अमरावती : आंध्रप्रदेश विधानसभा ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) में संशोधन के लिए शुक्रवार को एक विधेयक पारित कर दिया. इस संशोधन के माध्यम से प्रावधान किया गया है महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, खास कर यौन अपराधों के मामलों की तेजी से जांच और सुनवाई होगी और दोषी को मौत की सजा दी जा सकेगी.
प्रस्तावित नये कानून का नाम ‘आंध्र प्रदेश दिशा अधिनियम आपराधिक कानून (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 2019' रखा गया है. हाल ही में पड़ोसी राज्य तेलंगाना में एक पशु चिकित्सक से बलात्कार के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया था. यह विधेयक पीड़िता को दी गयी श्रद्धांजलि है. गृह राज्य मंत्री एम सुचरिता ने यह विधेयक विधानसभा में पेश किया, जिसे सत्तारूढ़ पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने ‘क्रांतिकारी' बताया. नये कानून के तहत यौन अपराध के मामलों की जांच दर्ज होने के सात कामकाजी दिन के भीतर पूरी होगी और आरोपपत्र दाखिल किये जाने के 14 कामकाजी दिन के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करनी होगी. नये कानून के तहत दी गयी सजा के खिलाफ अपील का निपटारा छह महीने के भीतर करना होगा.

