रांची : मतदान को लेकर चुनाव आयोग से ने बड़े पैमाने
पर जागरूकता अभियान चलाया फिर भी इसका असर शहरी वोटरों पर नहीं हुआ. दूसरी
ओर कई ऐसे भी लोग थे, जिन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, बावजूद उन्होंने
लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेकर मिसाल कायम की. इनमें सिल्ली की मीना
देवी व रांची के लेक रोड निवासी कन्हैया सिंह शामिल हैं. मीना देवी के पति
त्रिलोचन कालिंदी की मौत गुरुवार को ही सुबह करीब दस बजे हुई. पति का
पार्थिव शरीर एक ओर दरवाजे पर रखा था, और मीना देवी मतदान करने बूथ पर
गयी.
मीना ने बताया कि सुबह उसके पति त्रिलोचन कालिंदी ने कहा था कि वोट
करने चलना है, जल्द तैयार हो. करीब पौने दस बजे दोनों बूथ पर जाने के लिए
तैयार हुए. इसी दौरान पति की तबीयत खराब हुई और उनका निधन हो गया. पति का
अंतिम इच्छा मैंने मतदान कर पूरी की. इधर, कन्हैया िसंह के पिता का दो दिन
पहले ही निधन हुआ था. पिता को मुखाग्नि देनेवाले कन्हैया भी उतरी पहने हुए
मतदान करने पहुंचे. उन्होंने वोट देकर मिसाल कायम की.
ऐसे ही जज्बे की दूसरी कहानी सिल्ली के नीतीश कुमार की है. गुरुवार को ही उनकी शादी थी. अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर नीतीश शादी के रस्मों के बीच समय निकाल कर लुपुंग मतदान केंद्र वोट देने पहुंचे.


