ठंड....ठंड का नाम सुनते ही मानव शरीर के अंदर से सिहरन सी होने लगती है. अक्टूबर मध्य तक पलामू मे ठंड दस्तक दे देती है. बरसात का मौसम समाप्त होते ही ठंड का आरंभ होने लगता है प्रारंभ में तापमान धीरे-धीरे कम होता है तदुपरांत दिसंबर और जनवरी पहुंचते तक हड्डी को कंपाने वाली ठंड महसूस होती है.
अगर हम पलामू की बात करें तो तो यहां ठंड थोड़ा देर से आता है और जल्दी चला जाता है तात्पर्य यह है कि लगभग 2 महीने ही पलामू में ठंड पड़ती हैं.
पलामू की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार है कि यहां ठंड कम पड़ती है क्योंकि उत्तर में हिमालय के होने से पलामू ही नही वरण पूरे झारखंड और बिहार में ठंड कम पड़ती है, लोग सुबह बिस्तर छोड़कर अपने दैनिक क्रियाकलाप को निपटाने के बाद जल्दी-जल्दी छत पर पहुँच जाते हैं मानो उन्हें सूरज की किरणों का बहुत दिनों से इंतजार हो, तात्पर्य यह है कि गर्मी के दिनों में जिस सूर्य की किरणे से उन्हें दिक्कत महसूस होती है वहीं सूरज की किरण ठंड के दिनों में सुखद एहसास देती है.
सुबह धूप के साथ ही सभी चहक उठते हैं और खुश हो जाते हैं ठंड के दिनों में प्राय सूर्योदय भी थोड़ी देर से तथा सूर्यास्त पहले होता है ठंड के दिन में लोग स्वेटर, जैकेट, शॉल, कंबल आदि से अपने आप को गर्म रखने की हर संभव कोशिश करते हैं,| ठंड के दिनों में छात्र-छात्राएं भी शुभ बिस्तर में लिपटे हुए ही पढ़ना पसंद करते हैं, एक सामान्य व्यक्ति भी हर संभव कोशिश करता है कि वह बिना किसी काम से बाहर न जाएं और बिस्तर में ही लेटे रहे.
पलामू में प्रायः लोग ठंड के दिनों में चाय के चुस्कियों साथ तले हुए चीजें खाना पसंद करते हैं. इस मौसम में मेहमान नवाजी के दौरान चाय ही परोसा जाता है. पलामू के लोग ही नहीं सभी लोग ठंड के मौसम को पसंद करते हैं क्योंकि इस मौसम में शरीर पूरी तरह से ढका होता है और उनका चेहरा भरा भरा सा दिखता है अतः हम कह सकते हैं कि ठंड का मौसम एक सुखद खुशनुमा एहसास देता है. ठंड के मौसम में पलामू मेअमरुद प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
प्रतिकार्थ यह हैं किहै कि ठंड का मौसम पसंदीदा मौसम है लोग अगले वर्ष तक इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं परंतु पलामू मे अधिक कुहासा पड़ने के कारण कभी कभी सड़क दुर्घटनाएं ट्रेन दुर्घटनाए घटित हो जाती है अतः सभी से अनुरोध है इस ठंड के मौसम मे अपने आप को हरसंभव ढकने की कोशिश करें गर्म रखने की कोशिश करें और बीमारियों से बचे.
आनंद कुमार
छात्र, अर्थशास्त्र विभाग
नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय


