पटना : राजधानी में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर रोक लगाने के लिए पटना नगर निगम जल्द अभियान शुरू करेगा. गाजियाबाद की एजेंसी भारतीय पशु चिकित्सालय एवं पेट केयर के साथ समझौता करने जा रही है. एजेंसी गलियों में घूमने वाले नर कुत्तों की नसबंदी और मादा कुत्तों का बंध्याकरण करेगी. ऑपरेशन के बाद उन्हें एंटी रेबीज के टीके भी लगाए जाएंगे.
इस संबंध में कामकाज की शर्तों और नियमों को लेकर एक एजेंसी और पटना नगर निगम के बीच कई दौर की वार्ता के बाद सहमति बन गई है. दोनों पक्षों के बीच जल्द करार होगा और एजेंसी द्वारा हफ्तेभर में कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
गाजियाबाद की एजेंसी से हुआ करार
इस अभियान के लिए गाजियाबाद के भारतीय पशु चिकित्सालय एवं पेट केयर का चयन किया गया है. एजेंसी रोस्टर तैयार कर सभी 75 वार्डों से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी/बंध्याकरण यानी animal birth control और anti-rabies vaccination करेगी.
एजेंसी को करनी होगी कुत्तों की देखभाल
अनुबंध के अनुसार ऑपरेशन के बाद नर कुत्तों की कम से कम 4-5 दिन और मादाओं की 5-7 दिन तक देखभाल करनी होगी. उसके बाद उन्हें उसी इलाके में पहुंचाना होगा जहां से उन्हें उठाया गया था. कुत्तों को ऑपरेशन के उपरांत उनके इलाके में छोड़ने से पहले कान पर खास निशान बनाना होगा. ताकि भविष्य में कोई भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो.
सभी कुत्तों का रखा जाएगा रिकॉर्ड
एजेंसी द्वारा उन सभी कुत्तों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा जिन्हें अभियान के अंतर्गत उठाया गया होगा. जिनका ऑपरेशन किया गया एवं जिन्हें वापस इलाकों में रिलीज कर दिया गया. पटना नगर निगम द्वारा वक्त-वक्त पर इसकी जांच की जाती रहेगी. साथ ही एजेंसी को आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्या से जुड़ी शिकायतों के लिए 24 घंटे हेलपलाइन नंबर लॉन्च करना होगा. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी को अभियान से जुड़ी हर जानकारी ऐप के माध्यम से सार्वजनिक करनी होगी.
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PMC करेगी ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था
पटना नगर निगम द्वारा अभियान के अंतर्गत कुत्तों के रख-रखाव एवं ऑपरेशन हेतु व्यवस्था की गई है. ऑपरेशन थियेटर के सभी उपकरण एवं कुत्तों को पकड़ने हेतु वैन का प्रबंध भी पटना नगर निगम द्वारा किया गया है.

