रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा की सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट को लेकर कांग्रेस और अन्य दल अल्पसंख्यकों के बीच में भ्रम फैला रहे हैं. उन्होंने कहा की कांग्रेस के तुष्टिकरण की राजनीति का यह नया स्वरूप है. अल्पसंख्यकों को समझना चाहिए की इस संशोधन में उनके ख़िलाफ़ कुछ नहीं है.
नागरिकता संशोधन कानून 2019 के संशोधन में सेक्शन 2 के सब सेक्शन(1) के क्लॉज़ (B) में केवल एक प्रावधान को जोड़ा गया है. कोई भी व्यक्ति अगर वह हिंदू , बौद्ध ,जैन पारसी, और क्रिश्चियन कम्युनिटी से आता है और अगर वह अफगानिस्तान , बांग्लादेश या पाकिस्तान से भारत में 1 दिसंबर 2014 को या उससे पहले आ गया है तो उसे भारत में गैरकानूनी घुसपैठिए के रूप में नहीं माना जाएगा. प्रतुल ने कहा की संशोधन के नए सेक्शन 6B में यह जोड़ा गया है की नागरिकता संशोधन एक्ट 2019 के प्रभाव में आने के बाद अगर ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही चल रही होगी तो केंद्र सरकार उस पर आगे कार्रवाई नहीं करेगी.
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प्रतुल ने कहा कि एनआरसी बिल्कुल दूसरा मुद्दा है और यह जब पूरे देश में लागू होगा तो इससे भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों को उनका वाजिब हक मिलेगा. एनआरसी के जरिए बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हो पाएगी जो भारत के अल्पसंख्यकों का हक मार रहे हैं. सरकार के द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के बड़े हिस्से का लाभ वर्तमान में यही बंगलादेशी घुसपैठिये उठा रहे हैं.

