी क्यों नहीं मिला".
सीएम ने भाषण बीच में रोका
प्रदर्शन को देख. पुलिस वालों ने युवक से कागज में लिखा बैनर छीन कर उसे लिखित रूप से आवेदन देने को कहा. किन्तु युवक पुलिस वालों से अपना बैनर वापस करने की मांग पर अड़ा रहा.
जब युवक को उसका बैनर वापस नहीं मिला तो दूसरा बैनर बनाकर पुनः प्रदर्शन करने लगा. इस मामले में पुलिस से उसकी झड़प होने लगी. प्रत्यक्ष रूप से देख मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपना भाषण बीच में स्थगित किया और पुलिसवालों से कहा कि छोड़ दो, उसे करने दो. फोटो खिंचवाने के लिए वो सब कर रहा है. कार्यक्रम के अंत तक युवक अपना बैनर ले कर खड़ा रहा लेकिन किसी ने उसकी शिकायत नहीं सुनी.

