लेटेस्ट

Latest

दुष्कर्म पर मौत की सजा, 'दिशा' बिल पारित, 21 दिनों में पूरी होगी सुनवाई

Death sentence for rape, 'Disha' bill passed, hearing to be completed in 21 days

14 December 2019

/ by Uday Bharat

अमरावती : आंध्रप्रदेश विधानसभा ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन के लिए शुक्रवार को एक विधेयक पारित कर दिया. इस संशोधन के माध्यम से प्रावधान किया गया है महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, खास कर यौन अपराधों के मामलों की तेजी से जांच और सुनवाई होगी और दोषी को मौत की सजा दी जा सकेगी.

प्रस्तावित नये कानून का नाम ‘आंध्र प्रदेश दिशा अधिनियम आपराधिक कानून (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 2019' रखा गया है. हाल ही में पड़ोसी राज्य तेलंगाना में एक पशु चिकित्सक से बलात्कार के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया था. यह विधेयक पीड़िता को दी गयी श्रद्धांजलि है. गृह राज्य मंत्री एम सुचरिता ने यह विधेयक विधानसभा में पेश किया, जिसे सत्तारूढ़ पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने ‘क्रांतिकारी' बताया. नये कानून के तहत यौन अपराध के मामलों की जांच दर्ज होने के सात कामकाजी दिन के भीतर पूरी होगी और आरोपपत्र दाखिल किये जाने के 14 कामकाजी दिन के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करनी होगी. नये कानून के तहत दी गयी सजा के खिलाफ अपील का निपटारा छह महीने के भीतर करना होगा.

आईपीसी में तीन नयी धाराएं 354 ई, 354 एफ और 354 जी शामिल की जायेंगी. इन धाराओं के तहत क्रमश: महिलाओं के उत्पीड़न, बच्चों के यौन उत्पीड़न और बच्चों पर बढ़ रहे यौन हमले की व्याख्या की गयी है. विधानसभा ने एक और विधेयक पारित किया जिसके तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन होगा. प्रस्तावित नये कानून के जरिये महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की तेजी से सुनवाई के लिए प्रत्येक जिले में एक या अधिक विशेष अदालतों का गठन हो सकेगा. इन अपराधों की जांच के लिए उपाधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम बनाने का भी अधिकार होगा.
Don't Miss
© all rights reserved
made with by templateszoo